Thursday, October 6, 2022

एक फोन कॉल… डीमैट अकाउंट से पैसा पूरा साफ…….कैसे रहें लुटेरों से सावधान?

छत्तीसगढ़। डीमैट स्कैम इतना खतरनाक है जो पलभर में किसी को कंगाल कर सकता है. यकीन मानिए यह इतना बड़ा और खतरनाक है कि आप महज सुन करके ही डर जाएंगे लेकिन हमारा मकसद आपको डराना नहीं, बल्कि आपको सावधान करना है. निवेशक डीमैट स्कैम से सबसे ज्यादा डरते है. वर्चुअल वर्ल्ड में पल-पल लग रही डेटा सिक्योरिटी की सेंध लगातार लोगों की चिंता बढ़ा रही है. निवेशकों का कहना है कि किसी ने उनका अकाउंट हैक कर लिया और उनकी मर्जी के खिलाफ सौदे कर डाले है.आज हम मामले को परत दर परत आपके सामने रखेंगे. हम बताएंगे कि कैसे आपका डीमैट खाता, हैकर्स के निशाने पर है. हैकर्स की मॉडस ऑपरेंडी क्या है और आपकी वह कौन सी लापरवाही है जो आपके डीमैट में हैकर्स को एंट्री का रास्ता दे देती है. हम आपको हैकर्स के शिकार हुए लोगों की आपबीती भी बताएंगे.

बेहद होशियार हैं साइबर लुटेरे

साइबर लुटेरे बेहद होशियार हैं जो पलभर में आपकी सारी जागरूकता पर पानी फेर देंगे. साइबर ठगों के निशाने पर अधिकारियों से लेकर बैंक के कर्मचारी तक हैं. सब डीमैट अकाउंट में सेंध लगा रहे हैं. एक केस में एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी, जिसे बैंकिंग से लेकर सेबी और शेयर बाजार के सभी गतिविधियों और कार्यशैली की पूरी जानकारी है. दिनदहाड़े उसके डीमैट में डाका डालकर उसके पोर्टफोलियो के सारे शेयर लूट लिए जाते हैं और वह करीब डेढ़ करोड़ रुपए गवां बैठता है.

सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही नहीं बल्कि IT प्रोफेशनल्स भी इन डकैतों से बच नहीं सके, जिसे इमेल, पासवर्ड और OTP की गंभीरता का अंदाजा है. ऐसे एक शख्स के खाते को हैक करके उसके पोर्टफोलियो को 36 लाख रुपए का चूना लगा दिया जाता है और वह कुछ नहीं कर पाता.

आमतौर पर सोसायटी में फाइनेंशियली होशियार माने जाने वाले प्राइवेट एंप्लॉई जो टैक्स डिपोजिट और रिटर्न से लेकर टैक्स सेविंग के गुणा-गणित में माहिर होते है. शेयर के डकैतों से वे भी खुद को नहीं बचा सके. डीमैट के डकैतों ने उनके खाते में डाका डालकर बड़ी रकम का पोर्टफोलियो लूट लिया. 

किन लोगों डीमैट एकाउंट हुए हैं हैक?

डकैतों के चंगुल में कई रिटायर्ड अधिकारी भी हैं. एक अधिकारी के डीमैट खाते से 1.46 करोड़ का पोर्टफोलियो उड़ा दिया गया. एक IT प्रोफेशनल भी लुटेरों का शिकार हो गया. उसका 36 लाख पोर्टफोलियो साफ हो गया. प्राइवेट कर्मचारी तक अपनी प्रोफाइल नहीं बचाए. ऑनलाइन गतिविधियों के मास्टर होने के बाद भी अपना खाता सेफ नहीं रख सके.

शेयर बाजार में लुटेरों के निशाने पर आपका डीमैट अकाउंट होता है. यहां बिना किसी खून-खराबा और हथियार के इस्तेमाल के लूटेरे आपकी जीवन भर की कमाई साफ कर देते हैं. टेक्नॉलॉजी के जमाने में सिर्फ एक बटन दबाकर आपके डीमैट खाते को हैक कर लेते हैं और पलक झपकते ही आपके पोर्टफोलियो के सारे शेयर बेचकर उसकी जगह आपके खाते को पेनी स्टॉक, छोटे शेयर या इलिक्विड स्टॉक से भर देते हैं.

कैसे डीमैट खाता कंट्रोल हासिल करते हैं लुटेरे?

शेयर के लूटेरे बेहद आसानी से आपके डीमैट का कंट्रोल हासिल कर लेते हैं. आपकी एक लापरवाही इनका रास्ता आसान कर देती है सबसे पहले हैकर आपके ब्रोकर के नाम से आपको फोन करता है. एनी कॉलर जैसे वेब आधारित कॉलिंग ऐप से फोन आने से आपको लगेगा कि आपका ब्रोकर के यहां से ही फोन किया जा रहा है जबकि हकीकत में वह हैकर होगा.

