Monday, January 17, 2022

कोरोना के नए वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने ली बैठक.. कोरोना टीकाकरण, सैंपलों की जांच में तेजी लाने और अस्पतालों में चाक-चौबंद व्यवस्था के दिए निर्देश..

रायपुर. 1 दिसम्बर 2021- स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) को देखते हुए इसकी त्वरित पहचान और बचाव के लिए प्रदेश में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने दूसरे देशों की यात्रा कर छत्तीसगढ़ पहुंचने वालों की स्क्रीनिंग और आवश्यक जांच की पुख्ता व्यवस्था कर उनकी कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिदिन सैंपल जांच की संख्या बढ़ाने कहा। श्री सिंहदेव ने कोरोना टीकाकरण में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी अस्पतालों में उपकरणों और मशीनों का समुचित रखरखाव करते हुए चौक-चौबंद व्यवस्था रखने कहा।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में बताया कि सभी कलेक्टरों को नए वेरिएंट की त्वरित पहचान और बचाव के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के तीनों हवाई अड्डों रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर में हेल्प डेस्क स्थापित कर विदेश से आने वालों की स्क्रीनिंग, कोविड-19 जांच रिपोर्ट, टीकाकरण तथा भारत आने के बाद क्वारेंटाइन एवं कोरोना के लक्षण सम्बन्धी जानकारी लेते हुए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग के राज्य सर्वेलेंस इकाई से समन्वय कर प्रतिदिन विदेशों से अन्तर्राष्ट्रीय यात्रा कर आने वाले व्यक्तियों की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि ऐसे व्यक्ति जिन्होंने भारत आने के बाद अपनी सात दिनों की क्वारेंटाइन अवधि पूरी नहीं की है, उन्हें सात दिनों के होम-क्वारेंटाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए भी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है। इन व्यक्तियों के आठवें दिन आरटीपीसीआर जांच कराने और रिपोर्ट के धनात्मक आने पर सैंपल को डब्ल्यू.जी.एस. (Whole Genome Sequencing) जांच के लिए भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। नए वेरिएंट की पहचान एवं निगरानी के लिए रोज हर जिले को आरटीपीसीआर जांच में धनात्मक आने वाले कम से कम पांच प्रतिशत सैंपलों को डब्ल्यू.जी.एस. जांच के लिए भेजने कहा गया है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को कोरोना टीकाकरण में तेजी लाने और यथाशीघ्र शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के साथ ही कोविड अनुकूल व्यवहार (Covid Appropriate Behavior) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की सचिव शहला निगार, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक कार्तिकेय गोयल, महाप्रबंधक राहुल वेंकट, महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉ. आर.के. पंडा, डॉ. ओ.पी. सुंदरानी तथा आईडीएसपी के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

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रायपुर. 1 दिसम्बर 2021- स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) को देखते हुए इसकी त्वरित पहचान और बचाव के लिए प्रदेश में तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने दूसरे देशों की यात्रा कर छत्तीसगढ़ पहुंचने वालों की स्क्रीनिंग और आवश्यक जांच की पुख्ता व्यवस्था कर उनकी कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिदिन सैंपल जांच की संख्या बढ़ाने कहा। श्री सिंहदेव ने कोरोना टीकाकरण में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी अस्पतालों में उपकरणों और मशीनों का समुचित रखरखाव करते हुए चौक-चौबंद व्यवस्था रखने कहा।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने नवीन विश्राम भवन में आयोजित बैठक में बताया कि सभी कलेक्टरों को नए वेरिएंट की त्वरित पहचान और बचाव के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के तीनों हवाई अड्डों रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर में हेल्प डेस्क स्थापित कर विदेश से आने वालों की स्क्रीनिंग, कोविड-19 जांच रिपोर्ट, टीकाकरण तथा भारत आने के बाद क्वारेंटाइन एवं कोरोना के लक्षण सम्बन्धी जानकारी लेते हुए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग के राज्य सर्वेलेंस इकाई से समन्वय कर प्रतिदिन विदेशों से अन्तर्राष्ट्रीय यात्रा कर आने वाले व्यक्तियों की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि ऐसे व्यक्ति जिन्होंने भारत आने के बाद अपनी सात दिनों की क्वारेंटाइन अवधि पूरी नहीं की है, उन्हें सात दिनों के होम-क्वारेंटाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए भी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है। इन व्यक्तियों के आठवें दिन आरटीपीसीआर जांच कराने और रिपोर्ट के धनात्मक आने पर सैंपल को डब्ल्यू.जी.एस. (Whole Genome Sequencing) जांच के लिए भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। नए वेरिएंट की पहचान एवं निगरानी के लिए रोज हर जिले को आरटीपीसीआर जांच में धनात्मक आने वाले कम से कम पांच प्रतिशत सैंपलों को डब्ल्यू.जी.एस. जांच के लिए भेजने कहा गया है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को कोरोना टीकाकरण में तेजी लाने और यथाशीघ्र शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के साथ ही कोविड अनुकूल व्यवहार (Covid Appropriate Behavior) का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की सचिव शहला निगार, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. विष्णु दत्त, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक कार्तिकेय गोयल, महाप्रबंधक राहुल वेंकट, महामारी नियंत्रण के संचालक डॉ. सुभाष मिश्रा, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉ. आर.के. पंडा, डॉ. ओ.पी. सुंदरानी तथा आईडीएसपी के नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गहवई भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।