Saturday, August 13, 2022

महिला किसान ह ‘रामकोठी’ ले करिस ₹10 हजार मुख्यमंत्री सहायता कोष म जमा.. अउ कहिस- सरकार किसान मन के चिंता करिस, त कोरोना के लड़ई म ओखर संग देना हमर फर्ज..

रायपुर– कोरोना के लड़ई म एकझन सियान महिला किसान राधाबाई सिन्हा हर 10 हजार रुपिया मुख्यमंत्री सहायता कोष म जमा करे हे। 85 साल के राधाबाई के कहना हे, “छत्तीसगढ़ सरकार हर किसान मन के चिंता करिस.. त कोरोना के लड़ई म सरकार के संग देना हमर फर्ज..”

फिंगेश्वर जनपद के गांव सरगोड़ की रहने वाली राधाबाई सिन्हा ने पुरखों द्वारा तैयार की गई रामकोठी के धन से की है। उन्होंने बताया, कि जरूरतमंदों की मदद के लिए उनके पूर्वजों ने परिवार में रामकोठी बनाई है, जिसमें वे अपनी खरीफ खेती की आमदनी का दसवां हिस्सा निकालते हैं। इसी रामकोठी से गांव और परिवार में होने वाले धार्मिक और मांगलिक आयोजन के साथ जरूरतमंदों की मदद में भागीदारी निभाई जाती है।

कोरोना महामारी के चलते इस साल गांव और परिवार में धार्मिक, मांगलिक और दूसरे आयोजन नहीं हो रहे हैं, इसलिए रामकोठी की वह राशि जिससे जरूरतमंदों की मदद में खर्च की जानी थी, मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कर दी।

राधाबाई ने यह निर्णय लेने से पहले अपने बेटे खम्हन, मूलचंद, चंद्रप्रकाश, पुरानिक, भुनेश्वर और तुलश की सहमति की ली। बेटों ने बताया कि मां के इस नेक कार्य से उन सबने भविष्य के लिए प्रेरणा ली है, उन्हें भी इस बात का गर्व है कि वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग में उनका परिवार सरकार के साथ है। वे कहते हैं कि उनका परिवार बड़ा और संयुक्त होने के साथ कृषि पर निर्भर है। सरकार ने उनकी उपज का पर्याप्त दाम दिया है। समर्थन मूल्य के अंतर की राशि को किसानों के खाते में जमा करने की घोषणा से उनके भविष्य की चिंता दूर हुई है।

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रायपुर– कोरोना के लड़ई म एकझन सियान महिला किसान राधाबाई सिन्हा हर 10 हजार रुपिया मुख्यमंत्री सहायता कोष म जमा करे हे। 85 साल के राधाबाई के कहना हे, “छत्तीसगढ़ सरकार हर किसान मन के चिंता करिस.. त कोरोना के लड़ई म सरकार के संग देना हमर फर्ज..”

फिंगेश्वर जनपद के गांव सरगोड़ की रहने वाली राधाबाई सिन्हा ने पुरखों द्वारा तैयार की गई रामकोठी के धन से की है। उन्होंने बताया, कि जरूरतमंदों की मदद के लिए उनके पूर्वजों ने परिवार में रामकोठी बनाई है, जिसमें वे अपनी खरीफ खेती की आमदनी का दसवां हिस्सा निकालते हैं। इसी रामकोठी से गांव और परिवार में होने वाले धार्मिक और मांगलिक आयोजन के साथ जरूरतमंदों की मदद में भागीदारी निभाई जाती है।

कोरोना महामारी के चलते इस साल गांव और परिवार में धार्मिक, मांगलिक और दूसरे आयोजन नहीं हो रहे हैं, इसलिए रामकोठी की वह राशि जिससे जरूरतमंदों की मदद में खर्च की जानी थी, मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कर दी।

राधाबाई ने यह निर्णय लेने से पहले अपने बेटे खम्हन, मूलचंद, चंद्रप्रकाश, पुरानिक, भुनेश्वर और तुलश की सहमति की ली। बेटों ने बताया कि मां के इस नेक कार्य से उन सबने भविष्य के लिए प्रेरणा ली है, उन्हें भी इस बात का गर्व है कि वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग में उनका परिवार सरकार के साथ है। वे कहते हैं कि उनका परिवार बड़ा और संयुक्त होने के साथ कृषि पर निर्भर है। सरकार ने उनकी उपज का पर्याप्त दाम दिया है। समर्थन मूल्य के अंतर की राशि को किसानों के खाते में जमा करने की घोषणा से उनके भविष्य की चिंता दूर हुई है।