Saturday, August 13, 2022

अक्षय तृतीया: लॉकडाउन पर भारी पड़ा बच्चों का उत्साह.. चुलमाटी, बारात, फेरों के साथ रचाई गुड्डे गुड़िया की शादी..

बिलासपुर– अक्षय तृतीया पर शुभ मुहूर्त पर हर साल सैकड़ों शादियां होती थी, हर तरफ बाजे-गाजे के साथ बारात नजर आती थी, बाजार गुलजार रहते थे.. लेकिन इस साल कोरोना वायरस के चलते सबकुछ लॉकडाउन.. न बैंड-डीजे की धुन पर थिरकते बाराती, आतिशबाजी.. न की परघनी.. न झुंड में चुलमाटी के लिए जाते लोग.. न बाजारों में रौनक..

इस साल अक्षय तृतीया पर हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा.. बिलासपुर जिले में तो आज टोटल लॉकडाउन होने की वजह से लोग घरों में ही रहे।

गुड्डे-गुड़िया की शादी करने बच्चों में उत्साह

हालांकि इस बीच बच्चों का उत्साह जरूर दिखा, और उनके साथ परिवार के बड़े लोग भी इस साल अपना बचपना याद कर गुड्डे गुड़िया की शादी रचाई। सुबह बाकायदा मंडप सजाया गया। तेल माटी, चुलमाटी, बाराती-परघनी, सातफेरा, टिकावन और विदाई की परंपरा का निर्वाह किया गया। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए परिवारजन व मुहल्ले वासी भी पहुंचे, और दूह्ला-दुह्लन (गुड्डे-गुड़िया) को पीले चावल का तिलक लगाते हुए टिकावन भेंट किया। चहकते बच्चों ने उन्हें मिठाई खिलाई।

GiONews Team
Editor In Chief

21 COMMENTS

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बिलासपुर– अक्षय तृतीया पर शुभ मुहूर्त पर हर साल सैकड़ों शादियां होती थी, हर तरफ बाजे-गाजे के साथ बारात नजर आती थी, बाजार गुलजार रहते थे.. लेकिन इस साल कोरोना वायरस के चलते सबकुछ लॉकडाउन.. न बैंड-डीजे की धुन पर थिरकते बाराती, आतिशबाजी.. न की परघनी.. न झुंड में चुलमाटी के लिए जाते लोग.. न बाजारों में रौनक..

इस साल अक्षय तृतीया पर हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा.. बिलासपुर जिले में तो आज टोटल लॉकडाउन होने की वजह से लोग घरों में ही रहे।

गुड्डे-गुड़िया की शादी करने बच्चों में उत्साह

हालांकि इस बीच बच्चों का उत्साह जरूर दिखा, और उनके साथ परिवार के बड़े लोग भी इस साल अपना बचपना याद कर गुड्डे गुड़िया की शादी रचाई। सुबह बाकायदा मंडप सजाया गया। तेल माटी, चुलमाटी, बाराती-परघनी, सातफेरा, टिकावन और विदाई की परंपरा का निर्वाह किया गया। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए परिवारजन व मुहल्ले वासी भी पहुंचे, और दूह्ला-दुह्लन (गुड्डे-गुड़िया) को पीले चावल का तिलक लगाते हुए टिकावन भेंट किया। चहकते बच्चों ने उन्हें मिठाई खिलाई।