Tuesday, December 6, 2022

नई कार्यकारिणी में खींचतान शुरु, सीनियर पार्षदों में नाराज़गी

बिलासपुर – एमआईसी को लेकर नई कार्यकारिणी में खींचतान शुरू हो गई है। जारी 11 एमआईसी की सूची के बाद बची तीन एमआईसी सीट को लेकर मामला अटक गया है। बताया जा रहा है पसंद नापंसद के फेर में कई दिग्गज पार्षद, अध्य्क्ष के करीबी पार्षद भी एमआईसी के रेस से बाहर हो गए हैं।

दरअसल, बीते दिनों मेयर ने 11 एमआईसी की सूची जारी की है। जिसमें कई दिग्गज पार्षदों का नाम गायब है। जारी सूची में मेयर और संगठन का दबदबा है। अध्यक्ष को एमआईसी में तवज्जो नहीं दी गयी है। उनके कई करीबी सीनियर पार्षद तक एमआईसी में शामिल नहीं हो सके हैं। बताया जा रहा है, इसी वजह से नई कार्यकारिणी में खटपट शुरू हो गयी है, लिहाज़ा तीन एमआईसी सीट का मामला अटक गया है।

अध्यक्ष की मानें तो एमआईसी के नाम संगठन से तय हो रहे हैं, एमआईसी कोई भी रहे किसी पार्षद का काम न अटके ये महत्वपूर्ण है। इधर मेयर का कहना है, बड़ी संख्या में पार्षद जीतकर आए हैं, ऐसे में सभी को एमआईसी में शामिल नहीं किया जा सकता है। संगठन एमआइसी को लेकर निर्णय ले रहा है। पार्षद एमआईसी बनने से ज्यादा अपने वार्डों में ध्यान दें, सभी पार्षद मेयर के बराबर हैं।

GiONews Team
Editor In Chief

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बिलासपुर – एमआईसी को लेकर नई कार्यकारिणी में खींचतान शुरू हो गई है। जारी 11 एमआईसी की सूची के बाद बची तीन एमआईसी सीट को लेकर मामला अटक गया है। बताया जा रहा है पसंद नापंसद के फेर में कई दिग्गज पार्षद, अध्य्क्ष के करीबी पार्षद भी एमआईसी के रेस से बाहर हो गए हैं।

दरअसल, बीते दिनों मेयर ने 11 एमआईसी की सूची जारी की है। जिसमें कई दिग्गज पार्षदों का नाम गायब है। जारी सूची में मेयर और संगठन का दबदबा है। अध्यक्ष को एमआईसी में तवज्जो नहीं दी गयी है। उनके कई करीबी सीनियर पार्षद तक एमआईसी में शामिल नहीं हो सके हैं। बताया जा रहा है, इसी वजह से नई कार्यकारिणी में खटपट शुरू हो गयी है, लिहाज़ा तीन एमआईसी सीट का मामला अटक गया है।

अध्यक्ष की मानें तो एमआईसी के नाम संगठन से तय हो रहे हैं, एमआईसी कोई भी रहे किसी पार्षद का काम न अटके ये महत्वपूर्ण है। इधर मेयर का कहना है, बड़ी संख्या में पार्षद जीतकर आए हैं, ऐसे में सभी को एमआईसी में शामिल नहीं किया जा सकता है। संगठन एमआइसी को लेकर निर्णय ले रहा है। पार्षद एमआईसी बनने से ज्यादा अपने वार्डों में ध्यान दें, सभी पार्षद मेयर के बराबर हैं।