Monday, September 26, 2022

BJP‌ विधायक आपस में ही उलझ पड़े :सौरभ सिंह ने PM को चिट्‌ठी लिखकर की शिकायत, ननकी बोले-ये अशांति फैला रहे।

छत्तीसगढ़   भारतीय जनता पार्टी के अंदर गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। भारतीय जनता पार्टी के दो विधायक आपस में खनिज निधि को लेकर लड़ रहे हैं। बात इतनी बिगड़ गयी, कि दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी से शिकायत कर दी है। बात अब पार्टी फोरम से निकलकर सार्वजनिक मंच पर भी आ चुकी है।

मामला जांजगीर जिले के अकलतरा के भाजपा विधायक सौरभ सिंह और कोरबा जिले के रामपुर से BJP विधायक ननकीराम कंवर के बीच शुरू हुई सियासी जंग से जुड़ा हुआ है। दरअसल, विधायक सौरभ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कोरबा जिले में खनिज न्यास मद के दुरुपयोग की शिकायत की है, उन्होंने कहा है कि कोरबा की कलेक्टर रानू साहू अपनी मनमानी करते हुए राशि का दुरुपयोग कर रही हैं।

दूसरी चिट्ठी विधायक ननकीराम कंवर ने लिखी है, ननकीराम कंवर ने सौरभ की शिकायत का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि सौरभ इस जिले के खनिज न्यास निधि परिषद के सदस्य ही नहीं है, ना ही ये उनका इलाका है, तो उन्हें कैसे पता कि गड़बड़ी हुई है। वह दुर्भावनावश और अशांति फैलाने की साजिश के तहत यह शिकायत कर रहे हैं।

सौरभ सिंह का दावा
प्रधानमंत्री को भेजी अपनी चिट्ठी में विधायक सौरभ सिंह ने लिखा है कि कोरबा जिले में सबसे ज्यादा जिला खनिज न्यास मद से 600 करोड़ रुपए राजस्व मिलता है। विधायक का कहना है कि इस राशि से बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले के क्षेत्रीय विकास के लिए 10 फीसदी राशि दी जाती है, लेकिन इस राशि को इस्तेमाल करने वाले परिषद की बैठक नियमों के मुताबिक नहीं हो रही है। खनन से मिलने वाली राशि गांव के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मगर यह दूसरे मदों में खर्च की जा रही है । विधायक सौरभ का दावा है कि कलेक्टर कार्यालय में उन्नयन का काम भी इसी मद से किया जा रहा है और कलेक्टर रानू साहू अपने करीबी लोगों को काम दे रही हैं। प्रधानमंत्री से सौरभ सिंह ने इस मामले में जांच की मांग की है।

ननकीराम कंवर का जवाब
सौरभ सिंह की शिकायत पर ननकीराम कंवर ने खंडन करते हुए एक पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा है । उन्होंने कहा है कि मैं आदिवासी नेता हूं और छत्तीसगढ़ का गृह मंत्री रहा हूं, कोरबा जिले में खनिज न्यास निधि नियमानुसार ही खर्च हो रही है । इसकी सारी जानकारी मुझे है, क्योंकि परिषद की बैठकों में मैं शामिल होता हूं। जांजगीर के विधायक दुर्भावना की वजह से इस इलाके की शिकायत कर रहे हैं। जबकि उन्हें क्षेत्र के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। यहां सभी काम नियमानुसार हो रहे हैं, उनकी इस शिकायत से जनता का भरोसा टूटा है। वह मेरे क्षेत्र में अशांति फैलाने के षड्यंत्र के तहत शिकायत कर रहे हैं। उनकी बातें तथ्यहीन हैं।

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छत्तीसगढ़   भारतीय जनता पार्टी के अंदर गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। भारतीय जनता पार्टी के दो विधायक आपस में खनिज निधि को लेकर लड़ रहे हैं। बात इतनी बिगड़ गयी, कि दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी से शिकायत कर दी है। बात अब पार्टी फोरम से निकलकर सार्वजनिक मंच पर भी आ चुकी है।

मामला जांजगीर जिले के अकलतरा के भाजपा विधायक सौरभ सिंह और कोरबा जिले के रामपुर से BJP विधायक ननकीराम कंवर के बीच शुरू हुई सियासी जंग से जुड़ा हुआ है। दरअसल, विधायक सौरभ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कोरबा जिले में खनिज न्यास मद के दुरुपयोग की शिकायत की है, उन्होंने कहा है कि कोरबा की कलेक्टर रानू साहू अपनी मनमानी करते हुए राशि का दुरुपयोग कर रही हैं।

दूसरी चिट्ठी विधायक ननकीराम कंवर ने लिखी है, ननकीराम कंवर ने सौरभ की शिकायत का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि सौरभ इस जिले के खनिज न्यास निधि परिषद के सदस्य ही नहीं है, ना ही ये उनका इलाका है, तो उन्हें कैसे पता कि गड़बड़ी हुई है। वह दुर्भावनावश और अशांति फैलाने की साजिश के तहत यह शिकायत कर रहे हैं।

सौरभ सिंह का दावा
प्रधानमंत्री को भेजी अपनी चिट्ठी में विधायक सौरभ सिंह ने लिखा है कि कोरबा जिले में सबसे ज्यादा जिला खनिज न्यास मद से 600 करोड़ रुपए राजस्व मिलता है। विधायक का कहना है कि इस राशि से बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले के क्षेत्रीय विकास के लिए 10 फीसदी राशि दी जाती है, लेकिन इस राशि को इस्तेमाल करने वाले परिषद की बैठक नियमों के मुताबिक नहीं हो रही है। खनन से मिलने वाली राशि गांव के विकास में खर्च की जानी चाहिए। मगर यह दूसरे मदों में खर्च की जा रही है । विधायक सौरभ का दावा है कि कलेक्टर कार्यालय में उन्नयन का काम भी इसी मद से किया जा रहा है और कलेक्टर रानू साहू अपने करीबी लोगों को काम दे रही हैं। प्रधानमंत्री से सौरभ सिंह ने इस मामले में जांच की मांग की है।

ननकीराम कंवर का जवाब
सौरभ सिंह की शिकायत पर ननकीराम कंवर ने खंडन करते हुए एक पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा है । उन्होंने कहा है कि मैं आदिवासी नेता हूं और छत्तीसगढ़ का गृह मंत्री रहा हूं, कोरबा जिले में खनिज न्यास निधि नियमानुसार ही खर्च हो रही है । इसकी सारी जानकारी मुझे है, क्योंकि परिषद की बैठकों में मैं शामिल होता हूं। जांजगीर के विधायक दुर्भावना की वजह से इस इलाके की शिकायत कर रहे हैं। जबकि उन्हें क्षेत्र के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। यहां सभी काम नियमानुसार हो रहे हैं, उनकी इस शिकायत से जनता का भरोसा टूटा है। वह मेरे क्षेत्र में अशांति फैलाने के षड्यंत्र के तहत शिकायत कर रहे हैं। उनकी बातें तथ्यहीन हैं।