Wednesday, August 10, 2022

चौकसे कॉलेज में आयोजित सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम का हुआ समापन, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने किया नारी शक्तियों का सम्मान

बिलासपुर– चौकसे कॉलेज में महिलाओं और छात्राओं के लिए तीन दिवसीय सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसके समापन मौके पर आज प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और शहर के विधायक शैलेष पाण्डेय शामिल हुए। इस मौके पर गृहमंत्री ने कहा, कि पढ़ाई के साथ संस्कार भी ज़रूरी है, बच्चे संस्कारित होंगे, तो आने वाली पीढ़ी संवर जाएगी।

‘चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेज’ और ‘द विशडम ट्री फाउंडेशन’ द्वारा 15 से 17 जनवरी तक सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें तकरीबन 50 स्कूल के डेढ़ हजार छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी गई, जिसमें बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर, मुंगेली समेत प्रदेश अलग अलग जिलों से छात्राएं आई थी। जिन्हें करीब एक दर्जन ट्रेनर्स ने आत्मरक्षा का गुर सिखाया।

महिलाओं व बालिकाओं के लिये आयोजित महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम और अवार्ड सेरेमनी के समापन के इस मौके पर मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, कि बच्चों को पढ़ाएं-लिखाएं, लेकिन उन्हें संस्कारित भी करें। यह समाज, देश और मानवता के प्रति आपका उपकार होगा। संस्कार जरूरी है, वरना हमारी आने वाली पीढ़ी खराब होती जाएगी। इस पर गंभीर चिंतन करने की जरूरत है। आज के युग की यह महती आवश्यकता है, कि महिलाएं एवं बालिकाएं आत्मरक्षा के तरीके से परिचित हों। हम किसी वृक्ष के फूल, पत्ते और फल की ओर ही ध्यान देते हैं, जड़ की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता। जड़ की ओर ध्यान देने से पेड़ के सभी अंग अच्छे रहते हैं। उसी तरह सामाजिक व्यवस्था भी एक जड़ है, यह व्यवस्था ठीक रहेगी तो महिलाओं को आत्मरक्षा के लिये प्रशिक्षण लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा, कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली मानवता के निर्माण की दिशा में अनुपयोगी है, और यह शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन बन गया है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम जीवन के मूल उद्देश्य ही भूल गये हैं। इसके लिये सरकार के साथ ही समाज व परिवार को प्रयास करना होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिलासपुर के विधायक शैलेष पाण्डेय ने कहा, कि हमारा देश बहुत वर्षों तक गुलामी से जकड़ा रहा। इससे हमारी संस्कृति भी प्रभावित हुई। जिसके कारण हमारी महिलाओं और बेटियों को सबसे ज्यादा समस्या आयी है। महिलाओं को आगे बढ़ने की जरूरत है। सरकार ने भी इसके लिये प्रयास किया है। बेटियों ने भी बहुत से उपलब्धियां हासिल कर देश को सम्मान दिलाया। आज हर लड़की को शिक्षित और जागरूक बनाना समय की मांग है।

कार्यक्रम को तेलंगाना से आये विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर के.वेंकटस्वामी ने भी संबोधित किया। चौकसे ग्रुप आॅफ काॅलेज की डायरेक्टर डाॅ.पलक जायसवाल ने महिलाओं के लिये आत्मरक्षा प्रोग्राम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, कि महिलाओं ने अपने दायरे में रहकर उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन उन्हें आत्मरक्षा की जरूरत भी है। विस्डम ट्री फाउंडेशन ने इस दिशा में पहल कर लगभग डेढ़ हजार बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम में शुभदा जोगलेकर, एएसपी मधुलिका सिंह, अर्चना झा समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली नारी शक्तियों को सम्मानित किया गया, और काॅलेज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को अवार्ड दिया गया।


इस अवसर पर काॅलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष जायसवाल, काॅलेज के प्राचार्य श्री अहिरवार, कांग्रेस नेता अभय नारायण राय, प्रमोद नायक सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

