Monday, November 28, 2022

पेण्ड्रा-गौरेला-मरवाही जिले का मुख्यालय गुरुकुल में बनाए जाने पर नेताओं ने भी जताई सहमति

पेंड्रा– छत्तीसगढ़ के 28 जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही के अस्तित्व में आने में अब केवल 15 दिन शेष बचे हैं इसके पहले जिले के नाम को लेकर और जिला मुख्यालय की स्थापना को लेकर गौरेला पेंड्रा और मरवाही तीनों ही जगह के जनप्रतिनिधियों नागरिकों और आम जनता के बीच काफी मनमुटाव और विवाद की स्थिति बनती दिख रही थी क्योंकि जिला मुख्यालय को गौरेला टीकरकला में बनाए जाने की प्रबल संभावनाएं नजर आ रही थी ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की बनाई गई ओएसडी शिखा राजपूत तिवारी और पुलिस विभाग के ओएसडी सूरज सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही सभी संभावित भवनों का निरीक्षण किया इसके साथ ही साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि नेताओं और आम जनता से भी राय मशवरा किया।
अभी तक हालांकि प्रशासनिक निर्णय नहीं आ पाया है पर कयास यही लगाए जा रहे हैं कि गौरेला और पेंड्रा के बीच में लगभग समान दूरी में स्थित गुरुकुल के विद्यालय भवन छात्रावास आदि को मिलाकर गौरेला पेंड्रा मरवाही के जिला मुख्यालय के कार्यालय यहां स्थापित किए जा सकते हैं इस संभावना के प्रबल होने के बाद स्थानीय लोगों ने इस बात में न केवल सहमति जताई है बल्कि हर्ष व्यक्त किया है और कहा है कि गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाने से आम जनता को सहूलियत भी होगी साथ ही साथ पहुंचने में काफी आसानी होगी और गौरेला पेंड्रा शहरों के बीच में बनाए जाने से दोनों ही प्रमुख शहरों के लोग इस बाबत सहमति भी जला चुके हैं। कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष गुलाब सिंह राज ने कहा कि टीकर कला की जगह गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाने से हर वर्ग के लोगों को सहूलियत भी होगी पहुंचना आसान होगा साथ ही साथ की नियंत्रण करने में अधिकारियों को भी सहूलियत होगी । नगर पंचायत पेंड्रा के उपाध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि टीकर कला में जिला मुख्यालय जरा भी उपयुक्त नहीं था और आम जनता को वहां पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता ऐसे में टीकर कला की तुलना में गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाना कहीं ज्यादा बेहतर है। पंकज तिवारी ने कहा कि कुछ जिला स्तर के कार्यालय जैसे जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग सहित कुशल कार्यालय पेंड्रा में खोले जाने चाहिए जिससे पेंड्रा के गौरव में भी बढ़ोतरी हो सके साथ ही साथ पेंड्रा वासियों के लिए भी जिला कार्यालय उपलब्धि बतौर शामिल हो सके ।नगर पंचायत पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान ने कहा कि यदि अंतिम तौर पर किया जा रहा था तो उससे कहीं ज्यादा बेहतर गुरुकुल प्रांगण में जिला मुख्यालय का संचालन आम जनता के लिए सुविधाजनक होगा।
पार्षद राकेश चतुर्वेदी ने भी गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाने पर अपनी सहमति देते हुए कहा कि गुरुकुल में चारों दिशाओं से आने वाले लोगों के लिए पहुंचना आसान होगा ऐसे में गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाने का हम स्वागत करते हैं। नगर पंचायत पेंड्रा के पूर्व अध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह ने कहा कि वैसे टीकर कला से गुरुकुल ज्यादा बेहतर है और गुरुकुल अथवा पेंड्रा आईटीआई भवन या डाइट या फिजिकल कालेज में जिला मुख्यालय बनाया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है कि नया जिला को लेकर अब लोगों में उत्साह देखा जा रहा है नई कलेक्टर और एसपी के साथ ही साथ जिला अधिकारियों की पदस्थापना ना केवल छत्तीसगढ़ के 28 में जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही के लोगों के लिए वरदान साबित होगा बल्कि प्रशासकीय नियंत्रण और लोगों के जिला से संबंधित कामकाज में जिला मुख्यालय में पहुंचना 10 फरवरी से आसान हो सकेगा । गुरुकुल में संभावित जिला मुख्यालय का निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से एक प्रकार से वरदान ही साबित होगा।

