Tuesday, August 16, 2022

एमपी के 6 राज्यमंत्री समेत 19 कांग्रेस विधायकों ने दिया इस्तीफा, संकट में कमलनाथ सरकार

भोपाल– ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। बेंगलुरु गए प्रदेश के छह राज्य मंत्री समेत 19 कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से अपना इस्तीफा दिया है। इधर प्रदेश में सिंधिया समर्थक भी एक एक कर अपना त्याग पत्र कांग्रेस को सौंप दिया।

सिंधिया समर्थकों ने दिया इस्तीफा

मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज चल रहे सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। सिंधिया ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। सिंधिया के इस फैसले को कांग्रेस ने गद्दारी बताया है, और कहा है, कि अब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार नहीं बच पाएगी। इधर जिलों से भी सिंधिया समर्थकों का कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टण्डन ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। पिछले डेढ़ साल से पार्टी से नाराज चल रहे थे। कई बार उपेक्षा के आरोप लगा चुके हैं। खबरों के अनुसार अलग-अलग जिलों के करीब 50 से अधिक समर्थकों ने इस्तीफा दे दिया है।

इन्होंने दिया कांग्रेस से इस्तीफा

  • ग्वालियर मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल का इस्तीफा। उन्होंने कांग्रेस के मध्य प्रदेश उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी के पद से भी इस्तीफा दिया। कहा कि मेरी आस्था ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ, वो जहां जाएंगे वहां जाऊंगा।
  • कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया। माधवराव सिंधिया की जयंती पर सिंधिया पार्क में इस्तीफा दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपेक्षा का आरोप लगाया।
  • कांग्रेस प्रवक्ता मिनेंद्र डागा ने कांग्रेस के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया। कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से उनहोंने इस्तीफा दे दिया।
  • भोपाल जिला कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णा घाडगे ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी से इस्तीफा दिया।

एमपी का सियासी गणित

मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। यहां 2 विधायकों का निधन हो गया है। इस तरह से विधानसभा की मौजूदा शक्ति 228 हो गई है। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं। जबकि सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा 115 है। कांग्रेस को 4 निर्दलीय, 2 बहुजन समाज पार्टी और एक समाजवादी पार्टी विधायक का समर्थन हासिल है। इस तरह कांग्रेस के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन है। जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक हैं।

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भोपाल– ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। बेंगलुरु गए प्रदेश के छह राज्य मंत्री समेत 19 कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा से अपना इस्तीफा दिया है। इधर प्रदेश में सिंधिया समर्थक भी एक एक कर अपना त्याग पत्र कांग्रेस को सौंप दिया।

सिंधिया समर्थकों ने दिया इस्तीफा

मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज चल रहे सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। सिंधिया ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। सिंधिया के इस फैसले को कांग्रेस ने गद्दारी बताया है, और कहा है, कि अब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार नहीं बच पाएगी। इधर जिलों से भी सिंधिया समर्थकों का कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टण्डन ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। पिछले डेढ़ साल से पार्टी से नाराज चल रहे थे। कई बार उपेक्षा के आरोप लगा चुके हैं। खबरों के अनुसार अलग-अलग जिलों के करीब 50 से अधिक समर्थकों ने इस्तीफा दे दिया है।

इन्होंने दिया कांग्रेस से इस्तीफा

  • ग्वालियर मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल का इस्तीफा। उन्होंने कांग्रेस के मध्य प्रदेश उद्योग व्यापार प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी के पद से भी इस्तीफा दिया। कहा कि मेरी आस्था ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ, वो जहां जाएंगे वहां जाऊंगा।
  • कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा दिया। माधवराव सिंधिया की जयंती पर सिंधिया पार्क में इस्तीफा दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपेक्षा का आरोप लगाया।
  • कांग्रेस प्रवक्ता मिनेंद्र डागा ने कांग्रेस के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया। कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से उनहोंने इस्तीफा दे दिया।
  • भोपाल जिला कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णा घाडगे ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी से इस्तीफा दिया।

एमपी का सियासी गणित

मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। यहां 2 विधायकों का निधन हो गया है। इस तरह से विधानसभा की मौजूदा शक्ति 228 हो गई है। कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं। जबकि सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा 115 है। कांग्रेस को 4 निर्दलीय, 2 बहुजन समाज पार्टी और एक समाजवादी पार्टी विधायक का समर्थन हासिल है। इस तरह कांग्रेस के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन है। जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक हैं।