GiONews Team
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बिलासपुर– चौकसे कॉलेज में महिलाओं और छात्राओं के लिए तीन दिवसीय सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसके समापन मौके पर आज प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और शहर के विधायक शैलेष पाण्डेय शामिल हुए। इस मौके पर गृहमंत्री ने कहा, कि पढ़ाई के साथ संस्कार भी ज़रूरी है, बच्चे संस्कारित होंगे, तो आने वाली पीढ़ी संवर जाएगी।

‘चौकसे ग्रुप ऑफ कॉलेज’ और ‘द विशडम ट्री फाउंडेशन’ द्वारा 15 से 17 जनवरी तक सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें तकरीबन 50 स्कूल के डेढ़ हजार छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी गई, जिसमें बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर, मुंगेली समेत प्रदेश अलग अलग जिलों से छात्राएं आई थी। जिन्हें करीब एक दर्जन ट्रेनर्स ने आत्मरक्षा का गुर सिखाया।

महिलाओं व बालिकाओं के लिये आयोजित महिला आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम और अवार्ड सेरेमनी के समापन के इस मौके पर मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा, कि बच्चों को पढ़ाएं-लिखाएं, लेकिन उन्हें संस्कारित भी करें। यह समाज, देश और मानवता के प्रति आपका उपकार होगा। संस्कार जरूरी है, वरना हमारी आने वाली पीढ़ी खराब होती जाएगी। इस पर गंभीर चिंतन करने की जरूरत है। आज के युग की यह महती आवश्यकता है, कि महिलाएं एवं बालिकाएं आत्मरक्षा के तरीके से परिचित हों। हम किसी वृक्ष के फूल, पत्ते और फल की ओर ही ध्यान देते हैं, जड़ की ओर हमारा ध्यान नहीं जाता। जड़ की ओर ध्यान देने से पेड़ के सभी अंग अच्छे रहते हैं। उसी तरह सामाजिक व्यवस्था भी एक जड़ है, यह व्यवस्था ठीक रहेगी तो महिलाओं को आत्मरक्षा के लिये प्रशिक्षण लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा, कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली मानवता के निर्माण की दिशा में अनुपयोगी है, और यह शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन बन गया है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम जीवन के मूल उद्देश्य ही भूल गये हैं। इसके लिये सरकार के साथ ही समाज व परिवार को प्रयास करना होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिलासपुर के विधायक शैलेष पाण्डेय ने कहा, कि हमारा देश बहुत वर्षों तक गुलामी से जकड़ा रहा। इससे हमारी संस्कृति भी प्रभावित हुई। जिसके कारण हमारी महिलाओं और बेटियों को सबसे ज्यादा समस्या आयी है। महिलाओं को आगे बढ़ने की जरूरत है। सरकार ने भी इसके लिये प्रयास किया है। बेटियों ने भी बहुत से उपलब्धियां हासिल कर देश को सम्मान दिलाया। आज हर लड़की को शिक्षित और जागरूक बनाना समय की मांग है।

कार्यक्रम को तेलंगाना से आये विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर के.वेंकटस्वामी ने भी संबोधित किया। चौकसे ग्रुप आॅफ काॅलेज की डायरेक्टर डाॅ.पलक जायसवाल ने महिलाओं के लिये आत्मरक्षा प्रोग्राम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, कि महिलाओं ने अपने दायरे में रहकर उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन उन्हें आत्मरक्षा की जरूरत भी है। विस्डम ट्री फाउंडेशन ने इस दिशा में पहल कर लगभग डेढ़ हजार बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया।

कार्यक्रम में शुभदा जोगलेकर, एएसपी मधुलिका सिंह, अर्चना झा समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली नारी शक्तियों को सम्मानित किया गया, और काॅलेज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को अवार्ड दिया गया।


इस अवसर पर काॅलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष जायसवाल, काॅलेज के प्राचार्य श्री अहिरवार, कांग्रेस नेता अभय नारायण राय, प्रमोद नायक सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।