Tuesday, December 6, 2022

आगे भयानक है मंजर ! भारत और इटली में कोरोना से मौत का आंकडा और संक्रमण की रफ्तार एक जैसी।

बिलासपुर – कोरोना वायरस के संकट दुनिया भर में बढ़ता जा रहा है। मानो ऐसा लग रहा है ये वायरस पूरे विश्व को निगलने की कगार में है, यूरोप के देशों में हालात और खौफनाक हैं। अमेरिका और इटली में अबतक इससे हजारों लोग अपना जान गंवा चुके और लाखों की तादाद में संक्रमित है। वहीं भारत की बात करें तो स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अबतक मौत का आंकड़ा 227 हैं और संक्रमितों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 6725 हो गई है।

वर्ल्ड मीटर की बात करें तो भारत में जिस रफ्तार से मामले सामने आए हैं इससे लगता है कि भारत में भी हालात इटली की राह पर हैं बस समय के मामले में भारत एक महीने पीछे है। वर्ल्ड मीटर के आंकड़ों के मुताबिक मार्च में इटली के आंकड़े देखें तो एक मार्च को यहां कोरोना के 1577 मामले थे और 41 लोगों की इससे मौत हो चुकी थी।

मृत्यु दर भी एक जैसी: 6 अप्रैल को भारत में कोरोना वायरस के मामले देखें तो  4778 सामने आ चुके हैं और 136 लोगों की मौत हो चुकी है। इटली में 6 मार्च के आंकड़े देखें तो इस वक्त तक इटली में 4636 मामले सामने आए थे और 197 लोगों की मौत हुई थी। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों की रोज की संख्या और इससे मरने वालों की संख्या इटली से मिलती जुलती है। इटली में एक मार्च को 573 केस आए थे और 12 लोगों की मौत हुई थी। जबकि भारत में एक अप्रैल को 601 मामले सामने आए थे और 23 लोगों की मौत हो गई थी। दोनों देशों की मृत्यु दर भी लगभग एक जैसी ही है। 1 मार्च को इटली में कोरोना से मृत्युदर 33.01 फीसदी थी। वहीं एक 1 अप्रैल को भारत में कोरोना से मृत्यदर 28.16 फीसदी थी।

भारत में क्यों कम हैं मामले:  भारत में कोरोना वायरस के मामले कम होने के कई कारण माने जा रहे हैं। भारत में मामले कम होने का एक कारण यह भी है कि यहां लोगों की स्क्रीनिंग और संपैल टेस्ट पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाए हैं। भारत की एक लाख की आबादी  पर महज 6.5 लोगों का ही टेस्ट हो पाया है। अन्य देशों में ऐसा नहीं है। चीन में मार्च के अंत तक कुल 3.20 लाख लोगों ने टेस्ट किया है। वहीं जापान ने एक लाख लोगों में  257 लोगों का टेस्ट किया है और अमेरिका में यह आंकड़ा 447 है।

पूरी दुनिया में कहर मचाने वाले खतरनाक कोरोना वायरस का भारत में बढ़ रहे प्रकोप को रोकने का एक ही उम्मीद नजर आ रहा और वो है इस विसाल जनसंख्या वाले इस देश को सम्पूर्ण लॉकडॉउन करना । हम अपने पूरे जिम्मेदारी के साथ इस GiONews.in के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री से लॉकडाउन को बढ़ाने की मांग करते है

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बिलासपुर – कोरोना वायरस के संकट दुनिया भर में बढ़ता जा रहा है। मानो ऐसा लग रहा है ये वायरस पूरे विश्व को निगलने की कगार में है, यूरोप के देशों में हालात और खौफनाक हैं। अमेरिका और इटली में अबतक इससे हजारों लोग अपना जान गंवा चुके और लाखों की तादाद में संक्रमित है। वहीं भारत की बात करें तो स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अबतक मौत का आंकड़ा 227 हैं और संक्रमितों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 6725 हो गई है।

वर्ल्ड मीटर की बात करें तो भारत में जिस रफ्तार से मामले सामने आए हैं इससे लगता है कि भारत में भी हालात इटली की राह पर हैं बस समय के मामले में भारत एक महीने पीछे है। वर्ल्ड मीटर के आंकड़ों के मुताबिक मार्च में इटली के आंकड़े देखें तो एक मार्च को यहां कोरोना के 1577 मामले थे और 41 लोगों की इससे मौत हो चुकी थी।

मृत्यु दर भी एक जैसी: 6 अप्रैल को भारत में कोरोना वायरस के मामले देखें तो  4778 सामने आ चुके हैं और 136 लोगों की मौत हो चुकी है। इटली में 6 मार्च के आंकड़े देखें तो इस वक्त तक इटली में 4636 मामले सामने आए थे और 197 लोगों की मौत हुई थी। भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों की रोज की संख्या और इससे मरने वालों की संख्या इटली से मिलती जुलती है। इटली में एक मार्च को 573 केस आए थे और 12 लोगों की मौत हुई थी। जबकि भारत में एक अप्रैल को 601 मामले सामने आए थे और 23 लोगों की मौत हो गई थी। दोनों देशों की मृत्यु दर भी लगभग एक जैसी ही है। 1 मार्च को इटली में कोरोना से मृत्युदर 33.01 फीसदी थी। वहीं एक 1 अप्रैल को भारत में कोरोना से मृत्यदर 28.16 फीसदी थी।

भारत में क्यों कम हैं मामले:  भारत में कोरोना वायरस के मामले कम होने के कई कारण माने जा रहे हैं। भारत में मामले कम होने का एक कारण यह भी है कि यहां लोगों की स्क्रीनिंग और संपैल टेस्ट पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाए हैं। भारत की एक लाख की आबादी  पर महज 6.5 लोगों का ही टेस्ट हो पाया है। अन्य देशों में ऐसा नहीं है। चीन में मार्च के अंत तक कुल 3.20 लाख लोगों ने टेस्ट किया है। वहीं जापान ने एक लाख लोगों में  257 लोगों का टेस्ट किया है और अमेरिका में यह आंकड़ा 447 है।

पूरी दुनिया में कहर मचाने वाले खतरनाक कोरोना वायरस का भारत में बढ़ रहे प्रकोप को रोकने का एक ही उम्मीद नजर आ रहा और वो है इस विसाल जनसंख्या वाले इस देश को सम्पूर्ण लॉकडॉउन करना । हम अपने पूरे जिम्मेदारी के साथ इस GiONews.in के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री से लॉकडाउन को बढ़ाने की मांग करते है