Friday, August 19, 2022

अपहृत कारोबारी प्रवीण सोमानी को पुलिस ने छुड़ाया, प्रोफेशनल गैंग ने किया था अपहरण

रायपुर– बीते 8 जनवरी को अगवा किए गए कारोबारी प्रवीण सोमानी को 14 दिन बाद पुलिस ने सही-सलामत छुड़ाने में रायपुर पुलिस को कामयाबी मिली है। कारोबारी को लेकर SSP देर रात रायपुर ले आए हैं। प्रवीण सोमानी को लखनऊ और सुल्तानपुर के बीच बरामद किया गया, साथ ही दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, और दस आरोपियों की पहचान की गई है। पिछले कई दिनों से यूपी में डेरा डाले रायपुर SSP आरिफ शेख के नेतृत्व में पुलिस टीम को ये सफलता मिली।

राजधानी पुलिस ने अपहृत कारोबारी का सुराग पाने के लिए 70 से ज्यादा अलग-अलग टीमों का गठन किया था। बिहार के कई जगहों पर हुई छापेमारी को खुद SSP ने लीड किया था। उनके रायपुर लौटने के बाद बुधवार रात में ही DGP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

डीजीपी ने बताया, कि अपहरण में बिहार के चंदन सोनार गैंग का हाथ था। इस गैंग के पप्पू सोनार ने ही प्रवीण का 8 जनवरी का उस समय अपहरण किया था, जब वे दफ्तर से घर लौट रहे थे, बाद में उनकी कार को एक एकांत जगह पर पार्क कर फरार हो गए। मामले का खुलासा करते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया, कि कारोबारी के अपहरण में प्रोफेशनल गैंग का हाथ था, लेकिन राजधानी की पुलिस ने भी बड़े ही प्रोफेशनल ढ़ंग से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 60 लोगों की टीम लगातार 12-13 दिनों तक काम करती रही। पुलिस की टीम ने आधा दर्जन से ज्यादा प्रदेशों में अपराधियों को खोजा। सरगना पप्पू चौधरी ने अपने 10 साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था। कई हजार सीसीटीवी को खंगाला गया। हजारों लोगों को इंटेरोगेट किया गया, और यूपी के अंबेडकर नगर से कारोबारी को बरामद कर लिया गया। इस ऑपरेशन में कोई फिरौती नहीं दी गई है।

GiONews Team
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रायपुर– बीते 8 जनवरी को अगवा किए गए कारोबारी प्रवीण सोमानी को 14 दिन बाद पुलिस ने सही-सलामत छुड़ाने में रायपुर पुलिस को कामयाबी मिली है। कारोबारी को लेकर SSP देर रात रायपुर ले आए हैं। प्रवीण सोमानी को लखनऊ और सुल्तानपुर के बीच बरामद किया गया, साथ ही दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, और दस आरोपियों की पहचान की गई है। पिछले कई दिनों से यूपी में डेरा डाले रायपुर SSP आरिफ शेख के नेतृत्व में पुलिस टीम को ये सफलता मिली।

राजधानी पुलिस ने अपहृत कारोबारी का सुराग पाने के लिए 70 से ज्यादा अलग-अलग टीमों का गठन किया था। बिहार के कई जगहों पर हुई छापेमारी को खुद SSP ने लीड किया था। उनके रायपुर लौटने के बाद बुधवार रात में ही DGP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

डीजीपी ने बताया, कि अपहरण में बिहार के चंदन सोनार गैंग का हाथ था। इस गैंग के पप्पू सोनार ने ही प्रवीण का 8 जनवरी का उस समय अपहरण किया था, जब वे दफ्तर से घर लौट रहे थे, बाद में उनकी कार को एक एकांत जगह पर पार्क कर फरार हो गए। मामले का खुलासा करते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया, कि कारोबारी के अपहरण में प्रोफेशनल गैंग का हाथ था, लेकिन राजधानी की पुलिस ने भी बड़े ही प्रोफेशनल ढ़ंग से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 60 लोगों की टीम लगातार 12-13 दिनों तक काम करती रही। पुलिस की टीम ने आधा दर्जन से ज्यादा प्रदेशों में अपराधियों को खोजा। सरगना पप्पू चौधरी ने अपने 10 साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया था। कई हजार सीसीटीवी को खंगाला गया। हजारों लोगों को इंटेरोगेट किया गया, और यूपी के अंबेडकर नगर से कारोबारी को बरामद कर लिया गया। इस ऑपरेशन में कोई फिरौती नहीं दी गई है।