पुरोहिती, ज्योतिष और प्रवचन का पाठ पढ़ायेगा छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम.. नए शिक्षण सत्र से कोर्स शुरू करने की तैयारी..

रायपुर– छत्तीसगढ़ सरकार पुरोहित, प्रवचनकार और ज्योतिषी भी तैयार करेगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डलम पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है। बताया जा रहा है कि आगामी शिक्षण सत्र से प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज इस पाठ्यक्रम की घोषणा की। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम आगामी शिक्षण सत्र से रोजगार मूलक पांच डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इसमें पौराहित्यम् (पुरोहिती), आयुर्वेद, योगदर्शनम्, प्रवचनम् और ज्योतिष शास्त्रम् शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।” बताया जा रहा है, संस्कृत विद्या मण्डलम अभी प्रवेशिका से उत्तर मध्यमा तक के सामान्य संस्कृत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराता है। इसमें व्याकरण, साहित्य और दूसरी पाठ्यचर्या शामिल है। संस्कृत शिक्षण को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने के लिए इसमें पुरोहिती और ज्योतिष आदि की पढ़ाई शामिल करने की कोशिश दो-तीन साल पहले से शुरू हुई है।

पूर्व मध्यमा के परिणाम घोषित

स्कूल शिक्षा मंत्री ने अपने निवास कार्यालय में संस्कृत विद्या मण्डलम की पूर्व मध्यमा प्रथम और द्वितीय (9वीं और 10वीं) का परीक्षा परिणाम जारी किया। इसमें सभी 1978 परीक्षार्थी पास हो गए हैं। पूर्व मध्यमा प्रथम वर्ष की परीक्षा में कुल 942 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जबकि द्वितीय वर्ष की परीक्षा में 1036 परीक्षार्थी बैठे थे।

10वीं में 694 को प्रथम श्रेणी

पूर्व मध्यमा द्वितीय वर्ष यानी कक्षा 10वीं की परीक्षा में 390 बालक और 304 बालिकाएं प्रथम श्रेणी में पास हुई हैं। वहीं 82 बालक और 17 बालिकाएं द्वितीय श्रेणी में तथा 17 बालक और 9 बालिकाएं तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। सर्वाधिक 86.14 प्रतिशत अंक अर्जित किए गए।