Monday, November 28, 2022

रेणु जोगी के खिलाफ चुनाव याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज

बिलासपुर– कोटा विधायक रेणु जोगी के लिए हाईकोर्ट से राहत भरी खबर आई है, कोटा विधानसभा सीट से भारत भूमि पार्टी के प्रत्याशी संभू प्रसाद शर्मा की रेणु जोगी के खिलाफ दायर चुनाव याचिका बुधवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। बता दें की विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा जारी घोषणा पत्रों को चुनौती देते हुए संभू प्रसाद शर्मा ने कहा था कि ये मतदाताओं को जागरूक करने के लिए होते हैं, लेकिन अधिकांश घोषणा पत्रों में चुनाव जीतने के लिए प्रलोभन दिया गया है।

बता दें, कोटा विधानसभा सीट से भारत भूमि पार्टी के प्रत्याशी रहे एडवोकेट शंभू प्रसाद शर्मा ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका प्रस्तुत कर कहा था, कि सुप्रीम कोर्ट ने मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चुनाव से पहले घोषणा पत्र जारी करने का प्रावधान निर्धारित किया है, लेकिन अधिकांश राजनीतिक दल अपने घोषणा पत्रों के जरिए मतदाताओं को प्रलोभन देने का काम कर रहे हैं। ऐसे घोषणापत्रों के आधार पर चुनाव लड़ने वाले अधिकांश राजनीतिक दल व प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद अपने दावे पूरे भी नहीं करते। याचिका में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक घोषणा पत्र जारी नहीं करने के आधार पर रेणु जोगी के चुनाव के नतीजों को निरस्त करने की मांग की गई थी।

GiONews Team
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बिलासपुर– कोटा विधायक रेणु जोगी के लिए हाईकोर्ट से राहत भरी खबर आई है, कोटा विधानसभा सीट से भारत भूमि पार्टी के प्रत्याशी संभू प्रसाद शर्मा की रेणु जोगी के खिलाफ दायर चुनाव याचिका बुधवार को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। बता दें की विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा जारी घोषणा पत्रों को चुनौती देते हुए संभू प्रसाद शर्मा ने कहा था कि ये मतदाताओं को जागरूक करने के लिए होते हैं, लेकिन अधिकांश घोषणा पत्रों में चुनाव जीतने के लिए प्रलोभन दिया गया है।

बता दें, कोटा विधानसभा सीट से भारत भूमि पार्टी के प्रत्याशी रहे एडवोकेट शंभू प्रसाद शर्मा ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका प्रस्तुत कर कहा था, कि सुप्रीम कोर्ट ने मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चुनाव से पहले घोषणा पत्र जारी करने का प्रावधान निर्धारित किया है, लेकिन अधिकांश राजनीतिक दल अपने घोषणा पत्रों के जरिए मतदाताओं को प्रलोभन देने का काम कर रहे हैं। ऐसे घोषणापत्रों के आधार पर चुनाव लड़ने वाले अधिकांश राजनीतिक दल व प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद अपने दावे पूरे भी नहीं करते। याचिका में सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक घोषणा पत्र जारी नहीं करने के आधार पर रेणु जोगी के चुनाव के नतीजों को निरस्त करने की मांग की गई थी।