Monday, November 28, 2022

लॉकडाउन: विशाखापट्टनम में फंसे बिलासपुर की बुजुर्ग महिला और बच्चे, प्रशासन से मदद की लगाई गुहार

बिलासपुर– कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने देश भर लागू लॉकडाउन से कई लोग अपने परिवार से दूर है, और अन्य राज्यों में फंस गए है। इसी कड़ी में गंगा नगर, बिलासपुर में रहने वाले दुर्गा इलेक्ट्रिक्स के संचालक का परिवार लॉकडाउन के चलते महीने भर से विशाखापट्नम के समीप गोपालपट्टनम में फंसा है, जिन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बतादें उसकी पत्नी अपने दो छोटे बच्चे और अपनी माँ के साथ 14 मार्च को ट्रैन से विशाखापट्नम के पास सिम्हाचलम व आस-पास के मंदिरों के दर्शन के लिए निकले। और चारों वहां मंदिर दर्शन कर लौटने वाले थे, तभी अचानक सम्पूर्ण भारत मे लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई। जिससे ट्रेन बस सहित विमान सेवा भी बंद कर दी गई। और वे सभी आंध्र प्रदेश में फंस गए। जिसे देखते हुए मुंगेली नाका स्थित दुर्गा इलेक्ट्रिक्स के संचालक रॉकी साहू ने शासन को पत्र लिखकर अपने परिवार को वापस लेकर आने या उनसे मिलने की अनुमति व शासन से सहायता की मांग की है।

गंगा नगर बिलासपुर (महावीर अपार्टमेंट के पास) रहने वाले बिजली व्यसाइ रॉकी साहू की पत्नी मधु साहू (35) अपने दो छोटे बच्चों व अपनी माँ, शांति सिंह (60) के साथ मंदिर दर्शन के बाद 15-16 अप्रैल को वापस लौटने वाली थी, तभी लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया। जिससे लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहे रॉकी साहू के परिवार के चेहरे मुरझा गए । वही रॉकी का कहना है कि उनके परिवार के सदस्य काफी परेशान है जिनकी सुध लेने वाले कोई नही है उनके साथ एक भी पुरुष नही है साथ ही उनके पास पैसा भी खत्म हो गया है जिससे उन्हें भोजन जुटाने भी दिक्कत हो रही है आंध्रप्रदेश में फंसी दो महिला में एक बुजुर्ग है।

जिनकी तबियत भी ठीक नही रहती है पर अपने शहर वापस लौटने को साधन नही मिलने से वे चारों वहां परेशान हैं। खासकर उसकी चार साल की बेटी और छह साल का बेटा बार-बार उन्हें याद करते हुए घर वापस आने के लिए जिद कर रहे हैं। वही रॉकी साहू ने शासन अपील करते हुए चारों को लेने जाने के लिए अनुमति मांगी है।जिससे वे खुद किसी तरह कार की व्यवस्था कर अपने परिवार को सुरक्षित ल सकें पर अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नही हो पाया है और उनके परिवार की दिक्कत बढ़ती जा रही है। ज़िम्मेदार अधिकारी चाहिए कि राज्य से बाहर फंसे लोगों वापस लाने कोई ऊची व्यवस्था करें और बाकायदा उनकी जांच करा कर उन्हें अपने परिवार से मिलाने की पहल करें।

GiONews Team
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बिलासपुर– कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने देश भर लागू लॉकडाउन से कई लोग अपने परिवार से दूर है, और अन्य राज्यों में फंस गए है। इसी कड़ी में गंगा नगर, बिलासपुर में रहने वाले दुर्गा इलेक्ट्रिक्स के संचालक का परिवार लॉकडाउन के चलते महीने भर से विशाखापट्नम के समीप गोपालपट्टनम में फंसा है, जिन्हें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बतादें उसकी पत्नी अपने दो छोटे बच्चे और अपनी माँ के साथ 14 मार्च को ट्रैन से विशाखापट्नम के पास सिम्हाचलम व आस-पास के मंदिरों के दर्शन के लिए निकले। और चारों वहां मंदिर दर्शन कर लौटने वाले थे, तभी अचानक सम्पूर्ण भारत मे लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई। जिससे ट्रेन बस सहित विमान सेवा भी बंद कर दी गई। और वे सभी आंध्र प्रदेश में फंस गए। जिसे देखते हुए मुंगेली नाका स्थित दुर्गा इलेक्ट्रिक्स के संचालक रॉकी साहू ने शासन को पत्र लिखकर अपने परिवार को वापस लेकर आने या उनसे मिलने की अनुमति व शासन से सहायता की मांग की है।

गंगा नगर बिलासपुर (महावीर अपार्टमेंट के पास) रहने वाले बिजली व्यसाइ रॉकी साहू की पत्नी मधु साहू (35) अपने दो छोटे बच्चों व अपनी माँ, शांति सिंह (60) के साथ मंदिर दर्शन के बाद 15-16 अप्रैल को वापस लौटने वाली थी, तभी लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया। जिससे लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहे रॉकी साहू के परिवार के चेहरे मुरझा गए । वही रॉकी का कहना है कि उनके परिवार के सदस्य काफी परेशान है जिनकी सुध लेने वाले कोई नही है उनके साथ एक भी पुरुष नही है साथ ही उनके पास पैसा भी खत्म हो गया है जिससे उन्हें भोजन जुटाने भी दिक्कत हो रही है आंध्रप्रदेश में फंसी दो महिला में एक बुजुर्ग है।

जिनकी तबियत भी ठीक नही रहती है पर अपने शहर वापस लौटने को साधन नही मिलने से वे चारों वहां परेशान हैं। खासकर उसकी चार साल की बेटी और छह साल का बेटा बार-बार उन्हें याद करते हुए घर वापस आने के लिए जिद कर रहे हैं। वही रॉकी साहू ने शासन अपील करते हुए चारों को लेने जाने के लिए अनुमति मांगी है।जिससे वे खुद किसी तरह कार की व्यवस्था कर अपने परिवार को सुरक्षित ल सकें पर अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नही हो पाया है और उनके परिवार की दिक्कत बढ़ती जा रही है। ज़िम्मेदार अधिकारी चाहिए कि राज्य से बाहर फंसे लोगों वापस लाने कोई ऊची व्यवस्था करें और बाकायदा उनकी जांच करा कर उन्हें अपने परिवार से मिलाने की पहल करें।