Monday, September 26, 2022

अटल ने भाजपा पर साधा निशाना.. गरीब, मजदूर, शराब जैसे मुद्दों पर दिखावे का आरोप..

बिलासपुर– मजदूरों की घर वापसी और शराब के मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। इन्हीं मुद्दों पर पीसीसी के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और सांसद अरुण साव को आड़े हाथों लेते हुए जमकर सवाल दागे हैं।

अटल ने कहा, छतीसगढ़ के मजदूरों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का बयान प्रलाप से ज्यादा कुछ नहीं है। 15 वर्ष का पूर्व मुख्यमंत्री पहले कुम्भकर्णी निद्रा में सोते रहे, पर जैसे ही छत्तीसगढ़ की सरकार जनहित कार्य करती है, अचानक बयान देने के लिए उठ खड़े होते है। केंद्र की मोदी सरकार की अदूरदर्शिता की वजह से छत्तीसगढ के मजदूर पिछले 45 दिनों से अन्य प्रान्तों में बड़ी संख्या में फंसे हुए थे, तब डॉ रमन सिंह ने उन गरीब मजदूरों की सुध नही ली, और न ही प्रधानमंत्री से मजदूरों की घर वापसी के लिए छूट की ही मांग की। उन्हें लाने जब भूपेश सरकार प्रयास में जुटी है, तो इतने दिनों तक चुप्पी साधे बैठे रमन सिंह बयानबाजी कर खुद को मजदूर हितैषी बताने लगे हैं।

अटल श्रीवास्तव ने कहा, डॉ रमन सिंह वही “चाऊर वाले बाबा” हैं, जिनके राज में 36 हजार करोड़ का नॉन घोटाला हुआ था, और वो चावल गरीबो के लिए था, ऐसे जन सेवक है डॉ साहब।

अटल श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार निशाना साधते हुए कहा, कि राम के नाम पर सत्ता में आई भाजपा पर दारू दुकान खोलने की अनुमति दे रही है.. पर मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरिजाघर खोलने की नहीं.. 45 दिनों से छत्तीसगढ़ की गति ठहर सी गई है, चारो ओर एक अज्ञात भय का वातावरण है, सभी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की सरकार और जनप्रतिनिधि उनके सम्बल देने में जुटे हैं, लेकिन बयानवीर सांसद अरुण साव अखबारों में तो रोज़ मिल रहे हैं, पर धरातल से गायब.. बिलासपुर की जनता उनकी तलाश कर रही है।

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बिलासपुर– मजदूरों की घर वापसी और शराब के मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। इन्हीं मुद्दों पर पीसीसी के उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और सांसद अरुण साव को आड़े हाथों लेते हुए जमकर सवाल दागे हैं।

अटल ने कहा, छतीसगढ़ के मजदूरों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह का बयान प्रलाप से ज्यादा कुछ नहीं है। 15 वर्ष का पूर्व मुख्यमंत्री पहले कुम्भकर्णी निद्रा में सोते रहे, पर जैसे ही छत्तीसगढ़ की सरकार जनहित कार्य करती है, अचानक बयान देने के लिए उठ खड़े होते है। केंद्र की मोदी सरकार की अदूरदर्शिता की वजह से छत्तीसगढ के मजदूर पिछले 45 दिनों से अन्य प्रान्तों में बड़ी संख्या में फंसे हुए थे, तब डॉ रमन सिंह ने उन गरीब मजदूरों की सुध नही ली, और न ही प्रधानमंत्री से मजदूरों की घर वापसी के लिए छूट की ही मांग की। उन्हें लाने जब भूपेश सरकार प्रयास में जुटी है, तो इतने दिनों तक चुप्पी साधे बैठे रमन सिंह बयानबाजी कर खुद को मजदूर हितैषी बताने लगे हैं।

अटल श्रीवास्तव ने कहा, डॉ रमन सिंह वही “चाऊर वाले बाबा” हैं, जिनके राज में 36 हजार करोड़ का नॉन घोटाला हुआ था, और वो चावल गरीबो के लिए था, ऐसे जन सेवक है डॉ साहब।

अटल श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार निशाना साधते हुए कहा, कि राम के नाम पर सत्ता में आई भाजपा पर दारू दुकान खोलने की अनुमति दे रही है.. पर मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरिजाघर खोलने की नहीं.. 45 दिनों से छत्तीसगढ़ की गति ठहर सी गई है, चारो ओर एक अज्ञात भय का वातावरण है, सभी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की सरकार और जनप्रतिनिधि उनके सम्बल देने में जुटे हैं, लेकिन बयानवीर सांसद अरुण साव अखबारों में तो रोज़ मिल रहे हैं, पर धरातल से गायब.. बिलासपुर की जनता उनकी तलाश कर रही है।