बिलासा कला मंच ने धूमधाम से मनाई हरेली

बिलासपुर– रिमझिम बारिश के बीच सावन माह के अमावस्या में मनाया जाने वाला छत्तीसगढ़ का प्रथम तिहार हरेली को बड़े ही रोचक और धूमधाम से बिलासा कला मंच ने आयोजित किया। बिलासपुर शहर के ऐतिहासिक महत्व के स्थान पचरीघाट अरपा नदी के तीरे चौपाटी में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ के बीच गेंड़ी प्रतियोगिता को देखने लोगों में खासी उत्साह थी।एक साथ 10 लोगों ने गेंड़ी चढ़कर दौड़ लगाई। इसी प्रकार नवयुवकों के बीच नारियल फेंक प्रतियोगिता रखी गई। दोनों ही प्रतियोगिता के विजेताओं को मंच द्वारा सम्मानित किया गया। इससे पहले उपस्थित अतिथियों और बिलासा कला मंच के सदस्यों के द्वारा नदी किनारे पौधरोपण का कार्य हुआ। सहदेव कैवर्त के टीम ने मोहक डंडा नृत्य प्रस्तुत कर सबके मन को मोह लिया।बिलासा कला मंच के सदस्यों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ सोमनाथ यादव और अतिथियों ने कृषि औजार नागर,कुदाली,रापा, गैंती, जुआड़ी,आदि का पूजा अर्चना की।

विभिन्न क्षेत्रों में अपना अमूल्य समय देने वाले सत्यजीत बोस,राजेंद्र श्रीवास्तव, कमल दुबे, अनिरुद्ध सिंह परिहार, श्रीमती ज्योत्सना स्वर्णकार, सुश्री मौसमी दत्ता,रमाकांत सोनी,शंकर यादव,प्रसून सोनी को स्मृति चिन्ह,शाल और श्रीफल से उपस्थित अतिथियों ने सम्मान किया।

मुख्य अतिथि के आसंदी से डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा, कि वास्तव में हरेली शब्द हलेरी का विपर्यय है।इस त्यौहार में गेंड़ी चढ़ने,नारियल फेंकने का विशेष महत्व है। विशिष्ट अतिथि अटल श्रीवास्तव और डॉ जी डी पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, कि छत्तीसगढ़ शासन के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस वर्ष हरेली तिहार में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है जिससे पूरे छत्तीसगढ़ की जनता ने स्वागत किया है।अध्यक्षता करते हुए बसंत शर्मा ने कहा कि बिलासा कला मंच हमेशा से लोकसाहित्य और लोकसंस्कृति पर विविध आयोजन कर लोगों का मनोरंजन करती रही है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में बिलासा कला मंच के राजेन्द्र मौर्य, डॉ सुधाकर बिबे ,राघवेंद्रधर दीवान,विश्वनाथ राव,महेश श्रीवास, केवलकृष्ण पाठक,ध्रुव देवांगन, जी आर चौहान, सुधीर दत्ता, रामचंद्र यादव,देवानंद दुबे,रामेश्वर गुप्ता, अश्विनी पांडे,दिनेश्वर जाधव,सनत तिवारी,मनोहरदास मानिकपुरी, ओमशंकर लिबर्टी,उमेद यादव, श्रीकुमार पांडेय, नितेश पाटकर,सहदेव कैवर्त, बद्री कैवर्त,अनूप श्रीवास, महेंद्र गुप्ता,गोपाल यादव,संजय डहरिया,थानुराम लसहे,राजू रावल,दिनेश गुप्ता,मधु मौर्य, मंजू यादव,अहिल्या यादव,कमलेश पाठक,लेखनी जाधव,सहित सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।कार्यक्रम का संचालन डॉ सोमनाथ यादव और सुनील तिवारी ने तथा आभार प्रदर्शन ध्रुव देवांगन ने किया।