Tuesday, August 16, 2022

कर दिखाओ कुछ ऐसा की दुनिया करना चाहे आपके जैसा- नेहा

बिलासपुर– कोरोना जैसी महामारी के बीच आज समाज और पूरा देश उथल पुथल हो गया है हर तरफ केवल एक ही बात कही जा रही कि कैसे भी हो लेकिन यह कोरोना अब चला जाए, इस विकट परिस्थिति पर विभिन्न जगहों से आकर बिलासपुर में जिन्हें रोका गया इन्हीं में से कुछ उत्तर प्रदेश से आए जिन्हें मिनीमाता समुदायिक भवन सकरी में रखा गया क्योंकि यह रुके हुए तो है लेकिन इनका मन बिल्कुल भी यहां नहीं लगता है इनका मन घर जाने का करता है इसी बीच समाजसेवी नेहा तिवारी ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि आज वह इस महामारी से लड़ने में उन्हें कहीं कोई संकोच नहीं हो रही जी हां नेहा बताती हैं, कि जब शुरुआत में यहां इनको लाया गया तब ये लोग यहां रहना नहीं चाहते थे घर जाना था क्योंकि महामारी इस तरह फैला हुआ था कि इनको जाने नहीं दिया गया इसी बीच विगत 4 दिनों से सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक उनके द्वारा रुके हुए शरणार्थियों को योगा और मेडिटेशन कराया जाता है, ताकि वह स्वस्थ रहें और मानसिक रूप से मजबूत हो नेहा तिवारी जी बताती है कि जब से योगा मेडिकेशन चालू हुआ है, यहां रुके हुए सभी शरणार्थी बहुत खुश हैं, उनके अंदर एनर्जी आ गई है, और सकारात्मक भाव पैदा हो गए हैं।

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बिलासपुर– कोरोना जैसी महामारी के बीच आज समाज और पूरा देश उथल पुथल हो गया है हर तरफ केवल एक ही बात कही जा रही कि कैसे भी हो लेकिन यह कोरोना अब चला जाए, इस विकट परिस्थिति पर विभिन्न जगहों से आकर बिलासपुर में जिन्हें रोका गया इन्हीं में से कुछ उत्तर प्रदेश से आए जिन्हें मिनीमाता समुदायिक भवन सकरी में रखा गया क्योंकि यह रुके हुए तो है लेकिन इनका मन बिल्कुल भी यहां नहीं लगता है इनका मन घर जाने का करता है इसी बीच समाजसेवी नेहा तिवारी ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि आज वह इस महामारी से लड़ने में उन्हें कहीं कोई संकोच नहीं हो रही जी हां नेहा बताती हैं, कि जब शुरुआत में यहां इनको लाया गया तब ये लोग यहां रहना नहीं चाहते थे घर जाना था क्योंकि महामारी इस तरह फैला हुआ था कि इनको जाने नहीं दिया गया इसी बीच विगत 4 दिनों से सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक उनके द्वारा रुके हुए शरणार्थियों को योगा और मेडिटेशन कराया जाता है, ताकि वह स्वस्थ रहें और मानसिक रूप से मजबूत हो नेहा तिवारी जी बताती है कि जब से योगा मेडिकेशन चालू हुआ है, यहां रुके हुए सभी शरणार्थी बहुत खुश हैं, उनके अंदर एनर्जी आ गई है, और सकारात्मक भाव पैदा हो गए हैं।