Saturday, December 3, 2022

संसद में गूंजी बिलासपुर रेलवे से जुड़ी समस्या, सांसद अरुण साव ने कहा मुंगेली 73 साल पीछे

बिलासपुर– सांसद अरुण साव ने गुरुवार को लोकसभा में बिलासपुर से जुड़ी रेल संबंधी विभिन्न मांगों और समस्याओं को पुख्ता तरीके से पेश किया। उन्होंने बुधवारी बाजार के व्यापारियों, हमालों, ट्रैकमैनों की समस्याओं को दमदारी से सदन के पटल पर रखते हुए जल्द से जल्द निराकरण कराने की माँग की।

बिलासपुर सांसद अरुण साव ने लोकसभा में रेल मंत्रालय के बजट अनुदान मामलों के समर्थन में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने बारी-बारी से बिलासपुर से जुड़ी तमाम रेल संबंधी समस्याओं और मांगों को पेश किया। श्री साव ने कहा, कि लम्बे संघर्ष के बाद पूर्व प्रधानममंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने बिलासपुर में रेलवे जोन की स्थापना कराई थी। इसके पीछे मंशा थी, कि रेलवे जोन स्थापित होने के बाद क्षेत्र के युवा बेरोजगारों के सपनों को पंख लगेंगे, उन्हें रोजगार मिलेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसलिए क्षेत्र बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने बिलासपुर में रेल कोच फैक्ट्री लगाई जाए।

रोज चले राजधानी

सांसद श्री साव ने कहा कि वर्तमान में बिलासपुर से राजधानी एक्सप्रेस सप्ताह में केवल एक दिन चलती है। रेल यात्रियों की सुविधा के लिए इस एक्सप्रेस ट्रेन प्रतिदिन चलाया जावे। उन्होंने कहा, कि बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग गायत्री परिवार से जुड़े हुए हैं। उनका हमेशा हरिद्वार आना- जाना होता है। इसलिए हरिद्वार के लिए नियमित रूप से एक ट्रेन चलाई जावे। सारनाथ एक्सप्रेस प्रतिदिन प्रयागराज इलाहाबाद जाती है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या उसके टाइम को लेकर है। क्षेत्र की गरीब जनता को एक दिन अस्थि विसर्जन के लिए रूकना पड़ता है। सारनाथ के टाइम को कुछ इस तरह ठीक किया जाए कि लोग सुबह प्रयागराज पहुंचे और अस्थि विसर्जन के बाद उसी दिन घर वापसी कर सकें। श्री साव ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लम्बे समय से मांग रही है कि जयरामनगर बिल्हा,करगीरोड कोटा और पेन्ड्रारोड में बड़ी गाड़ियों का स्टापेज दिया जाए। इस संबंध में उनके द्वारा लिखे गए पत्रों पर गंभीरता से विचार करते हुए लोगों की मांग को पूरा किया जाए।

बुधवारी बाजार की गूंज

सदन को श्री साव ने बताया, कि बिलासपुर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बुधवारी बाजार के व्यापारियों की है। सालों से बुधवारी बाजार के व्यापारी परेशान हैं। ना तो उनकी दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा रहा है और ना ही उन से लाइसेंस शुल्क लिया जा रहा है। लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के बाद भी गति नहीं आई है। आए दिन आरपीएफ के जवान डंडा लेकर व्यापारियों को परेशान करने पहुंच जाते हैं।उन्होंने आग्रह किया कि रेलवे बोर्ड व्यापारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका निराकण करे और बुधवारी बाजार को सुव्यवस्थित बनाए।

