Monday, September 26, 2022

अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में पहली बार मादा बाइसन ने जुड़वा शावकों को दिया जन्म…. दावा है कि दुर्लभ होते है जुड़ाव।

बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में पहली बार मादा बाइसन ने एक साथ दो शावकों को जन्म दिया है। यहां ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी मादा गौर ने दो शावकों को जन्म दिया है। विभाग के अफसरों का भी दावा है कि मादा बाइसन इस तरह से कभी-कभार जुड़वा शावक जन्म देती है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में बाघ, तेंदुआ, बाइसन, हिरण जैसे 50 प्रजाति के वन्य प्राणी होने का दावा किया जाता रहा है। यही वजह है कि यहां वन्य जीवों की सुरक्षा और संख्या बढ़ाने के लिए 2007 में इसे बायोस्फीयर घोषित किया गया। फिर 2009 में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अचानकमार अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया। अचानकमार टाइगर रिजर्व की गिनती देश के 39 टाइगर रिजर्व में होती है।

रविवार की शाम दिखा बाइसन का नन्हा शावक
वन्य प्राणी प्रेमी और वरिष्ठ पत्रकार प्राण चड्‌डा और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर शिरीष डामरे रविवार को अचानकमार के बारीघाट की ओर भ्रमण पर गए थे। इस दौरान उन्हें बाइसन का झूंड दिखा। झूंड में दो शावक और मादा बाइसन अलग चल रहे थे। जिसे देखकर दोनों वन्य प्रेमी हैरान रह गए। उन्होंने अपने कैमरे में उनका वीडियो बनाकर कैद कर लिया।

छत्तीसगढ़ का पहला मामला
वरिष्ठ पत्रकार प्राण चड्‌डा ने बताया कि छतीसगढ़ में अचानकमार टाइगर रिजर्व में पहली बार रविवार की शाम बफर जोन में बारीघाट में सड़क पार करते समय बाइसन के जुड़वा शावक को रिकार्ड किया गया है। मां (मादा बाइसन) के साथ चल रहे दोनों शावक की समान उम्र और मदर के साथ बॉडी लैंग्वेज से साफ पता लग रहा है कि दोनों जुड़वा हैं। आम तौर पर बाइसन याने गौर मां एक बच्चे को ही जन्म देती है।

डिप्टी डायरेक्टर बोले- रेयर होते हैं जुड़वा शावक
अचानकमार टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा ने बताया कि कुछ माह पहले ही यहां मादा बाइसन के जुड़वा शावक के जन्म देने की सूचना मिली थी। लेकिन, हमने इसे सार्वजनिक नहीं किया था। उन्होंने बताया कि आमतौर पर मादा बाइसन एक ही शावक को जन्म देते हैं। जुड़वा शावक जन्म देने के रेयर केस ही सामने आते हैं। अचानकमार टाइगर में ऐसा पहली बार हुआ है जब कि मादा बाइसन ने जुड़वा शावक को जन्म दिया है।

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बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में पहली बार मादा बाइसन ने एक साथ दो शावकों को जन्म दिया है। यहां ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी मादा गौर ने दो शावकों को जन्म दिया है। विभाग के अफसरों का भी दावा है कि मादा बाइसन इस तरह से कभी-कभार जुड़वा शावक जन्म देती है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में बाघ, तेंदुआ, बाइसन, हिरण जैसे 50 प्रजाति के वन्य प्राणी होने का दावा किया जाता रहा है। यही वजह है कि यहां वन्य जीवों की सुरक्षा और संख्या बढ़ाने के लिए 2007 में इसे बायोस्फीयर घोषित किया गया। फिर 2009 में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अचानकमार अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित किया गया। अचानकमार टाइगर रिजर्व की गिनती देश के 39 टाइगर रिजर्व में होती है।

रविवार की शाम दिखा बाइसन का नन्हा शावक
वन्य प्राणी प्रेमी और वरिष्ठ पत्रकार प्राण चड्‌डा और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर शिरीष डामरे रविवार को अचानकमार के बारीघाट की ओर भ्रमण पर गए थे। इस दौरान उन्हें बाइसन का झूंड दिखा। झूंड में दो शावक और मादा बाइसन अलग चल रहे थे। जिसे देखकर दोनों वन्य प्रेमी हैरान रह गए। उन्होंने अपने कैमरे में उनका वीडियो बनाकर कैद कर लिया।

छत्तीसगढ़ का पहला मामला
वरिष्ठ पत्रकार प्राण चड्‌डा ने बताया कि छतीसगढ़ में अचानकमार टाइगर रिजर्व में पहली बार रविवार की शाम बफर जोन में बारीघाट में सड़क पार करते समय बाइसन के जुड़वा शावक को रिकार्ड किया गया है। मां (मादा बाइसन) के साथ चल रहे दोनों शावक की समान उम्र और मदर के साथ बॉडी लैंग्वेज से साफ पता लग रहा है कि दोनों जुड़वा हैं। आम तौर पर बाइसन याने गौर मां एक बच्चे को ही जन्म देती है।

डिप्टी डायरेक्टर बोले- रेयर होते हैं जुड़वा शावक
अचानकमार टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा ने बताया कि कुछ माह पहले ही यहां मादा बाइसन के जुड़वा शावक के जन्म देने की सूचना मिली थी। लेकिन, हमने इसे सार्वजनिक नहीं किया था। उन्होंने बताया कि आमतौर पर मादा बाइसन एक ही शावक को जन्म देते हैं। जुड़वा शावक जन्म देने के रेयर केस ही सामने आते हैं। अचानकमार टाइगर में ऐसा पहली बार हुआ है जब कि मादा बाइसन ने जुड़वा शावक को जन्म दिया है।