Thursday, October 6, 2022

छत्तीसगढ़ कुर्मी चेतना मंच के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए इंजीनियर लक्ष्मी गहवई

बिलासपुर– कुर्मि चेतना मंच के प्रबंध कार्यकारिणी का आज यहां हुए प्रादेशिक निर्वाचन में इंजीनियर लक्ष्मी कुमार गहवई निर्विरोध 3 साल के लिए प्रदेश अध्यक्ष पद पर चुने गए हैं, अन्य सभी पदों पर भी निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
वर्ष 1993 में गठित हुए कुर्मि चेतना मंच के चुनाव में अभी तक एक ही बार निर्वाचन का अवसर आया था शेष निर्वाचन में सारे पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित होते आए हैं। मंच के निवृतमान अध्यक्ष डॉ निर्मल नायक तथा चुनाव अधिकारी सिद्धेश्वर पाटन वार, डॉ हेमंत कौशिक और महासचिव जितेंद्र सिंगरौल की मौजूदगी में मंच के प्रबंध कार्यकारिणी के पदों के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू हुई तो सारे पदों के लिए एक एक आवेदन आने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने इंजीनियर एल के  लक्ष्मी कुमार गहवई को 3 वर्षों के लिए निर्विरोध प्रदेश  अध्यक्ष घोषित किया वही उपाध्यक्ष पद के लिए जांजगीर के व्यास कश्यप, डॉ पी बी चंद्रा और श्रीमती सुषमा मोहन कश्यप ,कोषाध्यक्ष पद के लिए देवी चंद्राकर, महासचिव पद के लिए विश्वनाथ कश्यप, सचिव पद के लिए दिलीप कौशिक, देवनाथ कश्यप,, ऋषि कश्यप और जमुना प्रसाद पाटन वार को निर्विरोध घोषित किया गया ।इसी तरह संयुक्त सचिव पद के लिए श्रीमती शकुंतला पाटन वार तोखन चंद्राकर ,डॉ हेमंत कश्यप पामगढ़ और रायपुर के चमन चंद्राकर निर्वाचित हुए वही कार्यकारिणी सदस्य के रूप में बिसून कश्यप जांजगीर ,राजेंद्र चंद्राकर, जनक लाल वर्मा, माधवनाथ चंद्राकर गेंद राम कश्यप ,राजेंद्र कश्यप और ईश्वरी चंद्राकर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया ।

चुनावी बैठक में इस बात पर जोर जोर दिया गया कि संगठन में शुरू से ही युवाओं की भागीदारी बहुत कम है इसलिए निर्वाचित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे संगठन में युवाओं की संख्या ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं इसी तरह सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में समाज का हम आकलन करें भले ही इन क्षेत्रों में हम ना बढ़े लेकिन कम से कम दूसरे समाजों से तुलनात्मक दृष्टि से हमारा समाज बराबर दखल दिखना चाहिए। वर्ष 1993 में अविभाजित मध्यप्रदेश में मंच का गठन हुआ था लेकिन उस समय मंच का कामकाज शुरुआती दौर में धीमा रहा लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद मंच काफी सक्रिय हुआ और संगठन में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए समाज के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए पूर्ववर्ती पदाधिकारियों समाज के उत्थान के लिए काफी कुछ किया है लेकिन हमें आगे उससे भी बढ़कर समाज को आगे बढ़ाना है।

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बिलासपुर– कुर्मि चेतना मंच के प्रबंध कार्यकारिणी का आज यहां हुए प्रादेशिक निर्वाचन में इंजीनियर लक्ष्मी कुमार गहवई निर्विरोध 3 साल के लिए प्रदेश अध्यक्ष पद पर चुने गए हैं, अन्य सभी पदों पर भी निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
वर्ष 1993 में गठित हुए कुर्मि चेतना मंच के चुनाव में अभी तक एक ही बार निर्वाचन का अवसर आया था शेष निर्वाचन में सारे पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित होते आए हैं। मंच के निवृतमान अध्यक्ष डॉ निर्मल नायक तथा चुनाव अधिकारी सिद्धेश्वर पाटन वार, डॉ हेमंत कौशिक और महासचिव जितेंद्र सिंगरौल की मौजूदगी में मंच के प्रबंध कार्यकारिणी के पदों के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू हुई तो सारे पदों के लिए एक एक आवेदन आने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने इंजीनियर एल के  लक्ष्मी कुमार गहवई को 3 वर्षों के लिए निर्विरोध प्रदेश  अध्यक्ष घोषित किया वही उपाध्यक्ष पद के लिए जांजगीर के व्यास कश्यप, डॉ पी बी चंद्रा और श्रीमती सुषमा मोहन कश्यप ,कोषाध्यक्ष पद के लिए देवी चंद्राकर, महासचिव पद के लिए विश्वनाथ कश्यप, सचिव पद के लिए दिलीप कौशिक, देवनाथ कश्यप,, ऋषि कश्यप और जमुना प्रसाद पाटन वार को निर्विरोध घोषित किया गया ।इसी तरह संयुक्त सचिव पद के लिए श्रीमती शकुंतला पाटन वार तोखन चंद्राकर ,डॉ हेमंत कश्यप पामगढ़ और रायपुर के चमन चंद्राकर निर्वाचित हुए वही कार्यकारिणी सदस्य के रूप में बिसून कश्यप जांजगीर ,राजेंद्र चंद्राकर, जनक लाल वर्मा, माधवनाथ चंद्राकर गेंद राम कश्यप ,राजेंद्र कश्यप और ईश्वरी चंद्राकर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया ।

चुनावी बैठक में इस बात पर जोर जोर दिया गया कि संगठन में शुरू से ही युवाओं की भागीदारी बहुत कम है इसलिए निर्वाचित पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे संगठन में युवाओं की संख्या ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं इसी तरह सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में समाज का हम आकलन करें भले ही इन क्षेत्रों में हम ना बढ़े लेकिन कम से कम दूसरे समाजों से तुलनात्मक दृष्टि से हमारा समाज बराबर दखल दिखना चाहिए। वर्ष 1993 में अविभाजित मध्यप्रदेश में मंच का गठन हुआ था लेकिन उस समय मंच का कामकाज शुरुआती दौर में धीमा रहा लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद मंच काफी सक्रिय हुआ और संगठन में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए समाज के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए पूर्ववर्ती पदाधिकारियों समाज के उत्थान के लिए काफी कुछ किया है लेकिन हमें आगे उससे भी बढ़कर समाज को आगे बढ़ाना है।