Saturday, December 3, 2022

मां-बेटे ने चोरी कर रिश्तेदारों को बेचा सामान, 4 आरोपियों से 6 लाख का सामान बरामद

बिलासपुर-चोरी के 4 घटना को अंजाम देने वाले मां-बेटे और दो खरीददार को सरकंडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।पकड़े गए आरोपियों से सोने-चांदी के आभूषण, मोबाईल, मोटरसाइकल सहित 5 हजार नगद समेत करीब 6 लाख का सामान बरामद हुआ है।

सरकंडा क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी को लेकर पुलिस अधीक्षक से मिले निर्देश के बाद थाना प्रभारी शनिप कुमार रात्रे अपराधियों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पता चला, कि मोपका में रहने वाला दीपक डहरिया और उसकी मां चंपाबाई कुछ सोने चांदी के जेवर बेचने के लिए ग्राहक तलाश कर रहे हैं। इस मामले में संदेह होने पर पुलिस ने दीपक और उसकी मां चंपाबाई को थाने बुलाकर पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में दोनों टूट गए और उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर 2019 को अपने ही घर के पास कॉलोनी में रहने वाले गीता शर्मा के मोपका रोड स्थित मकान में उन्होंने चोरी की थी । गीता शर्मा का मकान तीन-चार दिनों से बंद था, और पिछले कुछ दिनों से दीपक डहरिया मोटरसाइकिल खरीदना चाह रहा था। सूने मकान को देखकर उनकी नीयत डोल गई और दीपक ने ताला तोड़कर मकान में प्रवेश किया । अलमारी का लॉकर तोड़कर सोने चांदी के जेवरात चोरी कर अपने घर ले जाकर अपनी मां को दे दिया। चंपाबाई चोरी के जेवरात को छुपा कर अपने पास रखी रही। जब इस मामले में काफी दिनों तक कोई पुलिस कार्यवाही नहीं हुई तो दोनों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने एक बार फिर 20 नवंबर 2019 को उसी मकान में दोबारा चोरी की घटना को अंजाम देते हुए जेवर के साथ दो मोबाइल फोन और 10,000 रु नगदी भी पार कर दिया।


इन्हीं चोरी के जेवर में से एक को दोनों ने घोंघाडीह गनियारी कोटा में रहने वाले अपने रिश्तेदार संत कुमार टंडन को 30,000 रु में बेच दिया। इतना ही नहीं उन्होंने तीन सोने के लॉकेट वाले नेकलेस को भी अपने ही परिचित परसदा मस्तूरी के पास रहने वाले अशोक सूर्यवंशी को 12000 रु में बेचा। चोरी के पैसे से मां बेटे ने एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल भी खरीद ली। शेष बचे जेवरात को भी चंपाबाई और दीपक डहरिया धीरे-धीरे बेचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसी बीच दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने चोरी की रकम से खरीदे गए मोटरसाइकिल और नगदी 6000 रु के अलावा बड़ी संख्या में सोने चांदी के जेवर दोनों से बरामद किए हैं। इस मामले में दोनों मुख्य आरोपी के अलावा खरीददारों अशोक सूर्यवंशी और संत कुमार टंडन को भी गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पूछताछ में यह खुलासा भी हुआ कि दीपक डेहरिया ,9 मार्च 2020 को रामकृष्ण कॉलोनी सरकंडा में रहने वाले राजेश कुमार पांडे के सूने मकान में भी चोरी करने घुसा था। जहां से उसने अलमारी में रखे 5 जोड़ी चांदी के पायल कड़ा बिछिया सोने का झुमका सोने की बाली समेत कई तरह के जेवरात चोरी किए थे जिसे उसने मोपका कुटी पारा रोड के पास एक नर्सरी में गड्ढा खोदकर दबा दिया था। पुलिस ने मौके पर ले जाकर उस चोरी के जेवरात को भी बरामद कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी दीपक उर्फ फासो डहरिया के साथ उसकी मां चंपाबाई और खरीददार अशोक सूर्यवंशी संत कुमार टंडन और रामनिवास उर्फ गुड्डू यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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बिलासपुर-चोरी के 4 घटना को अंजाम देने वाले मां-बेटे और दो खरीददार को सरकंडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।पकड़े गए आरोपियों से सोने-चांदी के आभूषण, मोबाईल, मोटरसाइकल सहित 5 हजार नगद समेत करीब 6 लाख का सामान बरामद हुआ है।

