Saturday, August 13, 2022

अधिकारियों से मिलीभगत कर शासकीय जमीन के बंदरबांट का आरोप

बिलासपुर– मस्तूरी में फिर एक बार बड़ी भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। क्षेत्र के ग्राम भुरकुंडा में शासकीय भूमि को दो लोगो के नाम पर बटांकन कर दिया गया है, जिसमे शासकीय अधिकारी मिलकर छ.ग.शासन को करोड़ो रूपये का चूना लगा रहे हैं।

बता दें, कि 9 एकड़ रकबा 488 वाले शासकीय घास भूमि को फर्जी तरीके से निजी जमीन में बदल दिया गया, अशोक पिता लखन लाल के नाम पर 6 एकड़ 15 डिसमिल और बंशी पिता नारायण के नाम पर 3 एकड़ जमीन के नाम से पर्ची जारी कर ऑनलाइन रिकार्ड में भी चढ़ा दिया गया है।

ग्राम भुरकुंडा निवासी मोहना ने रकबा संख्या 488 पर सन 1990 से काबिज था, जो की एक शासकीय भूमि दरसा रहा था लेकिन 2006 -7 में मोहना के नाम पर ऑनलाइन दिखाने लगे मोहना के गुजर जाने के बाद 2011 – 12 में उनके पुत्र मंशा राम के नाम पर दरसाने लगा, फिर अचानक 20018 को बंशी और अशोक के नाम पर चढ़ा दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है, कि पटवारी राजीव टोन्डरे और नायब तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल की मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा किया गया। वहीं इस मामले एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

आपको बता दें, कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि इस गांव के पास ksk पावर प्लांट खुलने वाला है, जिस वजह से विभागीय अधिकारी मोटी रकम लेकर शासकीय जमीन को निजी जमीन में बदल दिया जा रहा है।

इससे पहले मस्तूरी तहसील सुर्खियों में आया था, जब भदौरा जमीन घोटाला मामला आया था, जहां तहसीलदारों के द्वारा मिल कर लगभग 100 एकड़ शासकीय जमीन को निजी नामो में चढ़ा दिया गया था।

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बिलासपुर– मस्तूरी में फिर एक बार बड़ी भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। क्षेत्र के ग्राम भुरकुंडा में शासकीय भूमि को दो लोगो के नाम पर बटांकन कर दिया गया है, जिसमे शासकीय अधिकारी मिलकर छ.ग.शासन को करोड़ो रूपये का चूना लगा रहे हैं।

बता दें, कि 9 एकड़ रकबा 488 वाले शासकीय घास भूमि को फर्जी तरीके से निजी जमीन में बदल दिया गया, अशोक पिता लखन लाल के नाम पर 6 एकड़ 15 डिसमिल और बंशी पिता नारायण के नाम पर 3 एकड़ जमीन के नाम से पर्ची जारी कर ऑनलाइन रिकार्ड में भी चढ़ा दिया गया है।

ग्राम भुरकुंडा निवासी मोहना ने रकबा संख्या 488 पर सन 1990 से काबिज था, जो की एक शासकीय भूमि दरसा रहा था लेकिन 2006 -7 में मोहना के नाम पर ऑनलाइन दिखाने लगे मोहना के गुजर जाने के बाद 2011 – 12 में उनके पुत्र मंशा राम के नाम पर दरसाने लगा, फिर अचानक 20018 को बंशी और अशोक के नाम पर चढ़ा दिया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है, कि पटवारी राजीव टोन्डरे और नायब तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल की मिलीभगत कर फर्जीवाड़ा किया गया। वहीं इस मामले एसडीएम ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

आपको बता दें, कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि इस गांव के पास ksk पावर प्लांट खुलने वाला है, जिस वजह से विभागीय अधिकारी मोटी रकम लेकर शासकीय जमीन को निजी जमीन में बदल दिया जा रहा है।

इससे पहले मस्तूरी तहसील सुर्खियों में आया था, जब भदौरा जमीन घोटाला मामला आया था, जहां तहसीलदारों के द्वारा मिल कर लगभग 100 एकड़ शासकीय जमीन को निजी नामो में चढ़ा दिया गया था।