Friday, August 19, 2022

ढाई करोड़ की जमीन की अफरा तफरी को लेकर मचा बवाल, पार्टनर को भनक नहीं फिर भी हो गई रजिस्ट्री, पीड़ित बिल्डर्स एंड डवलपर्स ने रेरा में दर्ज कराई शिकायत

बिलासपुर– सरकण्डा के खमतराई स्थित करीब ढाई करोड़ रुपये कीमती जमीन को लेकर अफरा तफरी करने का मामला सामने आया है। जमीन के पार्टनर व बिल्डर एंड डवलपर्स की जानकारी के बिना ही भूमि मालिक ने जमीन बेच दी है। अब इस मामले की शिकायत पुलिस के साथ ही RERA तक पहुँच गई है। वहीं, तहसीलदार के समक्ष आपत्ति करते हुए नामांतरण पर आपत्ति की गई है।

जानकारी के अनुसार सरकण्डा के बालाजी बिल्डर्स एंड डवलपर्स के संचालक अभिनव पाठक ने साल 2014 में रायपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर रूपेश सराफ के साथ मिलकर पार्टनरशिप में बहतराई में जमीन खरीदी थी। इस जमीन की रजिस्ट्री उसकी पत्नी प्रीति सराफ के नाम से हुई थी। इसके साथ ही उनके बीच रजिस्टर्ड अनुबंध हुआ था। जिसके मुताबिक अभिनव को जमीन में फ्लैट बनाना था। इसके बाद फ्लैट निर्माण के बाद उसे बेचकर कर आपस में हिस्सेदारी करनी थी। इस काम के लिये पाठक ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया। लेकिन बाद में पता चला, कि इसके लिए टाउन एन्ड कंट्री प्लानिंग व नगर निगम से अनुमति नहीं ली गई थी। इसके चलते यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया। फिर बाद में रूपेश सराफ ने हाल ही में इस जमीन को शहर के भूमाफियाओं से मिलीभगत कर सौदा कर दिया। इस बीच अभिनव पाठक को इसमें हिस्सेदारी देने का झांसा दिया गया। लेकिन, पार्टनर अभिनव की जानकारी के बिना ही जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। इसकी भनक लगने पर बालाजी डवलपर्स के संचालक अभिनव पाठक ने नामांतरण में आपत्ति करते हए तहसीलदार के समक्ष आवेदन दिया है। इसके साथ ही इस मामले की शिकायत रेरा व सरकण्डा थाने में दर्ज कराई है।

40 लाख खर्च कर रखी थी नींव

बालाजी डवलपर्स के संचालक अभिनव पाठक ने कहा कि जमीन का सौदा होने के बाद उन्होंने 40 से 50 लाख रुपये खर्च कर फ्लैट व दुकान बनाने के लिए खर्च कर चुका है। इस राशि का हिसाब किए बिना ही निर्माणकार्य में तोड़फोड़ कर दी गई है। इस मामले की शिकायत सरकण्डा थाने में लंबित है। इस बीच उन्हें क्रेता व विक्रेता ने उनके हिस्से की रकम देने का भरोसा दिलाया था। लेकिन, अब जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद भी उसे फूटी कौड़ी तक नहीं दी गई है। पाठक ने कहा है इस मामले में पुलिस व सक्षम अधिकारियों से न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट से गुहार लगानी पड़ेगी।

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बिलासपुर– सरकण्डा के खमतराई स्थित करीब ढाई करोड़ रुपये कीमती जमीन को लेकर अफरा तफरी करने का मामला सामने आया है। जमीन के पार्टनर व बिल्डर एंड डवलपर्स की जानकारी के बिना ही भूमि मालिक ने जमीन बेच दी है। अब इस मामले की शिकायत पुलिस के साथ ही RERA तक पहुँच गई है। वहीं, तहसीलदार के समक्ष आपत्ति करते हुए नामांतरण पर आपत्ति की गई है।

जानकारी के अनुसार सरकण्डा के बालाजी बिल्डर्स एंड डवलपर्स के संचालक अभिनव पाठक ने साल 2014 में रायपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर रूपेश सराफ के साथ मिलकर पार्टनरशिप में बहतराई में जमीन खरीदी थी। इस जमीन की रजिस्ट्री उसकी पत्नी प्रीति सराफ के नाम से हुई थी। इसके साथ ही उनके बीच रजिस्टर्ड अनुबंध हुआ था। जिसके मुताबिक अभिनव को जमीन में फ्लैट बनाना था। इसके बाद फ्लैट निर्माण के बाद उसे बेचकर कर आपस में हिस्सेदारी करनी थी। इस काम के लिये पाठक ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया। लेकिन बाद में पता चला, कि इसके लिए टाउन एन्ड कंट्री प्लानिंग व नगर निगम से अनुमति नहीं ली गई थी। इसके चलते यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया। फिर बाद में रूपेश सराफ ने हाल ही में इस जमीन को शहर के भूमाफियाओं से मिलीभगत कर सौदा कर दिया। इस बीच अभिनव पाठक को इसमें हिस्सेदारी देने का झांसा दिया गया। लेकिन, पार्टनर अभिनव की जानकारी के बिना ही जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। इसकी भनक लगने पर बालाजी डवलपर्स के संचालक अभिनव पाठक ने नामांतरण में आपत्ति करते हए तहसीलदार के समक्ष आवेदन दिया है। इसके साथ ही इस मामले की शिकायत रेरा व सरकण्डा थाने में दर्ज कराई है।

40 लाख खर्च कर रखी थी नींव

बालाजी डवलपर्स के संचालक अभिनव पाठक ने कहा कि जमीन का सौदा होने के बाद उन्होंने 40 से 50 लाख रुपये खर्च कर फ्लैट व दुकान बनाने के लिए खर्च कर चुका है। इस राशि का हिसाब किए बिना ही निर्माणकार्य में तोड़फोड़ कर दी गई है। इस मामले की शिकायत सरकण्डा थाने में लंबित है। इस बीच उन्हें क्रेता व विक्रेता ने उनके हिस्से की रकम देने का भरोसा दिलाया था। लेकिन, अब जमीन की रजिस्ट्री होने के बाद भी उसे फूटी कौड़ी तक नहीं दी गई है। पाठक ने कहा है इस मामले में पुलिस व सक्षम अधिकारियों से न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट से गुहार लगानी पड़ेगी।