सरकंडा क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी को लेकर पुलिस अधीक्षक से मिले निर्देश के बाद थाना प्रभारी शनिप कुमार रात्रे अपराधियों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पता चला, कि मोपका में रहने वाला दीपक डहरिया और उसकी मां चंपाबाई कुछ सोने चांदी के जेवर बेचने के लिए ग्राहक तलाश कर रहे हैं। इस मामले में संदेह होने पर पुलिस ने दीपक और उसकी मां चंपाबाई को थाने बुलाकर पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में दोनों टूट गए और उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर 2019 को अपने ही घर के पास कॉलोनी में रहने वाले गीता शर्मा के मोपका रोड स्थित मकान में उन्होंने चोरी की थी । गीता शर्मा का मकान तीन-चार दिनों से बंद था, और पिछले कुछ दिनों से दीपक डहरिया मोटरसाइकिल खरीदना चाह रहा था। सूने मकान को देखकर उनकी नीयत डोल गई और दीपक ने ताला तोड़कर मकान में प्रवेश किया । अलमारी का लॉकर तोड़कर सोने चांदी के जेवरात चोरी कर अपने घर ले जाकर अपनी मां को दे दिया। चंपाबाई चोरी के जेवरात को छुपा कर अपने पास रखी रही। जब इस मामले में काफी दिनों तक कोई पुलिस कार्यवाही नहीं हुई तो दोनों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने एक बार फिर 20 नवंबर 2019 को उसी मकान में दोबारा चोरी की घटना को अंजाम देते हुए जेवर के साथ दो मोबाइल फोन और 10,000 रु नगदी भी पार कर दिया।


इन्हीं चोरी के जेवर में से एक को दोनों ने घोंघाडीह गनियारी कोटा में रहने वाले अपने रिश्तेदार संत कुमार टंडन को 30,000 रु में बेच दिया। इतना ही नहीं उन्होंने तीन सोने के लॉकेट वाले नेकलेस को भी अपने ही परिचित परसदा मस्तूरी के पास रहने वाले अशोक सूर्यवंशी को 12000 रु में बेचा। चोरी के पैसे से मां बेटे ने एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल भी खरीद ली। शेष बचे जेवरात को भी चंपाबाई और दीपक डहरिया धीरे-धीरे बेचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसी बीच दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने चोरी की रकम से खरीदे गए मोटरसाइकिल और नगदी 6000 रु के अलावा बड़ी संख्या में सोने चांदी के जेवर दोनों से बरामद किए हैं। इस मामले में दोनों मुख्य आरोपी के अलावा खरीददारों अशोक सूर्यवंशी और संत कुमार टंडन को भी गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पूछताछ में यह खुलासा भी हुआ कि दीपक डेहरिया ,9 मार्च 2020 को रामकृष्ण कॉलोनी सरकंडा में रहने वाले राजेश कुमार पांडे के सूने मकान में भी चोरी करने घुसा था। जहां से उसने अलमारी में रखे 5 जोड़ी चांदी के पायल कड़ा बिछिया सोने का झुमका सोने की बाली समेत कई तरह के जेवरात चोरी किए थे जिसे उसने मोपका कुटी पारा रोड के पास एक नर्सरी में गड्ढा खोदकर दबा दिया था। पुलिस ने मौके पर ले जाकर उस चोरी के जेवरात को भी बरामद कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी दीपक उर्फ फासो डहरिया के साथ उसकी मां चंपाबाई और खरीददार अशोक सूर्यवंशी संत कुमार टंडन और रामनिवास उर्फ गुड्डू यादव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।