Tuesday, September 27, 2022

छत्तीसगढ़ में 15 हजार स्वास्थ्य संयोजक अपनी मांग को लेकर किया हड़ताल……वैक्सीनेशन समेत, दर्जनों प्रोजेक्ट होंगे प्रभावित।

छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य संयोजकों ने काम बंद कर दिया है। बड़ी तादाद में इकट्ठा होकर सभी अलग-अलग जिलों से रायपुर पहुंचे और अब यही धरना दे रहे हैं। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के बैनर तले यह तमाम कर्मचारी पुरानी बस्ती के धरना स्थल पर जमा होकर सोमवार को नारेबाजी करते दिखे। संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में इनका विरोध प्रदर्शन और उग्र रूप लेगा। फिलहाल संयोजकों ने अपने इस आंदोलन को अनिश्चितकाल चलाने का फैसला किया है।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काम करने वाले ये स्वास्थ्य संयोजक, ग्रामीण और प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में भी काम करते हैं। कोविड-19 टीकाकरण, छोटे बच्चों की बीमारियों से जुड़े रूटीन टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, टीबी, कुष्ठ रोग, मलेरिया नियंत्रण जैसे कामों में अपनी सेवाएं देते हैं। अब इनके काम बंद कर देने से इस तरह के एक दर्जन से ज्यादा प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे। लोगों के पास स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। इन स्वास्थ्य संयोजकों की सरकार से मांग है कि सरकार ने जनघोषणा पत्र में वादे किए थे उसे पूरा किया जाए।

इन मांगों पर खींचतान………

  1. स्वास्थ्य संयोजकों को वेतनमान 5200 से 20200 ग्रेड पे 2800 रुपए किया जाए।
  2. ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों के पद का नाम बदलकर इसे ग्रामीण स्वास्थ्य सहायक अधिकारी किया जाए।
  3. प्रदेश के उप स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में कलेक्टर दर पर एक वार्ड आए, सफाई कर्मी की नियुक्ति की जाए।
  4. ऑनलाइन डाटा एंट्री के काम के लिए अलग से प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि के तौर पर 5000 दिए जाएं।
  5. हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में सीएचओ के इंसेंटिव के आधार पर स्वास्थ्य संयोजकों को भी इंसेंटिव दिया जाए।
  6. कोरोना काल में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष काेरोना भत्ता दिया जाए।

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छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य संयोजकों ने काम बंद कर दिया है। बड़ी तादाद में इकट्ठा होकर सभी अलग-अलग जिलों से रायपुर पहुंचे और अब यही धरना दे रहे हैं। स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के बैनर तले यह तमाम कर्मचारी पुरानी बस्ती के धरना स्थल पर जमा होकर सोमवार को नारेबाजी करते दिखे। संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में इनका विरोध प्रदर्शन और उग्र रूप लेगा। फिलहाल संयोजकों ने अपने इस आंदोलन को अनिश्चितकाल चलाने का फैसला किया है।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काम करने वाले ये स्वास्थ्य संयोजक, ग्रामीण और प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में भी काम करते हैं। कोविड-19 टीकाकरण, छोटे बच्चों की बीमारियों से जुड़े रूटीन टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, टीबी, कुष्ठ रोग, मलेरिया नियंत्रण जैसे कामों में अपनी सेवाएं देते हैं। अब इनके काम बंद कर देने से इस तरह के एक दर्जन से ज्यादा प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे। लोगों के पास स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। इन स्वास्थ्य संयोजकों की सरकार से मांग है कि सरकार ने जनघोषणा पत्र में वादे किए थे उसे पूरा किया जाए।

इन मांगों पर खींचतान………

  1. स्वास्थ्य संयोजकों को वेतनमान 5200 से 20200 ग्रेड पे 2800 रुपए किया जाए।
  2. ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों के पद का नाम बदलकर इसे ग्रामीण स्वास्थ्य सहायक अधिकारी किया जाए।
  3. प्रदेश के उप स्वास्थ्य केंद्र और हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में कलेक्टर दर पर एक वार्ड आए, सफाई कर्मी की नियुक्ति की जाए।
  4. ऑनलाइन डाटा एंट्री के काम के लिए अलग से प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि के तौर पर 5000 दिए जाएं।
  5. हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर में सीएचओ के इंसेंटिव के आधार पर स्वास्थ्य संयोजकों को भी इंसेंटिव दिया जाए।
  6. कोरोना काल में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष काेरोना भत्ता दिया जाए।