Tuesday, August 16, 2022

हिमालया ने “माई बेबी एंड मी” प्रोग्राम के जरिये माताओं को किया एजुकेट

बिलासपुर– हिमालया बेबी केयर ने आज बिलासपुर के एक निजी होटल में हेल्थकेयर एजुकेशन प्रोग्राम “माई बेबी एण्ड मी” का आयोजन किया। प्रोग्राम नवजात बच्चों के जन्म के देखभाल, बच्चों के सेहत और विकास, माताओ को टीकाकरण, नवजात शिशुओं की सेहत की जाँच, अन्य प्रकार के बच्चों के देखभाल करने में शिक्षित करने के लिए किया गया।

बच्चों की सेहत संबंधित चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हुए हिमालया ने एक सराहनी पहल की है। इस पहल के माध्यम से शहर के डॉक्टर के साथ इंटरैक्टिव सत्र से माताओ को शिक्षित किया गया।
हिमालया के बिजनेस हेड ने बताया, कि माता-पिता के अक्सर अपने बच्चों के सेहत, सोने का तरीका, शिशु की मॉलिश जैसे कई समस्याओं सबंधित सवाल रहते हैं, और वे सही जवाब ढूंढने का प्रयास करते हैं, माई बेबी एण्ड मी एक ऐसी पहल है, जिससे माता पिता को एक मंच मिलता है, जहां माता पिता और अन्य पैरेंट जिनको डॉक्टर के सामने अपने सवालों का जवाब या कहें, कि अपनी समस्याओं के समाधान करने का मौका मिलता है।

पत्रकारो के सवाल पर डॉक्टर सविता सिंह गौतम ने बताया, कि आज के दौर में ज्यादातर माता पिता जॉइंट के साथ नही रहते है, वे जॉब या काम के सिलसिले में अक्सर अलग रहते है जिससे नये माता पिता बने पैरेंट्स को इस सबकी जानकारी नही रहती है। जिससे माँ बच्चों को गाय का दूध या पावडर का दूध पिलाती है, जो कि बच्चों के सेहत के लिए अच्छा नही होता है। डॉक्टरों ने माताओ से अपील की, कि बच्चों को माताये अपना ही दूध ही पिलाये..उन्होंने आगे बताया कि आज कल डिलवरी की समस्या और बच्चों में निमोनिया जैसी समस्या ज्यादा क्यो बढ़ी है??


डॉक्टर ने कहा, कि डिलवरी की समस्याओं में वृद्धि होने का मुख्य कारण माताओ का लापरवाही ही होता महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान काम करना बंद कर देते हैं, ज्यादातर महिलाएं आराम करती है, जबकि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को थोड़ी बहुत काम करते रहना चाहिए, और एक्टिवेट होकर रहना चाहिए, जिससे माँ और बच्चा दोनों तंदरुस्त और स्वस्थ्य पैदा होगा। वहीं निमोनिया बच्चों में साधारण समस्या है, इसको रोकने के लिए समय पर टिका जरूर लगवाएं, और बच्चों को सुबह शाम थोड़ी देर धूप में जरूर रखे..

डॉ शशांक सिंह ने कहा, कि नवजात शिशुओं की नियमित रूप से जाँच करानी चाहिए, इससे बच्चे हमेशा तंदरुस्त रहते हैं। वैक्सीन बच्चों को गंभीर बीमारियों से दूर करने में सबसे प्रभावशाली होता है।

GiONews Team
Editor In Chief

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बिलासपुर– हिमालया बेबी केयर ने आज बिलासपुर के एक निजी होटल में हेल्थकेयर एजुकेशन प्रोग्राम “माई बेबी एण्ड मी” का आयोजन किया। प्रोग्राम नवजात बच्चों के जन्म के देखभाल, बच्चों के सेहत और विकास, माताओ को टीकाकरण, नवजात शिशुओं की सेहत की जाँच, अन्य प्रकार के बच्चों के देखभाल करने में शिक्षित करने के लिए किया गया।

बच्चों की सेहत संबंधित चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हुए हिमालया ने एक सराहनी पहल की है। इस पहल के माध्यम से शहर के डॉक्टर के साथ इंटरैक्टिव सत्र से माताओ को शिक्षित किया गया।
हिमालया के बिजनेस हेड ने बताया, कि माता-पिता के अक्सर अपने बच्चों के सेहत, सोने का तरीका, शिशु की मॉलिश जैसे कई समस्याओं सबंधित सवाल रहते हैं, और वे सही जवाब ढूंढने का प्रयास करते हैं, माई बेबी एण्ड मी एक ऐसी पहल है, जिससे माता पिता को एक मंच मिलता है, जहां माता पिता और अन्य पैरेंट जिनको डॉक्टर के सामने अपने सवालों का जवाब या कहें, कि अपनी समस्याओं के समाधान करने का मौका मिलता है।

पत्रकारो के सवाल पर डॉक्टर सविता सिंह गौतम ने बताया, कि आज के दौर में ज्यादातर माता पिता जॉइंट के साथ नही रहते है, वे जॉब या काम के सिलसिले में अक्सर अलग रहते है जिससे नये माता पिता बने पैरेंट्स को इस सबकी जानकारी नही रहती है। जिससे माँ बच्चों को गाय का दूध या पावडर का दूध पिलाती है, जो कि बच्चों के सेहत के लिए अच्छा नही होता है। डॉक्टरों ने माताओ से अपील की, कि बच्चों को माताये अपना ही दूध ही पिलाये..उन्होंने आगे बताया कि आज कल डिलवरी की समस्या और बच्चों में निमोनिया जैसी समस्या ज्यादा क्यो बढ़ी है??


डॉक्टर ने कहा, कि डिलवरी की समस्याओं में वृद्धि होने का मुख्य कारण माताओ का लापरवाही ही होता महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान काम करना बंद कर देते हैं, ज्यादातर महिलाएं आराम करती है, जबकि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को थोड़ी बहुत काम करते रहना चाहिए, और एक्टिवेट होकर रहना चाहिए, जिससे माँ और बच्चा दोनों तंदरुस्त और स्वस्थ्य पैदा होगा। वहीं निमोनिया बच्चों में साधारण समस्या है, इसको रोकने के लिए समय पर टिका जरूर लगवाएं, और बच्चों को सुबह शाम थोड़ी देर धूप में जरूर रखे..

डॉ शशांक सिंह ने कहा, कि नवजात शिशुओं की नियमित रूप से जाँच करानी चाहिए, इससे बच्चे हमेशा तंदरुस्त रहते हैं। वैक्सीन बच्चों को गंभीर बीमारियों से दूर करने में सबसे प्रभावशाली होता है।