Tuesday, September 27, 2022

जिम्मेदारों की लापरवाही : सरकारी ‘कागज’ में मौत, खुद को जिंदा बताने दर-दर भटक रहा बुजुर्ग, पेंशन रुकी, इलाज भी बंद..

राजनांदगांव – छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक बुजुर्ग को 8 महीने से पेंशन ही नहीं मिली। कारण है कि कागजों में उसकी मौत हो चुकी है। वो कई महीनों से परेशान था। बार-बार अधिकारियों से गुहार लगाने पर पता चला कि इस मामले में पंचायत स्तर पर लापरवाही हुई थी। सरकारी दस्तावेज में उसे मृत घोषित कर दिया गया था। जिसकी वजह से वह पेंशन ही नहीं प्राप्त कर पा रहा था। बीमार होने के बावजूद वह अपना इलाज तक नहीं करवा सका। ये मामला जिले के अंबागढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत चिखली का है।

चिखली निवासी गैंदुराम साहू(71) को वृद्धावस्था पेंशन 2014 से मिल रही थी। मगर जून 2020 से उसको अचानक पेंशन मिलना बंद हो गया। इसके बाद गैंदूराम ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही ये गुहार लगानी शुरू कर दी कि उसे पैसे नहीं मिल रही हैं। ये सब करते हुए काफी समय बीत गया। इसके बावजूद उसे पेंशन नहीं मिली।

बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो गैंदुराम ने जनपद पंचायत के अधिकारियों से इसकी गुहार लगाई। उसके बाद पता चला कि पंचायत स्तर पर ही उनका नाम पेंशन पानी वाली सूची से गायब है। सरकारी दस्तावेज में उसकी मौत हो चुकी थी।

चिखली ग्राम पंचायत की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।

इस मामले को लेकर पता चला है कि पंचायत की लापरवाही उजागर होने के बाद जनपद अधिकारियों ने उससे ऑनलाइन आवेदन मांगा था। आवेदन देने के बाद भी पेंशन शुरू नहीं हो पाया। बताया गया कि अधिकारियों ने उसे पंचायत सचिव से 3 महीने की पेंशन राशि नगद दिलवा दी और मामले के शांत करने के लिए कह दिया गया।

इस मामले को लेकर गैंदुराम की पत्नी ने बताया कि जिंदा आदमी को मरा हुआ बताकर पेंशन रोक दिया गया जो काफी गलत है। उन्होंने कहा कि पेंशन नहीं मिलने की वजह से वह अपना इलाज भी नहीं करा पा रहे थे। बार-बार शिकायत की। फिर भी अब तक पेंशन मिलनी नहीं शुरू हुई है। हम चाहते हैं कि पेंशन जल्द से जल्द मिलना शुरू हो। जिससे की हमारी परेशानी खत्म हो सके। उन्होंने बताया कि हमारा एक बेटा है। जो मजदूरी करता है। ऐसे में पंचायत स्तर पर मिलने वाली पेंशन की राशि ही हमारे लिए सहारा थी।

वहीं इस संबंध में हमने अंबागढ़ ब्लॉक के जनपद सीईओ बीपी चुरेंद्र से बात की तो उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत के सचिव भीमराव अंबादे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। बुजुर्ग के नाम को वापस से जोड़ दिया गया है। जल्द ही उसे पेंशन मिलने लगेगी। खबरें और भी हैं…

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राजनांदगांव – छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक बुजुर्ग को 8 महीने से पेंशन ही नहीं मिली। कारण है कि कागजों में उसकी मौत हो चुकी है। वो कई महीनों से परेशान था। बार-बार अधिकारियों से गुहार लगाने पर पता चला कि इस मामले में पंचायत स्तर पर लापरवाही हुई थी। सरकारी दस्तावेज में उसे मृत घोषित कर दिया गया था। जिसकी वजह से वह पेंशन ही नहीं प्राप्त कर पा रहा था। बीमार होने के बावजूद वह अपना इलाज तक नहीं करवा सका। ये मामला जिले के अंबागढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत चिखली का है।

चिखली निवासी गैंदुराम साहू(71) को वृद्धावस्था पेंशन 2014 से मिल रही थी। मगर जून 2020 से उसको अचानक पेंशन मिलना बंद हो गया। इसके बाद गैंदूराम ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही ये गुहार लगानी शुरू कर दी कि उसे पैसे नहीं मिल रही हैं। ये सब करते हुए काफी समय बीत गया। इसके बावजूद उसे पेंशन नहीं मिली।

बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो गैंदुराम ने जनपद पंचायत के अधिकारियों से इसकी गुहार लगाई। उसके बाद पता चला कि पंचायत स्तर पर ही उनका नाम पेंशन पानी वाली सूची से गायब है। सरकारी दस्तावेज में उसकी मौत हो चुकी थी।

चिखली ग्राम पंचायत की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।

इस मामले को लेकर पता चला है कि पंचायत की लापरवाही उजागर होने के बाद जनपद अधिकारियों ने उससे ऑनलाइन आवेदन मांगा था। आवेदन देने के बाद भी पेंशन शुरू नहीं हो पाया। बताया गया कि अधिकारियों ने उसे पंचायत सचिव से 3 महीने की पेंशन राशि नगद दिलवा दी और मामले के शांत करने के लिए कह दिया गया।

इस मामले को लेकर गैंदुराम की पत्नी ने बताया कि जिंदा आदमी को मरा हुआ बताकर पेंशन रोक दिया गया जो काफी गलत है। उन्होंने कहा कि पेंशन नहीं मिलने की वजह से वह अपना इलाज भी नहीं करा पा रहे थे। बार-बार शिकायत की। फिर भी अब तक पेंशन मिलनी नहीं शुरू हुई है। हम चाहते हैं कि पेंशन जल्द से जल्द मिलना शुरू हो। जिससे की हमारी परेशानी खत्म हो सके। उन्होंने बताया कि हमारा एक बेटा है। जो मजदूरी करता है। ऐसे में पंचायत स्तर पर मिलने वाली पेंशन की राशि ही हमारे लिए सहारा थी।

वहीं इस संबंध में हमने अंबागढ़ ब्लॉक के जनपद सीईओ बीपी चुरेंद्र से बात की तो उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत के सचिव भीमराव अंबादे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। बुजुर्ग के नाम को वापस से जोड़ दिया गया है। जल्द ही उसे पेंशन मिलने लगेगी। खबरें और भी हैं…