Saturday, August 13, 2022

कोरोना संदिग्धों पर नजर रखेगा, स्मार्ट सिटी का ‘स्मार्ट एप’

बिलासपुर– क्वारेन्टाइन अवधि में संदिग्ध मरीजों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा एक ऐसा स्मार्ट एप तैयार किया गया है, जिससे कोरोना संभावित मरीजों की पूरी गतिविधियों पर नज़र रखी जा सकेगी। कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग और निगम कमिश्नर तथा स्मार्ट सिटी के एमडी प्रभाकर पाण्डेय के निर्देशन में इसे तैयार किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस की संभावनाओं को देखते हुए जिन संदिग्ध मरीजों को क्वेरेनटाइन में रहने के दिशा-निर्देश दिए जा रहें हैं, उन लोगों की हर गतिविधियों पर अब प्रशासन इस एप के ज़रिए नज़र रख सकेगी। अभी देखने में आया, कि बहुत से कोरोना संभावित मरीज चिकित्सकों द्वारा जारी क्वेरेनटाइन अवधि का पालन नहीं कर रहें है, चिकित्सकों द्वारा घर में रहने की सलाह को दरकिनार करते हुए बाहर खुले आम घूम रहें हैं, और लोगों से मेल मुलाकात कर रहे हैं। इस एप का उपयोग ऐसे मरीजों के लिए किया जाएगा जो बाहर से यात्रा करके आएं हैं, जिन्हें स्वास्थ्य संबधी समस्या है और इसकी सूचना प्रशासन को है, तथा दूसरे ऐसे मरीज जिन्हें सर्दी-खांसी बुखार की समस्या है, और चिकित्सकों द्वारा क्वेरेनटाइन में रहने के निर्देश दिए गए हों। इस एप के ज़रिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का काम आसान हो जाएगा। फिलहाल इसका उपयोग बिलासपुर जिले में शुरू किया जा रहा है। जियो फेंसिंग के ज़रिए इस एप में बिलासपुर के सभी लोकेशन मौजूद है।

ऐसे काम करेगा स्मार्ट एप

अगर कोई व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या कोरोना वायरस की संभावनाओं को देखते हुए कोरोना के इलाज के लिए अधिकृत शासकीय अस्पताल में जाता है, और चिकित्सा परीक्षण के बाद डाॅक्टरों द्वारा संबंधित व्यक्ति को घर में रहकर क्वेरेनटाइन अवधि का पालन करने के निर्देश दिए जाते है, तो ऐसे व्यक्ति के स्मार्ट फोन में डाक्टरों द्वारा व्हाटसएप या आॅनलाइन इस एप को डाउनलोड किया जाएगा फिर उस एप के एडमिन पैनल में जाकर संबंधित व्यक्ति का नाम और पते के साथ पूरा विवरण डालकर मोबाईल नंबर अपलोड किया जाएगा। स्टार्ट बटन क्लिक करते ही संबंधित व्यक्ति की सभी गतिविधियां एप के एडमिन पैनल में दिखाने लगेगा। एप में मौजूद जीपीएस सिस्टम के ज़रिए संबंधित व्यक्ति कहाँ जा रहा है, वर्तमान में कहाँ है, और घर पर है की नहीं सब कुछ इस एप में दिखाने लगेगा। अगर कोई संदिग्ध मरीज क्वेरेनटाइन अवधि का उल्लंघन करता है, तो यह एप एडमिन पैनल में अलर्ट करेगा, जिससे निगरानी रखने वाली टीम को तुरंत पता चल जाएगा।

GiONews Team
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बिलासपुर– क्वारेन्टाइन अवधि में संदिग्ध मरीजों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा एक ऐसा स्मार्ट एप तैयार किया गया है, जिससे कोरोना संभावित मरीजों की पूरी गतिविधियों पर नज़र रखी जा सकेगी। कलेक्टर डाॅ.संजय अलंग और निगम कमिश्नर तथा स्मार्ट सिटी के एमडी प्रभाकर पाण्डेय के निर्देशन में इसे तैयार किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वायरस की संभावनाओं को देखते हुए जिन संदिग्ध मरीजों को क्वेरेनटाइन में रहने के दिशा-निर्देश दिए जा रहें हैं, उन लोगों की हर गतिविधियों पर अब प्रशासन इस एप के ज़रिए नज़र रख सकेगी। अभी देखने में आया, कि बहुत से कोरोना संभावित मरीज चिकित्सकों द्वारा जारी क्वेरेनटाइन अवधि का पालन नहीं कर रहें है, चिकित्सकों द्वारा घर में रहने की सलाह को दरकिनार करते हुए बाहर खुले आम घूम रहें हैं, और लोगों से मेल मुलाकात कर रहे हैं। इस एप का उपयोग ऐसे मरीजों के लिए किया जाएगा जो बाहर से यात्रा करके आएं हैं, जिन्हें स्वास्थ्य संबधी समस्या है और इसकी सूचना प्रशासन को है, तथा दूसरे ऐसे मरीज जिन्हें सर्दी-खांसी बुखार की समस्या है, और चिकित्सकों द्वारा क्वेरेनटाइन में रहने के निर्देश दिए गए हों। इस एप के ज़रिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का काम आसान हो जाएगा। फिलहाल इसका उपयोग बिलासपुर जिले में शुरू किया जा रहा है। जियो फेंसिंग के ज़रिए इस एप में बिलासपुर के सभी लोकेशन मौजूद है।

ऐसे काम करेगा स्मार्ट एप

अगर कोई व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या कोरोना वायरस की संभावनाओं को देखते हुए कोरोना के इलाज के लिए अधिकृत शासकीय अस्पताल में जाता है, और चिकित्सा परीक्षण के बाद डाॅक्टरों द्वारा संबंधित व्यक्ति को घर में रहकर क्वेरेनटाइन अवधि का पालन करने के निर्देश दिए जाते है, तो ऐसे व्यक्ति के स्मार्ट फोन में डाक्टरों द्वारा व्हाटसएप या आॅनलाइन इस एप को डाउनलोड किया जाएगा फिर उस एप के एडमिन पैनल में जाकर संबंधित व्यक्ति का नाम और पते के साथ पूरा विवरण डालकर मोबाईल नंबर अपलोड किया जाएगा। स्टार्ट बटन क्लिक करते ही संबंधित व्यक्ति की सभी गतिविधियां एप के एडमिन पैनल में दिखाने लगेगा। एप में मौजूद जीपीएस सिस्टम के ज़रिए संबंधित व्यक्ति कहाँ जा रहा है, वर्तमान में कहाँ है, और घर पर है की नहीं सब कुछ इस एप में दिखाने लगेगा। अगर कोई संदिग्ध मरीज क्वेरेनटाइन अवधि का उल्लंघन करता है, तो यह एप एडमिन पैनल में अलर्ट करेगा, जिससे निगरानी रखने वाली टीम को तुरंत पता चल जाएगा।