Saturday, August 13, 2022

कोरोना वायरस की दस्तक से सरगुजा में हड़कंप, एक संदिग्ध मरीज मिलने की खबर आई सामने ।

अंबिकापुर: चीन जैसे देश में कोहराम मचा चुके । बताया जा रहा है कोरोना का संदिग्ध मरीज चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और कुछ दिन पहले ही भारत लौटा है। छात्र को 1 दिन पहले गले में खराश हुई, जिसके बाद कोरोना की आशंका होने पर छात्र जांच करवाने मेडिकल कॉलेज पहुंचा। जांच के बाद डॉक्टरों ने प्रिकॉशन बरतते हुए, ब्लड सैंपल पुणे भेजा गया है। साथ ही साथ छात्र को आइसोलेशन वार्ड में रखकर उसका इलाज किया जा रहा है। फिलहाल छात्र को कोरोना है या नहीं यह स्पष्ट नहीं हो सका है और जांच के बाद ही डॉक्टर किसी नतीजे पर पहुंचने की बात कह रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का यह भी कहना है कि उनके पास अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। यदि छात्र कोरोना का पॉजिटिव पाया जाता है तब उसका इलाज गाइडलाइन के अनुरूप किया जाएगा।

दरअसल अंबिकापुर का रहने वाला एक छात्र चीन के लूजो शहर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई करता था। वह अपने एग्जाम के बाद अंबिकापुर वापस लौटा है। बताया जा रहा है कि छात्र को एक दिन पहले ही गले में खराश की शिकायत हुई ऐसे में चीन में फैले कोरोना की आशंका से वह अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच के लिए पहुंचा। यहां पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज करने के साथ ही कोरोना की आशंका जताते हुए ब्लड सैंपल लेकर पुणे लैब में भेजा है।

डॉक्टरों का कहना है कि छात्र को कोरोना है या नहीं इसका खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल डॉक्टरों की टीम ने छात्र को निगरानी में रखा है और उसे आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की यह भी दलील है कि करीब 25 दिन से छात्र अंबिकापुर में है ऐसे में आशंका कम ही है कि उसे कोरोना हो, लेकिन प्रिकॉशन बरतते हुए डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया है। साथ ही छात्र को आइसोलेशन वार्ड में भी रखा गया है।

डॉक्टरों ने बताया कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम है। यहां न सिर्फ एक अलग वार्ड बनाया गया है बल्कि उनके गाइडलाइन के अनुरूप तैयारियां भी की गई है। ऐसे में अगर छात्र कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तभी डॉक्टरों की टीम उसका इलाज करने में सक्षम रहेगी। फिलहाल कोरोना की दस्तक से सरगुजा में हड़कंप है और डॉक्टरों ने भी पूरी मुस्तैदी के साथ छात्र का इलाज शुरू कर दिया है।

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अंबिकापुर: चीन जैसे देश में कोहराम मचा चुके । बताया जा रहा है कोरोना का संदिग्ध मरीज चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और कुछ दिन पहले ही भारत लौटा है। छात्र को 1 दिन पहले गले में खराश हुई, जिसके बाद कोरोना की आशंका होने पर छात्र जांच करवाने मेडिकल कॉलेज पहुंचा। जांच के बाद डॉक्टरों ने प्रिकॉशन बरतते हुए, ब्लड सैंपल पुणे भेजा गया है। साथ ही साथ छात्र को आइसोलेशन वार्ड में रखकर उसका इलाज किया जा रहा है। फिलहाल छात्र को कोरोना है या नहीं यह स्पष्ट नहीं हो सका है और जांच के बाद ही डॉक्टर किसी नतीजे पर पहुंचने की बात कह रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का यह भी कहना है कि उनके पास अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। यदि छात्र कोरोना का पॉजिटिव पाया जाता है तब उसका इलाज गाइडलाइन के अनुरूप किया जाएगा।

दरअसल अंबिकापुर का रहने वाला एक छात्र चीन के लूजो शहर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई करता था। वह अपने एग्जाम के बाद अंबिकापुर वापस लौटा है। बताया जा रहा है कि छात्र को एक दिन पहले ही गले में खराश की शिकायत हुई ऐसे में चीन में फैले कोरोना की आशंका से वह अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जांच के लिए पहुंचा। यहां पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज करने के साथ ही कोरोना की आशंका जताते हुए ब्लड सैंपल लेकर पुणे लैब में भेजा है।

डॉक्टरों का कहना है कि छात्र को कोरोना है या नहीं इसका खुलासा जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल डॉक्टरों की टीम ने छात्र को निगरानी में रखा है और उसे आइसोलेशन वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों की यह भी दलील है कि करीब 25 दिन से छात्र अंबिकापुर में है ऐसे में आशंका कम ही है कि उसे कोरोना हो, लेकिन प्रिकॉशन बरतते हुए डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया है। साथ ही छात्र को आइसोलेशन वार्ड में भी रखा गया है।

डॉक्टरों ने बताया कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम है। यहां न सिर्फ एक अलग वार्ड बनाया गया है बल्कि उनके गाइडलाइन के अनुरूप तैयारियां भी की गई है। ऐसे में अगर छात्र कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तभी डॉक्टरों की टीम उसका इलाज करने में सक्षम रहेगी। फिलहाल कोरोना की दस्तक से सरगुजा में हड़कंप है और डॉक्टरों ने भी पूरी मुस्तैदी के साथ छात्र का इलाज शुरू कर दिया है।