Monday, November 28, 2022

आर्ट जीवन जीने की कला- चित्रकार विनोद शर्मा

बिलासपुर- फुलवारी शिक्षण एवं युवा कल्याण समिति व यूथ संस्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लंदन के मशहूर चित्रकार राधा विनोद शर्मा ने आर्ट को जीवन जीने की कला बताई।

फुलवारी संस्था के अध्यक्ष नितेश साहू ने बताया कि लॉक डाउन के चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए विभिन्न विधाओं के विशेष लोगों को युवाओं के बीच लाकर उनके कौशल एवं व्यक्ति में निखारने के उद्देश्य से आयोजन निरंतर किया जा रहा है इसी कड़ी में भारतीय मुल के अमेरिकी निवासी श्री प्रसिद्ध चित्रकार श्री राधा विनोद शर्मा को का सेशन आयोजित किया गया । राधा विनोद शर्मा ने कहा कि हरेक व्यक्ति कलाकार होता है और हम जो भी कलाकारी करते हैं उसे दिल से करना चाहिए व्यक्ति को सफलता जरूर मिलता है उन्होंने ने बताया कि चित्रकारी के फेलोशिप के माध्यम से लंदन पहुंचे लेकिन अपने स्वदेश के लिए असीम स्नेह है उन्होंने बताया कि ईमा फाउण्डेशन का स्थापना कर कला को बढ़ावा देने के लिए भारत के त्रिपुरा राज्य सहित नार्थ ईस्ट के विभिन्न राज्यों के चित्रकारी एंव अन्य कलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निःशुल्क में निरंतर कार्य कर रही है सेशन के दौरान चित्रकला के विभिन्न पहलुओं पर बात किये एंव प्रतिभागियों के प्रश्नो के जवाब तुंरत चित्र बनाकर किये जो कार्यशाला के आकर्षण का केन्द्र बिन्दु में रहा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित त्रिपुरा महाराष्ट्र राज्य एवं अमेरिका के युवाओं ने हिस्सा लिया प्रतिभागी शिवम मिश्रा ने पूछा कि अगर हमारे अंदर कई सारे कला है तो हमे किस तरह से उसे लेकर आगे बढ़ना चाहिए जिसका बहुत सरल व प्रैक्टिस उदाहरण देते हुए बताया कि अगर आपके थाली में 5 तरह के व्यंजन है तो आप दुबारा उसी व्यंजन को लेते है जिसका स्वाद आपको अच्छा लगता है यानी जो चीजे आपको ज्यादा बेहतर लगे उसे लेकर आगे बढ़ना चाहिए साथ ही साथ उन्होंने अपने जीवन के अच्छे व बुरे अनुभव को साझा करते हुए कभी हार ना मनाने की सलाह दी है जीवन मे वही काम करना चाहिए जो दिल बोलता है अगर कोई निर्णय लेने में परेशानी हो तो माँ से सलाह लेना चाहिए क्योंकि माँ दिल व दिमाग़ दोनों से उत्तर दिया करती है

कार्यक्रम को सफल बनाने में अभय दुबे, महेश सामंत, शिवम मिश्रा, द्विति, रवि पैकरा, भानु प्रताप, प्रकृति शर्मा, आकांक्षा श्रीवास्तव, ज्ञान पटेल, कुनाल पाटिल, कोमल तिवारी सहयोग किया।

GiONews Team
Editor In Chief

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,364FansLike
5,464FollowersFollow
3,245SubscribersSubscribe

Latest Articles

बिलासपुर- फुलवारी शिक्षण एवं युवा कल्याण समिति व यूथ संस्कार फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से लंदन के मशहूर चित्रकार राधा विनोद शर्मा ने आर्ट को जीवन जीने की कला बताई।

फुलवारी संस्था के अध्यक्ष नितेश साहू ने बताया कि लॉक डाउन के चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए विभिन्न विधाओं के विशेष लोगों को युवाओं के बीच लाकर उनके कौशल एवं व्यक्ति में निखारने के उद्देश्य से आयोजन निरंतर किया जा रहा है इसी कड़ी में भारतीय मुल के अमेरिकी निवासी श्री प्रसिद्ध चित्रकार श्री राधा विनोद शर्मा को का सेशन आयोजित किया गया । राधा विनोद शर्मा ने कहा कि हरेक व्यक्ति कलाकार होता है और हम जो भी कलाकारी करते हैं उसे दिल से करना चाहिए व्यक्ति को सफलता जरूर मिलता है उन्होंने ने बताया कि चित्रकारी के फेलोशिप के माध्यम से लंदन पहुंचे लेकिन अपने स्वदेश के लिए असीम स्नेह है उन्होंने बताया कि ईमा फाउण्डेशन का स्थापना कर कला को बढ़ावा देने के लिए भारत के त्रिपुरा राज्य सहित नार्थ ईस्ट के विभिन्न राज्यों के चित्रकारी एंव अन्य कलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निःशुल्क में निरंतर कार्य कर रही है सेशन के दौरान चित्रकला के विभिन्न पहलुओं पर बात किये एंव प्रतिभागियों के प्रश्नो के जवाब तुंरत चित्र बनाकर किये जो कार्यशाला के आकर्षण का केन्द्र बिन्दु में रहा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित त्रिपुरा महाराष्ट्र राज्य एवं अमेरिका के युवाओं ने हिस्सा लिया प्रतिभागी शिवम मिश्रा ने पूछा कि अगर हमारे अंदर कई सारे कला है तो हमे किस तरह से उसे लेकर आगे बढ़ना चाहिए जिसका बहुत सरल व प्रैक्टिस उदाहरण देते हुए बताया कि अगर आपके थाली में 5 तरह के व्यंजन है तो आप दुबारा उसी व्यंजन को लेते है जिसका स्वाद आपको अच्छा लगता है यानी जो चीजे आपको ज्यादा बेहतर लगे उसे लेकर आगे बढ़ना चाहिए साथ ही साथ उन्होंने अपने जीवन के अच्छे व बुरे अनुभव को साझा करते हुए कभी हार ना मनाने की सलाह दी है जीवन मे वही काम करना चाहिए जो दिल बोलता है अगर कोई निर्णय लेने में परेशानी हो तो माँ से सलाह लेना चाहिए क्योंकि माँ दिल व दिमाग़ दोनों से उत्तर दिया करती है

कार्यक्रम को सफल बनाने में अभय दुबे, महेश सामंत, शिवम मिश्रा, द्विति, रवि पैकरा, भानु प्रताप, प्रकृति शर्मा, आकांक्षा श्रीवास्तव, ज्ञान पटेल, कुनाल पाटिल, कोमल तिवारी सहयोग किया।