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छत्तीसगढ़। डीमैट स्कैम इतना खतरनाक है जो पलभर में किसी को कंगाल कर सकता है. यकीन मानिए यह इतना बड़ा और खतरनाक है कि आप महज सुन करके ही डर जाएंगे लेकिन हमारा मकसद आपको डराना नहीं, बल्कि आपको सावधान करना है. निवेशक डीमैट स्कैम से सबसे ज्यादा डरते है. वर्चुअल वर्ल्ड में पल-पल लग रही डेटा सिक्योरिटी की सेंध लगातार लोगों की चिंता बढ़ा रही है. निवेशकों का कहना है कि किसी ने उनका अकाउंट हैक कर लिया और उनकी मर्जी के खिलाफ सौदे कर डाले है.आज हम मामले को परत दर परत आपके सामने रखेंगे. हम बताएंगे कि कैसे आपका डीमैट खाता, हैकर्स के निशाने पर है. हैकर्स की मॉडस ऑपरेंडी क्या है और आपकी वह कौन सी लापरवाही है जो आपके डीमैट में हैकर्स को एंट्री का रास्ता दे देती है. हम आपको हैकर्स के शिकार हुए लोगों की आपबीती भी बताएंगे.

बेहद होशियार हैं साइबर लुटेरे

साइबर लुटेरे बेहद होशियार हैं जो पलभर में आपकी सारी जागरूकता पर पानी फेर देंगे. साइबर ठगों के निशाने पर अधिकारियों से लेकर बैंक के कर्मचारी तक हैं. सब डीमैट अकाउंट में सेंध लगा रहे हैं. एक केस में एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी, जिसे बैंकिंग से लेकर सेबी और शेयर बाजार के सभी गतिविधियों और कार्यशैली की पूरी जानकारी है. दिनदहाड़े उसके डीमैट में डाका डालकर उसके पोर्टफोलियो के सारे शेयर लूट लिए जाते हैं और वह करीब डेढ़ करोड़ रुपए गवां बैठता है.

सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही नहीं बल्कि IT प्रोफेशनल्स भी इन डकैतों से बच नहीं सके, जिसे इमेल, पासवर्ड और OTP की गंभीरता का अंदाजा है. ऐसे एक शख्स के खाते को हैक करके उसके पोर्टफोलियो को 36 लाख रुपए का चूना लगा दिया जाता है और वह कुछ नहीं कर पाता.

आमतौर पर सोसायटी में फाइनेंशियली होशियार माने जाने वाले प्राइवेट एंप्लॉई जो टैक्स डिपोजिट और रिटर्न से लेकर टैक्स सेविंग के गुणा-गणित में माहिर होते है. शेयर के डकैतों से वे भी खुद को नहीं बचा सके. डीमैट के डकैतों ने उनके खाते में डाका डालकर बड़ी रकम का पोर्टफोलियो लूट लिया. 

किन लोगों डीमैट एकाउंट हुए हैं हैक?

डकैतों के चंगुल में कई रिटायर्ड अधिकारी भी हैं. एक अधिकारी के डीमैट खाते से 1.46 करोड़ का पोर्टफोलियो उड़ा दिया गया. एक IT प्रोफेशनल भी लुटेरों का शिकार हो गया. उसका 36 लाख पोर्टफोलियो साफ हो गया. प्राइवेट कर्मचारी तक अपनी प्रोफाइल नहीं बचाए. ऑनलाइन गतिविधियों के मास्टर होने के बाद भी अपना खाता सेफ नहीं रख सके.

शेयर बाजार में लुटेरों के निशाने पर आपका डीमैट अकाउंट होता है. यहां बिना किसी खून-खराबा और हथियार के इस्तेमाल के लूटेरे आपकी जीवन भर की कमाई साफ कर देते हैं. टेक्नॉलॉजी के जमाने में सिर्फ एक बटन दबाकर आपके डीमैट खाते को हैक कर लेते हैं और पलक झपकते ही आपके पोर्टफोलियो के सारे शेयर बेचकर उसकी जगह आपके खाते को पेनी स्टॉक, छोटे शेयर या इलिक्विड स्टॉक से भर देते हैं.

कैसे डीमैट खाता कंट्रोल हासिल करते हैं लुटेरे?

शेयर के लूटेरे बेहद आसानी से आपके डीमैट का कंट्रोल हासिल कर लेते हैं. आपकी एक लापरवाही इनका रास्ता आसान कर देती है सबसे पहले हैकर आपके ब्रोकर के नाम से आपको फोन करता है. एनी कॉलर जैसे वेब आधारित कॉलिंग ऐप से फोन आने से आपको लगेगा कि आपका ब्रोकर के यहां से ही फोन किया जा रहा है जबकि हकीकत में वह हैकर होगा.