महिला ट्रैकमैन की समस्याओं पर दें ध्यान

सांसद श्री साव ने कहा कि रेलवे के संचालन में ट्रैकमैनों की अहम भूमिका होती है। देश में कमोबेश हर जगह ट्रैकमैन परेशान हैं। बहुत ही अभाव की जिन्दगी जी रहे हैं। विभागीय परीक्षा में भी उन्हें मौका नहीं दिया जाता है। खासकर महिला टैकमैनों को बहुत ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनके लिए ना तो प्रसाधन है.. ना ही बैठने की ही उचित व्यवस्था है। रेलवे संचालन में सबसे ज्यादा शहादत ट्रैकमैनों की होती है। इसलिए ट्रैकमैनों की समस्याओं पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि राजनांदगांव, बोरतालाब डोंगरगढ़ यूनिट नागपुर मंडल का हिस्सा है। उक्त क्षेत्र को रायपुर मंडल में शामिल करने से आम जनता की परेशानी दूर होगी और यह प्रशासनिक सुविधा की नजर से उचित होगा। इसी तरह दिव्यांग जनों के लिए भी रेलवे स्टेशनों में पर्याप्त व्यवस्था किया जाना बहुत जरूरी है।

हमालों को निकालने की साजिश

सदन को सांसद ने बताया कि बिलासपुर में पार्सल यूनिट के हमालों को निकालने की साजिश चल रही है। स्थानीय रेल प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से हमालों को महीने में 10-15 दिन काम देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सभी हमालों को रेलवे के अन्य विभागों में शामिल किया जाए।

मुंगेली 73 साल पीछे

श्री साव ने रेल मंत्री को बताया, कि डोंगरगढ़ मुंगेली रेलवे लाइन के लिए रेलवे मंत्रालय ने बजट में 500 करोड़ रुपए दिए हैं, लेकिन अभी तक जमीन अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हुआ है। राज्य सरकार बहुत सुस्त है। ऐसे में प्रोजेक्ट की लागत बढ़ना निश्चित है। क्षेत्र के लोग भी रेलवे की सुविधा से वंचित हो जाएंगे। अपनी पीड़ा को जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के 73 साल भी मुंगेली रेलवे की सुविधा से अछूता है। भारत सरकार राज्य सरकार को निर्देशित करे कि योजना के शीघ्र क्रियान्यवयन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम जल्द से जल्द पूरा करे।

GiONews Team
Editor In Chief

10 COMMENTS

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बिलासपुर– सांसद अरुण साव ने गुरुवार को लोकसभा में बिलासपुर से जुड़ी रेल संबंधी विभिन्न मांगों और समस्याओं को पुख्ता तरीके से पेश किया। उन्होंने बुधवारी बाजार के व्यापारियों, हमालों, ट्रैकमैनों की समस्याओं को दमदारी से सदन के पटल पर रखते हुए जल्द से जल्द निराकरण कराने की माँग की।

बिलासपुर सांसद अरुण साव ने लोकसभा में रेल मंत्रालय के बजट अनुदान मामलों के समर्थन में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने बारी-बारी से बिलासपुर से जुड़ी तमाम रेल संबंधी समस्याओं और मांगों को पेश किया। श्री साव ने कहा, कि लम्बे संघर्ष के बाद पूर्व प्रधानममंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने बिलासपुर में रेलवे जोन की स्थापना कराई थी। इसके पीछे मंशा थी, कि रेलवे जोन स्थापित होने के बाद क्षेत्र के युवा बेरोजगारों के सपनों को पंख लगेंगे, उन्हें रोजगार मिलेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसलिए क्षेत्र बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने बिलासपुर में रेल कोच फैक्ट्री लगाई जाए।

