Monday, September 26, 2022

मुख्यमंत्री भूपेश – तीसरी लहर से डरने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत, आर्थिक गतिविधियों पर कोई रोक नहीं..

रायपुर – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया है कि कोरोना में आर्थिक गतिविधियों पर कोई रोक नहीं है। उन्होने कहा कि तीसरी लहर से डरने की नहीं , सतर्क रहने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने जनता से कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने का अनुरोध किया है … मुख्यमंत्री ने कहा कि, परिवहन राजस्व – अगले तीन माह में लगभग 350 करोड़ राजस्व की प्राप्ति होगी, इंफोर्समेंट बेहतर होने से बढ़ा है राजस्व, गाडियों की सेल और टैक्स कलेक्शन बढ़ा है. कोविड की तीसरी लहर हेतु भारत सरकार से प्रोटोकॉल जारी किए जाने का अनुरोध करें।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के सभी मंत्रीगणों से अपने – अपने प्रभार के जिलों में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए हर संभव प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्तमान समय में पूरे विश्व एवं देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि चिन्ताजनक है। उन्होंने मंत्रीगणों को अपने प्रभार वाले जिलों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की अतिशीघ्र वर्चअल बैठक लेकर कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति एवं रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना के प्रसार को नियंत्रित रखने हेतु उन्होंने मंत्रीगणों से अपने प्रभार वाले जिलों में कोरोना की वर्तमान स्थिति, मरीजों में देखे जा रहे लक्ष्यणों की तीव्रता, अस्पताल में भर्ती मरीज, होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीज और उनके स्वस्थ होने की अवधि के बारे में जानकारी लेने को कहा है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक पाबंदियां लगाई जाने के संबंध में जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों, किसान मजदूर संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं के संचालकों सहित अधिक से अधिक लोगों से चर्चा करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने मंत्रीगणों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं संक्रमितों के इलाज के लिए प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की भी समीक्षा के साथ – साथ कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए लोगों को कोरोना गाईड लाईन का कड़ाई से पालन करने और सावधानियां बरतने की समझाईश देने को भी कहा है।

मंगलवार को जारी हुए निर्देश इस प्रकार है पढ़े …

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोविड -19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड -19 गाइडलाईन के तहत सख्ती से हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्र कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड -19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है, न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना। इस संबंध में जारी निर्देश में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाया जाए और नॉन कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जिन जिलों में पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए।

ऐसे जिले जहां बीते 7 दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 4 % से कम है, वहां कलेक्टर अन्य जिलो के प्रावधान लागू कर सकेंगे। सभी जिलों में जुलूसों, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।

सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि कोविड -19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। कोरोना संक्रमण नियंत्रण के उपायों का स्थानीय प्रचार माध्यमों में प्रचार – प्रसार सुनिश्चित किया जाए और नकारात्मक तथा असत्य खबरों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, चैम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों, मॉल के मालिकों, थोक विक्रेताओं, जिम, सिनेमा और थिएटर के मालिकों, होटल – रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम मेरिज पैलेस, इवेंट मैनेजमेंट समूहों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित करें कि इन स्थानों में क्षमता के केवल एक तिहाई लोगों को प्रवेश दिया जाए। ऐसे जिलों में जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से अधिक है, वहां इनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।

कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड -19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। जहां आवश्यक हो वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए। होम आईसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों के माध्यम से संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को हॉस्पिटल बेड , दवाईयों के स्टॉक , पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता डेली रिपोर्टिंग के निर्देश भी दिए हैं।

उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना की पिछली दो लहर के दौरान सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाईम में ऑनलाईन उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने एनजीओ और निजी संगठनों को कोरोना नियंत्रण के उपायों के लिए सहयोग और आवश्यक सामाग्रियों के दान हेतु प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़ – भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम के स्टाफ के माध्यम सख्ती से चालान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को जब तक बहुत जरूरी न हो हवाई यात्रा या रेल से यात्रा नहीं करने को कहा है।

