Monday, September 26, 2022

अमनज्योति को मिलेगा राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार,तैरना नही आता था फिर भी जान पर खेल बचाई थी युवक की जान, CM बघेल ने दी बधाई…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अमनज्योति जाहिरे को राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार वर्ष 2021 प्रदान किया जाएगा। भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली ने कोरबा जिला निवासी अमन ज्योति का चयन इस पुरस्कार के लिए किया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने साहसी अमनज्योति का चयन राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए होने पर उसे बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

कोरबा के रहने वाले 15 वर्षीय अमन ज्योति ने अपने से उम्र में बड़े एक छात्र की जान बचाई थी। एक अगस्त 2021 को फ्रेंडशिप डे के दिन कुछ छात्र कोरबा शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर पिकनिक स्पॉट परसखोला बांध गए थे। इनमें से झरना में हाथ-पैर धोने गए एक छात्र आशीष ठाकुर का पैर फिसल गया था। फिसल कर गिरने के कारण वह पानी में बहने लगा था। पानी में बह रहे छात्र के लिए जब कोई नहीं पहुचा तो अमनज्योति ने अपनी जान की परवाह न करते हुए पानी में छलांग लगा दी और चट्टानों में फिसलते हुए छात्र को रोक लिया। उसने अपनी सूझबूझ से किसी तरह बहते हुए छात्र को किनारे पर लाया। इसके बाद वह दोस्तों की मदद से बेहोश घायल छात्र को अस्पताल भी लेकर गया।

अमनज्योति को भी तैरना नहीं आता था। अचानक से युवक को बचाने के लिए नदी में कूद जाने से उसके हाथों और छाती सहित शरीर में गहरी चोट भी लगी थी। अमन के सूझ-बूझ और साहस से उसके मित्र आशीष की जान बच गई।

GiONews Team
Editor In Chief

Stay Connected

4,364FansLike
5,464FollowersFollow
3,245SubscribersSubscribe

Latest Articles

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अमनज्योति जाहिरे को राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार वर्ष 2021 प्रदान किया जाएगा। भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली ने कोरबा जिला निवासी अमन ज्योति का चयन इस पुरस्कार के लिए किया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने साहसी अमनज्योति का चयन राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए होने पर उसे बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

कोरबा के रहने वाले 15 वर्षीय अमन ज्योति ने अपने से उम्र में बड़े एक छात्र की जान बचाई थी। एक अगस्त 2021 को फ्रेंडशिप डे के दिन कुछ छात्र कोरबा शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर पिकनिक स्पॉट परसखोला बांध गए थे। इनमें से झरना में हाथ-पैर धोने गए एक छात्र आशीष ठाकुर का पैर फिसल गया था। फिसल कर गिरने के कारण वह पानी में बहने लगा था। पानी में बह रहे छात्र के लिए जब कोई नहीं पहुचा तो अमनज्योति ने अपनी जान की परवाह न करते हुए पानी में छलांग लगा दी और चट्टानों में फिसलते हुए छात्र को रोक लिया। उसने अपनी सूझबूझ से किसी तरह बहते हुए छात्र को किनारे पर लाया। इसके बाद वह दोस्तों की मदद से बेहोश घायल छात्र को अस्पताल भी लेकर गया।

अमनज्योति को भी तैरना नहीं आता था। अचानक से युवक को बचाने के लिए नदी में कूद जाने से उसके हाथों और छाती सहित शरीर में गहरी चोट भी लगी थी। अमन के सूझ-बूझ और साहस से उसके मित्र आशीष की जान बच गई।