Tuesday, September 27, 2022

इस गाँव में नही होती होलिका दहन , वर्षो से चली आ रही ये परंपरा, देखें पूरी खबर।

धमतरी। धमतरी से 9 किलोमीटर दूर ग्राम तेलीनसती, जहां यह परंपरा वर्षो पुरानी है इस गांव में होलिका दहन और ना रावण दहन किया जाता है। यह परंपरा बरसों पुरानी है और इस परंपरा को वर्षों से आज भी ग्रामीण मानते है । इस गांव में होली सादगी पूर्ण तरीके खेली जाती है परन्तु होलिका दहन नहीं किया जाता है।

बुजूर्गों के बताए अनुसार पर माँ सती माता का मंदिर है
एक कुंवारी कन्या उस वक्त सती हो गई थी जब उसके प्रेमी को नरबलि के रूप में चढ़ा दिया गया था, जिसके बाद कुंवारी कन्या सती हुई और उस दिन से आज तलक इस गांव में होलिका दहन नहीं किया जाता और ना ही विवाहित स्त्री मंदिर में जा कर पूजा पाठ करती हैं। कुंवारी कन्या ही मंदिर में प्रवेश करती हैं और पूजा पाठ कर आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। यही वर्षों पुरानी परंपरा को आज भी कायम है इस लिए बिना होलिका दहन होली सादगी पूर्ण तरीके मनाई जाती है।

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धमतरी। धमतरी से 9 किलोमीटर दूर ग्राम तेलीनसती, जहां यह परंपरा वर्षो पुरानी है इस गांव में होलिका दहन और ना रावण दहन किया जाता है। यह परंपरा बरसों पुरानी है और इस परंपरा को वर्षों से आज भी ग्रामीण मानते है । इस गांव में होली सादगी पूर्ण तरीके खेली जाती है परन्तु होलिका दहन नहीं किया जाता है।

बुजूर्गों के बताए अनुसार पर माँ सती माता का मंदिर है
एक कुंवारी कन्या उस वक्त सती हो गई थी जब उसके प्रेमी को नरबलि के रूप में चढ़ा दिया गया था, जिसके बाद कुंवारी कन्या सती हुई और उस दिन से आज तलक इस गांव में होलिका दहन नहीं किया जाता और ना ही विवाहित स्त्री मंदिर में जा कर पूजा पाठ करती हैं। कुंवारी कन्या ही मंदिर में प्रवेश करती हैं और पूजा पाठ कर आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। यही वर्षों पुरानी परंपरा को आज भी कायम है इस लिए बिना होलिका दहन होली सादगी पूर्ण तरीके मनाई जाती है।