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के सभी मंत्रीगणों से अपने – अपने प्रभार के जिलों में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए हर संभव प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्तमान समय में पूरे विश्व एवं देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से वृद्धि चिन्ताजनक है। उन्होंने मंत्रीगणों को अपने प्रभार वाले जिलों के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की अतिशीघ्र वर्चअल बैठक लेकर कोरोना संक्रमण की अद्यतन स्थिति एवं रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना के प्रसार को नियंत्रित रखने हेतु उन्होंने मंत्रीगणों से अपने प्रभार वाले जिलों में कोरोना की वर्तमान स्थिति, मरीजों में देखे जा रहे लक्ष्यणों की तीव्रता, अस्पताल में भर्ती मरीज, होम आईसोलेशन में रहने वाले मरीज और उनके स्वस्थ होने की अवधि के बारे में जानकारी लेने को कहा है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक पाबंदियां लगाई जाने के संबंध में जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों, किसान मजदूर संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं के संचालकों सहित अधिक से अधिक लोगों से चर्चा करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने मंत्रीगणों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं संक्रमितों के इलाज के लिए प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की भी समीक्षा के साथ – साथ कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए लोगों को कोरोना गाईड लाईन का कड़ाई से पालन करने और सावधानियां बरतने की समझाईश देने को भी कहा है।

मंगलवार को जारी हुए निर्देश इस प्रकार है पढ़े …

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कोविड -19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड -19 गाइडलाईन के तहत सख्ती से हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्र कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य कोविड -19 संक्रमण और इससे संबंधित रिस्क को सीमित करना है, न कि आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना। इस संबंध में जारी निर्देश में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि प्रदेश के ऐसे जिले जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत या इससे अधिक है, वहां रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन क्लैम्प डाउन लगाया जाए और नॉन कमर्शियल गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इसके लिए जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जिन जिलों में पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से ज्यादा है, वहां सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों, पुस्तकालयों, स्वीमिंग पूल और ऐसे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखा जाए।

ऐसे जिले जहां बीते 7 दिनों में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 4 % से कम है, वहां कलेक्टर अन्य जिलो के प्रावधान लागू कर सकेंगे। सभी जिलों में जुलूसों, रैलियों, पब्लिक गैदरिंग, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और खेल आयोजनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां धारा 144 तथा महामारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।

सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि कोविड -19 संक्रमण के नियंत्रण के लिए निजी डॉक्टरों, निजी अस्पतालों, एनजीओ, मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं। कोरोना संक्रमण नियंत्रण के उपायों का स्थानीय प्रचार माध्यमों में प्रचार – प्रसार सुनिश्चित किया जाए और नकारात्मक तथा असत्य खबरों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, चैम्बर ऑफ कामर्स के प्रतिनिधियों, मॉल के मालिकों, थोक विक्रेताओं, जिम, सिनेमा और थिएटर के मालिकों, होटल – रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम मेरिज पैलेस, इवेंट मैनेजमेंट समूहों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित करें कि इन स्थानों में क्षमता के केवल एक तिहाई लोगों को प्रवेश दिया जाए। ऐसे जिलों में जहां पॉजिटिव रेट 4 प्रतिशत से अधिक है, वहां इनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाए।

कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश के सभी एयरपोर्ट पर आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य की जाए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोविड -19 के दोनो टीके लगाए जा चुके हैं वे यात्रा की तिथि के 72 घंटे की आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से की जाए। सभी रेल्वे स्टेशनों और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रेन्डम जांच के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को यह निर्देश भी दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए माइक्रो या मिनी कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं। जहां आवश्यक हो वहां संक्रमितों की पहचान के लिए ट्रेसिंग और ट्रेकिंग की जाए। होम आईसोलेशन वाले संक्रमितों के लिए सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे कॉल सेंटर्स को सक्रिय किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मितानिनों के माध्यम से संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को हॉस्पिटल बेड , दवाईयों के स्टॉक , पीएसए प्लांट्स और ऑक्सीजन की उपलब्धता डेली रिपोर्टिंग के निर्देश भी दिए हैं।

उन्होंने जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के यह भी निर्देश दिए हैं कि कोरोना की पिछली दो लहर के दौरान सभी शासकीय और निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता की जानकारी रियल टाईम में ऑनलाईन उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने एनजीओ और निजी संगठनों को कोरोना नियंत्रण के उपायों के लिए सहयोग और आवश्यक सामाग्रियों के दान हेतु प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक स्थानों, भीड़ – भाड़ वाले बाजारों और दुकानों में संक्रमण से बचाव के लिए मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। ऐसे लोग जो मास्क नहीं लगाते हैं उनका पुलिस और नगर निगम के स्टाफ के माध्यम सख्ती से चालान किया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकें आयोजित करने तथा शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों को जब तक बहुत जरूरी न हो हवाई यात्रा या रेल से यात्रा नहीं करने को कहा है।