Wednesday, August 10, 2022

जम्मू-कश्मीर से छुड़ाए गए जांजगीर के 95 मजदूर

बिलासपुर– जांजगीर जिले के 95 मजदूर जिनमे आधे से ज्यादा बच्चे और 4 गर्भवती महिला भी शामिल थी। इन्हें जम्मू कश्मीर,हरियाणा के ईट भट्टा मालिक दुगेँश एंड कंपनी BBK के संचालक द्वारा करीब 3 साल से बंधक बनाकर रखा था।और कभी हरियाणा तो कभी जम्मू काम के लिए लेकर जाता था। बंधुवा मजदूरों का आरोप है इस 3 सालो के दौरान उन्हें केवल आधा पेट भोजन ही दिया जा रहा था।साथ ही साथ उनके द्वारा की गई मजदूरी का भी भुगतान नहीं किया गया। सप्ताह में केवल 150 रुपये देकर उनसे उनसे पूरे हफ्ते काम कराया जा रहा था। इस 3 सालो के दौरान मजदूरों का को जम्मू और हरियाणा में ले जाकर मजदूरी करवाई जाती रही। मजदूरों के साथ बीच बीच मे मालिकों द्वारा मार पीट भी की जाती रही। किसी तरह राजौरी के कलेक्टर के हस्तक्षेप के वे मजदूर दलालों के चंगुल से मुक्त हुए। बाद बमुश्किल दिल्ली पहुंचकर दिल्ली प्रशासन से अपने सकुशल घर वापसी की मांग की। जब इस बात की खबर ग्राम वासियों व स्थानीय विधायक को पता चला तो उन्होंने अधिकारीयों को आवेदन सौंपा जिसपर जिलाधिकारी एंव पुलिस अधीक्षक द्बारा विशेष रुचि लेकर तत्काल टीम गठित कर दिल्ली से National campaign committee for eradication of bonded labor के संचालक निर्मल गोराना एंव उनकी टीम के द्बारा ग्राम/जिला रजौली जम्मू कश्मीर के ईटा भट्टा मे दबीश देकर प्रवासी(बंधक) मजदूर कुल 26 पुरुष 25 महिला 40 बच्चों को जिसमे 5 गभँवती महिला को रिहा कराकर आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर बस द्वारा सभी को उनके घर पहुँचाया। मजदूरो के द्वारा मालिको के ऊपर इतने गंभीर आरोप लगाने के बावजूद जांजगीर जिले के श्रम पदाधिकारी पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए नजर आए और बंधुआ मजदूरी के इस प्रकरण को सिरे से खारिज करते हुए सभी मजदूरों को पलायन करने वाले मजदूर बता कर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। मजदूर को बंधन से मुक्त कराकर लाने वाले में, पुरी टिम का विशेष योगदान रहा है। टिम में SI ओम प्रकाश कुरेँ आरक्षक सुरेश कुमार बधेल, प्रकाश दुबे महिला आरक्षक दिव्या सिंह,डिल्ली बधेल एंव श्रम पदाअधिकारी डा०के के सिह, लेबर इस्पेक्टर कमल खरे,कल्याण अधिकारी मनीष शर्मा,लक्ष्मण सिह मरकाम रहे।
GiONews Team
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बिलासपुर– जांजगीर जिले के 95 मजदूर जिनमे आधे से ज्यादा बच्चे और 4 गर्भवती महिला भी शामिल थी। इन्हें जम्मू कश्मीर,हरियाणा के ईट भट्टा मालिक दुगेँश एंड कंपनी BBK के संचालक द्वारा करीब 3 साल से बंधक बनाकर रखा था।और कभी हरियाणा तो कभी जम्मू काम के लिए लेकर जाता था। बंधुवा मजदूरों का आरोप है इस 3 सालो के दौरान उन्हें केवल आधा पेट भोजन ही दिया जा रहा था।साथ ही साथ उनके द्वारा की गई मजदूरी का भी भुगतान नहीं किया गया। सप्ताह में केवल 150 रुपये देकर उनसे उनसे पूरे हफ्ते काम कराया जा रहा था। इस 3 सालो के दौरान मजदूरों का को जम्मू और हरियाणा में ले जाकर मजदूरी करवाई जाती रही। मजदूरों के साथ बीच बीच मे मालिकों द्वारा मार पीट भी की जाती रही। किसी तरह राजौरी के कलेक्टर के हस्तक्षेप के वे मजदूर दलालों के चंगुल से मुक्त हुए। बाद बमुश्किल दिल्ली पहुंचकर दिल्ली प्रशासन से अपने सकुशल घर वापसी की मांग की। जब इस बात की खबर ग्राम वासियों व स्थानीय विधायक को पता चला तो उन्होंने अधिकारीयों को आवेदन सौंपा जिसपर जिलाधिकारी एंव पुलिस अधीक्षक द्बारा विशेष रुचि लेकर तत्काल टीम गठित कर दिल्ली से National campaign committee for eradication of bonded labor के संचालक निर्मल गोराना एंव उनकी टीम के द्बारा ग्राम/जिला रजौली जम्मू कश्मीर के ईटा भट्टा मे दबीश देकर प्रवासी(बंधक) मजदूर कुल 26 पुरुष 25 महिला 40 बच्चों को जिसमे 5 गभँवती महिला को रिहा कराकर आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर बस द्वारा सभी को उनके घर पहुँचाया। मजदूरो के द्वारा मालिको के ऊपर इतने गंभीर आरोप लगाने के बावजूद जांजगीर जिले के श्रम पदाधिकारी पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए नजर आए और बंधुआ मजदूरी के इस प्रकरण को सिरे से खारिज करते हुए सभी मजदूरों को पलायन करने वाले मजदूर बता कर अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। मजदूर को बंधन से मुक्त कराकर लाने वाले में, पुरी टिम का विशेष योगदान रहा है। टिम में SI ओम प्रकाश कुरेँ आरक्षक सुरेश कुमार बधेल, प्रकाश दुबे महिला आरक्षक दिव्या सिंह,डिल्ली बधेल एंव श्रम पदाअधिकारी डा०के के सिह, लेबर इस्पेक्टर कमल खरे,कल्याण अधिकारी मनीष शर्मा,लक्ष्मण सिह मरकाम रहे।