Thursday, October 6, 2022

12 से 14 वर्ष के बच्चों को कोरोना टिका लगना शुरू…..बिलासपुर में पहले माथे पर तिलक फिर टीका, स्टूडेंट्स बोले- डरें नहीं, सभी लगवाएं वैक्सीन।

बिलासपुर। बिलासपुर में 12 से 14 साल के 80 हजार बच्चों को कोरोना टीका लगाने का टारगेट है। पहले दिन जिला अस्पताल स्थित वैक्सीनेशन सेंटर में बच्चों की आरती उतार कर माथे पर तिलक लगाया गया। फिर उनका वैक्सीनेशन किया गया। बच्चों ने कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर उन्हें इंतजार था। कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है। इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, होली पर्व के चलते पहले दिन टीकाकरण की धीमी शुरुआत हुई और गिने-चुने बच्चे ही वैक्सीनेशन कराने पहुंचे।

जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण सुबह 10.30 बजे से शुरू हुआ। CMHO प्रमोद महाजन, टीकाकरण अधिकारी डॉ. मनोज सेमुअल सहित अन्य अधिकारियों ने फीता काटकर वैक्सीनेशन की शुरूआत की। इस दौरान अस्पताल स्टॉफ ने पूजा की थाली सजाकर रखी थी। वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे बच्चों का पहले आरती उतारकर स्वागत किया और उनके माथे पर तिलक लगाकर वैक्सीन लगाई गई।

80 हजार बच्चों के वैक्सीनेशन का है टारगेट…..
12 से 14 ऐज ग्रुप के बच्चों की संख्या जिले में 80 हजार है। इसमें छठवीं, सातवीं और आठवीं कक्षा के बच्चे आते हैं। पहले दिन सिर्फ जिला अस्पताल स्थित सेंटर में टीका लगाया जा रहा है। अस्पताल में अन्य ऐज ग्रुप वालों से इनके टीकाकरण की व्यवस्था अलग से बनाई गई है, ताकि उन्हें वैक्सीन लगाने में किसी तरह की परेशानी न हो। बच्चों को बायोलॉजिकल-ई की वैक्सीन ‘कोर्बोवैक्स’ लगाई जा रही है। वैक्सीन के 70 हजार डोज उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में वैक्सीन को सुरक्षित रखा है।

2008 से 15 मार्च 2010 के बीच जन्मे बच्चे ही लगवा सकते हैं टीका……
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मनोज सेमुअल का कहना है कि वर्ष 2008- 2009 और 15 मार्च 2010 तक जन्मे बच्चे इस कैटेगरी में टीके लगवाने के पात्र होंगे। बच्चों को टीका लगाने से पहले कोविन ऐप में रजिस्ट्रेशन करना होगा। उनके ऐज ग्रुप को पोर्टल में लोड किया जा रहा है। जो बच्चे रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाते हैं तो भी कोई परेशानी नहीं है। वे सीधे सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद टीका लगवा सकते हैं। हां बच्चों को अपने साथ आधार कार्ड या फोटोयुक्त परिचय पत्र जो मान्य हो उसे लेकर जाना जरूरी है। जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि पहले दिन सिर्फ एक सेंटर पर टीका लगाया जा रहा है। इसके बाद धीरे-धीरे सेंटर बढ़ाए जाएंगे।

60 से अधिक के सभी बुजुर्गों को बूस्टर डोज……
60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को भी बुधवार से ही बूस्टर डोज लगाया जा रहा है। अभी तक 60 साल से ज्यादा उम्र के गंभीर बीमारियों वाले बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जा रही थी। जिले में 60 से अधिक उम्र के एक लाख 20 हजार से ज्यादा बुजुर्ग हैं। अभी तक 15 हजार से ज्यादा बुजुर्ग बूस्टर डोज लगवा चुके हैं।

सेंट जोसफ स्कूल की छात्रा को लगा पहला टीका….
बुधवार को जिला अस्पताल में करबला की रहने वाली सेंट जोसफ स्कूल की छात्रा तनिष्का सोनी को पहला टीका लगा। तनिष्का सातवीं कक्षा की छात्रा है। उसने बताया कि टीका लगने का उसे इंतजार था और वह काफी उत्साहित भी है।

15 से 17 वर्ष वाले 72% को पहला डोज…..
15 से 17 साल वाले किशोरों को को-वैक्सीन लगाई जा रही है। जिले के एक लाख 10 हजार 954 बच्चों को टीका लगाना था। लेकिन अभी तक 72.14 प्रतिशत यानी 80 हजार 42 बच्चों को पहला डोज लगा है। 57.40% यानी 63 हजार 798 बच्चों को दोनों डोज लग चुके हैं।

28 दिन के बाद दूसरा डोज लगेगा……
टीकाकरण प्रभारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि होली पर्व के चलते पहले दिन बच्चों की संख्या कम है। कार्बिवेक्स वैक्सीन बच्चों को लगाया जा रहा है। यह भारत में सबसे ज्यादा इसे उपयोग किया जा रहा है। यह टीका काफी सुरक्षित है। सभी पैरेंट्स अपील है कि अपने बच्चों का वैक्सीनेशन कराएं।