GiONews Team
Editor In Chief

5 COMMENTS

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पेंड्रा– छत्तीसगढ़ के 28 जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही के अस्तित्व में आने में अब केवल 15 दिन शेष बचे हैं इसके पहले जिले के नाम को लेकर और जिला मुख्यालय की स्थापना को लेकर गौरेला पेंड्रा और मरवाही तीनों ही जगह के जनप्रतिनिधियों नागरिकों और आम जनता के बीच काफी मनमुटाव और विवाद की स्थिति बनती दिख रही थी क्योंकि जिला मुख्यालय को गौरेला टीकरकला में बनाए जाने की प्रबल संभावनाएं नजर आ रही थी ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की बनाई गई ओएसडी शिखा राजपूत तिवारी और पुलिस विभाग के ओएसडी सूरज सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही सभी संभावित भवनों का निरीक्षण किया इसके साथ ही साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि नेताओं और आम जनता से भी राय मशवरा किया।
अभी तक हालांकि प्रशासनिक निर्णय नहीं आ पाया है पर कयास यही लगाए जा रहे हैं कि गौरेला और पेंड्रा के बीच में लगभग समान दूरी में स्थित गुरुकुल के विद्यालय भवन छात्रावास आदि को मिलाकर गौरेला पेंड्रा मरवाही के जिला मुख्यालय के कार्यालय यहां स्थापित किए जा सकते हैं इस संभावना के प्रबल होने के बाद स्थानीय लोगों ने इस बात में न केवल सहमति जताई है बल्कि हर्ष व्यक्त किया है और कहा है कि गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाने से आम जनता को सहूलियत भी होगी साथ ही साथ पहुंचने में काफी आसानी होगी और गौरेला पेंड्रा शहरों के बीच में बनाए जाने से दोनों ही प्रमुख शहरों के लोग इस बाबत सहमति भी जला चुके हैं। कांग्रेस के जिला कार्यकारी अध्यक्ष गुलाब सिंह राज ने कहा कि टीकर कला की जगह गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाने से हर वर्ग के लोगों को सहूलियत भी होगी पहुंचना आसान होगा साथ ही साथ की नियंत्रण करने में अधिकारियों को भी सहूलियत होगी । नगर पंचायत पेंड्रा के उपाध्यक्ष पंकज तिवारी ने कहा कि टीकर कला में जिला मुख्यालय जरा भी उपयुक्त नहीं था और आम जनता को वहां पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता ऐसे में टीकर कला की तुलना में गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाना कहीं ज्यादा बेहतर है। पंकज तिवारी ने कहा कि कुछ जिला स्तर के कार्यालय जैसे जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग सहित कुशल कार्यालय पेंड्रा में खोले जाने चाहिए जिससे पेंड्रा के गौरव में भी बढ़ोतरी हो सके साथ ही साथ पेंड्रा वासियों के लिए भी जिला कार्यालय उपलब्धि बतौर शामिल हो सके ।नगर पंचायत पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान ने कहा कि यदि अंतिम तौर पर किया जा रहा था तो उससे कहीं ज्यादा बेहतर गुरुकुल प्रांगण में जिला मुख्यालय का संचालन आम जनता के लिए सुविधाजनक होगा।
पार्षद राकेश चतुर्वेदी ने भी गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाने पर अपनी सहमति देते हुए कहा कि गुरुकुल में चारों दिशाओं से आने वाले लोगों के लिए पहुंचना आसान होगा ऐसे में गुरुकुल में जिला मुख्यालय बनाए जाने का हम स्वागत करते हैं। नगर पंचायत पेंड्रा के पूर्व अध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह ने कहा कि वैसे टीकर कला से गुरुकुल ज्यादा बेहतर है और गुरुकुल अथवा पेंड्रा आईटीआई भवन या डाइट या फिजिकल कालेज में जिला मुख्यालय बनाया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर लब्बोलुआब यह है कि नया जिला को लेकर अब लोगों में उत्साह देखा जा रहा है नई कलेक्टर और एसपी के साथ ही साथ जिला अधिकारियों की पदस्थापना ना केवल छत्तीसगढ़ के 28 में जिले गौरेला पेंड्रा मरवाही के लोगों के लिए वरदान साबित होगा बल्कि प्रशासकीय नियंत्रण और लोगों के जिला से संबंधित कामकाज में जिला मुख्यालय में पहुंचना 10 फरवरी से आसान हो सकेगा । गुरुकुल में संभावित जिला मुख्यालय का निर्णय छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से एक प्रकार से वरदान ही साबित होगा।