रोज चले राजधानी

सांसद श्री साव ने कहा कि वर्तमान में बिलासपुर से राजधानी एक्सप्रेस सप्ताह में केवल एक दिन चलती है। रेल यात्रियों की सुविधा के लिए इस एक्सप्रेस ट्रेन प्रतिदिन चलाया जावे। उन्होंने कहा, कि बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग गायत्री परिवार से जुड़े हुए हैं। उनका हमेशा हरिद्वार आना- जाना होता है। इसलिए हरिद्वार के लिए नियमित रूप से एक ट्रेन चलाई जावे। सारनाथ एक्सप्रेस प्रतिदिन प्रयागराज इलाहाबाद जाती है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या उसके टाइम को लेकर है। क्षेत्र की गरीब जनता को एक दिन अस्थि विसर्जन के लिए रूकना पड़ता है। सारनाथ के टाइम को कुछ इस तरह ठीक किया जाए कि लोग सुबह प्रयागराज पहुंचे और अस्थि विसर्जन के बाद उसी दिन घर वापसी कर सकें। श्री साव ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लम्बे समय से मांग रही है कि जयरामनगर बिल्हा,करगीरोड कोटा और पेन्ड्रारोड में बड़ी गाड़ियों का स्टापेज दिया जाए। इस संबंध में उनके द्वारा लिखे गए पत्रों पर गंभीरता से विचार करते हुए लोगों की मांग को पूरा किया जाए।

बुधवारी बाजार की गूंज

सदन को श्री साव ने बताया, कि बिलासपुर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बुधवारी बाजार के व्यापारियों की है। सालों से बुधवारी बाजार के व्यापारी परेशान हैं। ना तो उनकी दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा रहा है और ना ही उन से लाइसेंस शुल्क लिया जा रहा है। लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया में उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के बाद भी गति नहीं आई है। आए दिन आरपीएफ के जवान डंडा लेकर व्यापारियों को परेशान करने पहुंच जाते हैं।उन्होंने आग्रह किया कि रेलवे बोर्ड व्यापारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका निराकण करे और बुधवारी बाजार को सुव्यवस्थित बनाए।

महिला ट्रैकमैन की समस्याओं पर दें ध्यान

सांसद श्री साव ने कहा कि रेलवे के संचालन में ट्रैकमैनों की अहम भूमिका होती है। देश में कमोबेश हर जगह ट्रैकमैन परेशान हैं। बहुत ही अभाव की जिन्दगी जी रहे हैं। विभागीय परीक्षा में भी उन्हें मौका नहीं दिया जाता है। खासकर महिला टैकमैनों को बहुत ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनके लिए ना तो प्रसाधन है.. ना ही बैठने की ही उचित व्यवस्था है। रेलवे संचालन में सबसे ज्यादा शहादत ट्रैकमैनों की होती है। इसलिए ट्रैकमैनों की समस्याओं पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि राजनांदगांव, बोरतालाब डोंगरगढ़ यूनिट नागपुर मंडल का हिस्सा है। उक्त क्षेत्र को रायपुर मंडल में शामिल करने से आम जनता की परेशानी दूर होगी और यह प्रशासनिक सुविधा की नजर से उचित होगा। इसी तरह दिव्यांग जनों के लिए भी रेलवे स्टेशनों में पर्याप्त व्यवस्था किया जाना बहुत जरूरी है।

हमालों को निकालने की साजिश

सदन को सांसद ने बताया कि बिलासपुर में पार्सल यूनिट के हमालों को निकालने की साजिश चल रही है। स्थानीय रेल प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से हमालों को महीने में 10-15 दिन काम देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सभी हमालों को रेलवे के अन्य विभागों में शामिल किया जाए।

मुंगेली 73 साल पीछे

श्री साव ने रेल मंत्री को बताया, कि डोंगरगढ़ मुंगेली रेलवे लाइन के लिए रेलवे मंत्रालय ने बजट में 500 करोड़ रुपए दिए हैं, लेकिन अभी तक जमीन अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हुआ है। राज्य सरकार बहुत सुस्त है। ऐसे में प्रोजेक्ट की लागत बढ़ना निश्चित है। क्षेत्र के लोग भी रेलवे की सुविधा से वंचित हो जाएंगे। अपनी पीड़ा को जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के 73 साल भी मुंगेली रेलवे की सुविधा से अछूता है। भारत सरकार राज्य सरकार को निर्देशित करे कि योजना के शीघ्र क्रियान्यवयन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम जल्द से जल्द पूरा करे।