Thursday, December 8, 2022

11 साल की बच्ची से 6 माह तक दुष्कर्म, गर्भपात की अनुमति के भड़क रहे परिजन

बालोद। डौंडी ब्लाक के एक गांव से एक फिर रिश्ते को कलंक वाला मामला सामने आया 20 फरवरी को कक्षा छठवीं की एक छात्रा से एक रिश्तेदार द्वारा दुष्कर्म की घटना सामने आई थी, 11 साल की बच्ची से रिश्तेदार ने 6 माह तक दुष्कर्म किया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने आरोपी को तो 24 घंटे के भीतर धारा 376 व पॉक्सो एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन पीड़िता 6 माह की गर्भवती हो गई और गर्भपात की अनुमति नहीं मिलने के कारण पीड़िता जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी बच्ची को बचाने के लिए तत्परता नहीं दिखा रहे हैं। गर्भपात की अनुमति के लिए पीड़िता के परिजन और पुलिस तक लगभग 1 माह से विभागों के चक्कर काट रही है। इस चक्कर में दिन-ब-दिन बच्ची की तबीयत बिगड़ती जा रही है। उसे परिजनों ने मेकाहारा रायपुर में भर्ती करवाया है। पिता का कहना है कि- ‘अधिकारी बच्ची को बचाने के लिए ध्यान नहीं दे रहे हैं। हम स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, रायपुर अस्पताल तो हाई कोर्ट बिलासपुर के चक्कर काट रहे हैं। पर अब तक अनुमति नहीं मिली है।’ इस मामले में सीएमएचओ डॉ. बीएल रात्रे का कहना है कि- ‘ऐसे केस में स्थानीय स्तर पर गर्भपात नहीं करवा सकते, ना ही हम इसकी अनुमति दे सकते हैं। हाईकोर्ट से ही आदेश होने पर ही कुछ किया जा सकता है।’

GiONews Team
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बालोद। डौंडी ब्लाक के एक गांव से एक फिर रिश्ते को कलंक वाला मामला सामने आया 20 फरवरी को कक्षा छठवीं की एक छात्रा से एक रिश्तेदार द्वारा दुष्कर्म की घटना सामने आई थी, 11 साल की बच्ची से रिश्तेदार ने 6 माह तक दुष्कर्म किया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। पुलिस ने आरोपी को तो 24 घंटे के भीतर धारा 376 व पॉक्सो एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन पीड़िता 6 माह की गर्भवती हो गई और गर्भपात की अनुमति नहीं मिलने के कारण पीड़िता जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी बच्ची को बचाने के लिए तत्परता नहीं दिखा रहे हैं। गर्भपात की अनुमति के लिए पीड़िता के परिजन और पुलिस तक लगभग 1 माह से विभागों के चक्कर काट रही है। इस चक्कर में दिन-ब-दिन बच्ची की तबीयत बिगड़ती जा रही है। उसे परिजनों ने मेकाहारा रायपुर में भर्ती करवाया है। पिता का कहना है कि- ‘अधिकारी बच्ची को बचाने के लिए ध्यान नहीं दे रहे हैं। हम स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, रायपुर अस्पताल तो हाई कोर्ट बिलासपुर के चक्कर काट रहे हैं। पर अब तक अनुमति नहीं मिली है।’ इस मामले में सीएमएचओ डॉ. बीएल रात्रे का कहना है कि- ‘ऐसे केस में स्थानीय स्तर पर गर्भपात नहीं करवा सकते, ना ही हम इसकी अनुमति दे सकते हैं। हाईकोर्ट से ही आदेश होने पर ही कुछ किया जा सकता है।’