Saturday, August 13, 2022

युवा अंकिता.. जिसने समाज को बढलने की है ठानी..

बिलासपुर– ये है सरकंडा की रहने वाली अंकिता पाण्डेय.. 25 साल की आयु में ही इन्होंने जन सेवा की ठान ली है, और अटल आवास, झुग्गी झोपड़ी क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में जाकर वहां के बच्चों को अच्छे स्पर्श एवं बुरे स्पर्श, यौन शोषण, लैंगिक उत्पीड़न, नशा मुक्ति, चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 के बारे में वीडियो, कहानी, पोस्टर आदि के माध्यम से जागरूक करती है।

किशोरियों को महावारी के दौरान होने वाली समस्या का निदान योग के माध्यम से उन्हें बताती है| वही किशोर को पोस्को एक्ट एवं साइबर क्राइम के बारे में जानकारी देती हैं। बच्चों, युवतियों को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण व बचाओ के तत्काल सरल तरीके उन्हें बताती हैं। उनके अभिभावकों को लड़की लड़का एक बराबर, बालिका शिक्षा एवं बाल विवाह इन सभी के लिए जागरूक करने का काम कर रही है | साथ ही साथ एक ऐसा समुदाय है, जो भिक्षावृत्ति को बढ़ावा दे रहा है, उस “नट” समुदाय के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का काम कर रही है, ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो, क्योंकि जागरूकता व्यक्ति को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है।

जब भी अंकिता के सामने लैंगिक उत्पीड़न और अच्छे स्पर्श बुरे स्पर्श का मामला सामने आता है, तब उसे संवेदना केंद्र एवं चाइल्डलाइन को इस सब के बारे में जानकारी देकर उनका मदद करने में पीछे नही रहती, हाल ही में एक स्कूल के 50 से ज्यादा बच्चियों को जागरूक कर उनके साथ हो रही घटना को अभिभावकों व लोगों के सामने लाया गया.. वहीं घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए निशुल्क वकील की व्यवस्था करना एवं मार्गदर्शन करना इस युवा समाजसेवी ने अपना उद्देश्य बना लिया है।

GiONews Team
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बिलासपुर– ये है सरकंडा की रहने वाली अंकिता पाण्डेय.. 25 साल की आयु में ही इन्होंने जन सेवा की ठान ली है, और अटल आवास, झुग्गी झोपड़ी क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में जाकर वहां के बच्चों को अच्छे स्पर्श एवं बुरे स्पर्श, यौन शोषण, लैंगिक उत्पीड़न, नशा मुक्ति, चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 के बारे में वीडियो, कहानी, पोस्टर आदि के माध्यम से जागरूक करती है।

किशोरियों को महावारी के दौरान होने वाली समस्या का निदान योग के माध्यम से उन्हें बताती है| वही किशोर को पोस्को एक्ट एवं साइबर क्राइम के बारे में जानकारी देती हैं। बच्चों, युवतियों को आत्मरक्षा हेतु प्रशिक्षण व बचाओ के तत्काल सरल तरीके उन्हें बताती हैं। उनके अभिभावकों को लड़की लड़का एक बराबर, बालिका शिक्षा एवं बाल विवाह इन सभी के लिए जागरूक करने का काम कर रही है | साथ ही साथ एक ऐसा समुदाय है, जो भिक्षावृत्ति को बढ़ावा दे रहा है, उस “नट” समुदाय के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने का काम कर रही है, ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो, क्योंकि जागरूकता व्यक्ति को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है।

जब भी अंकिता के सामने लैंगिक उत्पीड़न और अच्छे स्पर्श बुरे स्पर्श का मामला सामने आता है, तब उसे संवेदना केंद्र एवं चाइल्डलाइन को इस सब के बारे में जानकारी देकर उनका मदद करने में पीछे नही रहती, हाल ही में एक स्कूल के 50 से ज्यादा बच्चियों को जागरूक कर उनके साथ हो रही घटना को अभिभावकों व लोगों के सामने लाया गया.. वहीं घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए निशुल्क वकील की व्यवस्था करना एवं मार्गदर्शन करना इस युवा समाजसेवी ने अपना उद्देश्य बना लिया है।