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बिलासपुर। बिलासपुर में 12 से 14 साल के 80 हजार बच्चों को कोरोना टीका लगाने का टारगेट है। पहले दिन जिला अस्पताल स्थित वैक्सीनेशन सेंटर में बच्चों की आरती उतार कर माथे पर तिलक लगाया गया। फिर उनका वैक्सीनेशन किया गया। बच्चों ने कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर उन्हें इंतजार था। कोरोना से बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है। इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, होली पर्व के चलते पहले दिन टीकाकरण की धीमी शुरुआत हुई और गिने-चुने बच्चे ही वैक्सीनेशन कराने पहुंचे।

जिले में 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण सुबह 10.30 बजे से शुरू हुआ। CMHO प्रमोद महाजन, टीकाकरण अधिकारी डॉ. मनोज सेमुअल सहित अन्य अधिकारियों ने फीता काटकर वैक्सीनेशन की शुरूआत की। इस दौरान अस्पताल स्टॉफ ने पूजा की थाली सजाकर रखी थी। वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे बच्चों का पहले आरती उतारकर स्वागत किया और उनके माथे पर तिलक लगाकर वैक्सीन लगाई गई।

80 हजार बच्चों के वैक्सीनेशन का है टारगेट…..
12 से 14 ऐज ग्रुप के बच्चों की संख्या जिले में 80 हजार है। इसमें छठवीं, सातवीं और आठवीं कक्षा के बच्चे आते हैं। पहले दिन सिर्फ जिला अस्पताल स्थित सेंटर में टीका लगाया जा रहा है। अस्पताल में अन्य ऐज ग्रुप वालों से इनके टीकाकरण की व्यवस्था अलग से बनाई गई है, ताकि उन्हें वैक्सीन लगाने में किसी तरह की परेशानी न हो। बच्चों को बायोलॉजिकल-ई की वैक्सीन ‘कोर्बोवैक्स’ लगाई जा रही है। वैक्सीन के 70 हजार डोज उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में वैक्सीन को सुरक्षित रखा है।

2008 से 15 मार्च 2010 के बीच जन्मे बच्चे ही लगवा सकते हैं टीका……
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मनोज सेमुअल का कहना है कि वर्ष 2008- 2009 और 15 मार्च 2010 तक जन्मे बच्चे इस कैटेगरी में टीके लगवाने के पात्र होंगे। बच्चों को टीका लगाने से पहले कोविन ऐप में रजिस्ट्रेशन करना होगा। उनके ऐज ग्रुप को पोर्टल में लोड किया जा रहा है। जो बच्चे रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाते हैं तो भी कोई परेशानी नहीं है। वे सीधे सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद टीका लगवा सकते हैं। हां बच्चों को अपने साथ आधार कार्ड या फोटोयुक्त परिचय पत्र जो मान्य हो उसे लेकर जाना जरूरी है। जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि पहले दिन सिर्फ एक सेंटर पर टीका लगाया जा रहा है। इसके बाद धीरे-धीरे सेंटर बढ़ाए जाएंगे।

60 से अधिक के सभी बुजुर्गों को बूस्टर डोज……
60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को भी बुधवार से ही बूस्टर डोज लगाया जा रहा है। अभी तक 60 साल से ज्यादा उम्र के गंभीर बीमारियों वाले बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जा रही थी। जिले में 60 से अधिक उम्र के एक लाख 20 हजार से ज्यादा बुजुर्ग हैं। अभी तक 15 हजार से ज्यादा बुजुर्ग बूस्टर डोज लगवा चुके हैं।

सेंट जोसफ स्कूल की छात्रा को लगा पहला टीका….
बुधवार को जिला अस्पताल में करबला की रहने वाली सेंट जोसफ स्कूल की छात्रा तनिष्का सोनी को पहला टीका लगा। तनिष्का सातवीं कक्षा की छात्रा है। उसने बताया कि टीका लगने का उसे इंतजार था और वह काफी उत्साहित भी है।

15 से 17 वर्ष वाले 72% को पहला डोज…..
15 से 17 साल वाले किशोरों को को-वैक्सीन लगाई जा रही है। जिले के एक लाख 10 हजार 954 बच्चों को टीका लगाना था। लेकिन अभी तक 72.14 प्रतिशत यानी 80 हजार 42 बच्चों को पहला डोज लगा है। 57.40% यानी 63 हजार 798 बच्चों को दोनों डोज लग चुके हैं।

28 दिन के बाद दूसरा डोज लगेगा……
टीकाकरण प्रभारी डॉ. यश अग्रवाल ने बताया कि होली पर्व के चलते पहले दिन बच्चों की संख्या कम है। कार्बिवेक्स वैक्सीन बच्चों को लगाया जा रहा है। यह भारत में सबसे ज्यादा इसे उपयोग किया जा रहा है। यह टीका काफी सुरक्षित है। सभी पैरेंट्स अपील है कि अपने बच्चों का वैक्सीनेशन कराएं।