Friday, August 19, 2022

सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने अपनी सैलरी से स्कूल को बनाया स्मार्ट

बिलासपुर– एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने अपनी सैलरी के पैसे से शासकीय प्राथमिक शाला को स्मार्ट स्कूल बनाकर मिसाल पेश की है, शिक्षिका ज्योति पांडेय मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम किरारी में स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ है। जिन्होंने अपनी सैलरी के 5 लाख रु खर्च कर स्कूल को स्मार्ट बनाया।

बता दे कि इस स्कूल में शिक्षिका पद पर कार्यरत ज्योति पांडेय ने अपने सैलरी के 5 लाख रुपये खर्च कर के स्कूल की कायाकल्प कर दी।

ज्योति पांडेय की माने, तो बच्चे दिन ब दिन शासकीय स्कूलों से पलायन कर रहे है, और बड़ी प्राइवेट स्कूलों की ओर रुख कर रहे है, इस गंभीर समस्या को देखते हुए उन्होंने अपने स्कूल को प्राइवेर स्कूलों की तरह बदल देने की ठान ली, और स्कूल को स्मार्ट स्कूल में तब्दील कर दिया, ताकि बच्चों को शासकीय और प्राइवेट स्कूल में फर्क न लगे। यहाँ बच्चों के पढ़ने के लिए प्रोजेक्टर, मुस्कान लाइब्रेरी, राष्ट्रगान, संविधान के नियम, बैठने के लिए बैंच, खेल कूद के लिए स्पोर्ट की सभी सामग्री मौजूद है।

आज कल स्वार्थ के जमाने में अपनी सैलरी के पैसे से यह काम करना काबिले तारीफ और अनुकरणीय है, स्कूल की शिक्षिका का यह काम पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसकी जानकारी होने पर जिला शिक्षा अधिकारी अशोक भार्गव आज स्कूल के दौरे पर पहुंचे, और शिक्षिका ज्योति के कार्य की सराहना करते हुए, उन्हें पुरस्कृत किया।

GiONews Team
Editor In Chief

2 COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

4,364FansLike
5,464FollowersFollow
3,245SubscribersSubscribe

Latest Articles

बिलासपुर– एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने अपनी सैलरी के पैसे से शासकीय प्राथमिक शाला को स्मार्ट स्कूल बनाकर मिसाल पेश की है, शिक्षिका ज्योति पांडेय मस्तूरी ब्लॉक के ग्राम किरारी में स्थित प्राथमिक शाला में पदस्थ है। जिन्होंने अपनी सैलरी के 5 लाख रु खर्च कर स्कूल को स्मार्ट बनाया।

बता दे कि इस स्कूल में शिक्षिका पद पर कार्यरत ज्योति पांडेय ने अपने सैलरी के 5 लाख रुपये खर्च कर के स्कूल की कायाकल्प कर दी।

ज्योति पांडेय की माने, तो बच्चे दिन ब दिन शासकीय स्कूलों से पलायन कर रहे है, और बड़ी प्राइवेट स्कूलों की ओर रुख कर रहे है, इस गंभीर समस्या को देखते हुए उन्होंने अपने स्कूल को प्राइवेर स्कूलों की तरह बदल देने की ठान ली, और स्कूल को स्मार्ट स्कूल में तब्दील कर दिया, ताकि बच्चों को शासकीय और प्राइवेट स्कूल में फर्क न लगे। यहाँ बच्चों के पढ़ने के लिए प्रोजेक्टर, मुस्कान लाइब्रेरी, राष्ट्रगान, संविधान के नियम, बैठने के लिए बैंच, खेल कूद के लिए स्पोर्ट की सभी सामग्री मौजूद है।

आज कल स्वार्थ के जमाने में अपनी सैलरी के पैसे से यह काम करना काबिले तारीफ और अनुकरणीय है, स्कूल की शिक्षिका का यह काम पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसकी जानकारी होने पर जिला शिक्षा अधिकारी अशोक भार्गव आज स्कूल के दौरे पर पहुंचे, और शिक्षिका ज्योति के कार्य की सराहना करते हुए, उन्हें पुरस्कृत किया।