सीएम भूपेश ने गेड़ी, भौंरा खेलकर मनाई हरेली, ठेठरी, खुरमी, फरा का लिया स्वाद

बिलासपुर– प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल गनियारी में स्किल सेंटर का उद्घटान करने के बाद नेवरा पहुंचे, उन्होंने हरेली के दिन पूजे जाने वाले खेती के औजारों की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। जिसके बाद नेवरा में बने गौठान समेत 26 गौठान का लोकार्पण किया, और 4 किसानों का सम्मानित किया। इस मौके पर खो-खो, फुगड़ी, गेड़ी जैसे पारंपरिक खेल और किसानों के उपयोग में आने विभिन्न विभागों के स्टॉल का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ठेठरी, खुरमी, चौसला, चीला, गुलगुला, करी लड्डू, पपची जैसे छत्तीसगढ़िया व्यंजनो के स्टॉल में पहुंच उनका स्वाद लिया, इस मौके पर मुख्यमंत्री ने भौरा, बांटी, गेड़ी का मज़ा लेकर अपने बचपन के दिनों में खो गए।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गेड़ी में चढ़कर लोगो के बीच पहुंचे, और उन्हें हरेली की बधाई दी, लोगो का उत्साह दोगुना हो गया, लोग अपने मुखिया को अपने बीच पाकर खुशी से झूम उठे। उसके बाद उन्होंने हरेली पर होने वाली नारियल फेंक का भी लुत्फ लिया, और खुद नारियल फेंककर सबको चौंका दिया।

सीएम ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान शंकर का जयकारा लगवाया, फिर सबको हरेली को बधाई देते हुए छत्तीसगढ़ी में अपनी बात कही। उन्होंने हरेली में छुट्टी की घोषणा के बाद त्योहार को लेकर हमारी लोक परम्पराओ पर शासकीय आयोजनों के लिए सबको बधाई दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ के त्यौहार और परम्पराओ को लेकर सरकार के संजीदा होने और छत्तीसगढ़ के लोगों को स्वावलंबी बनाने सरकार के संकल्पित होने की बात कही।

उन्होंने प्रदेश सरकार की महती योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के बारे में कहा, कि गांव को बेहतर बनाने इस योजना की शुरुआत को गई है। इन योजना से ग्रामीण आत्मनिर्भर बनेंगे।इस मौके पर विधायक रश्मि सिंह, शैलेष पांडेय, आशीष सिंह, चीका बाजपेई समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी और ग्रामीण मौजूद रहे।