Monday, September 26, 2022

मवेशियों का बन रहा शिकार …..बाघ या तेंदुआ होने की आशंका से ग्रामीणों में दहशत….

कोरबा। कटघोरा वनमंडल अंतर्गत पाली वन परिक्षेत्र के चैतुरगढ़ जंगल एवं इससे लगे चैतमा वन परिक्षेत्र के जंगल में लंबे समय से हिंसक जानवरों के घूमने और दहाड़ से वनांचल के ग्रामीण दहशत में हैं. ये जानवर पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है. उक्त हिंसक जानवर की पुष्टि आधिकारिक तौर पर अब तक नहीं हो सकी है, किंतु उसके पदचिन्ह के अनुसार बाघ अथवा तेंदुआ होने की संभावना जताई जा रही है. वहीं जिन्होंने उस शिकारी जानवर को दूर से देखा है वे बाघ होने की बात कह रहे हैं.

जिले के ऐतिहासिक महत्त्व का धार्मिक एवं मनमोहक पर्यटन स्थल चैतुरगढ़ की पहाड़ियों में गत ग्रीष्मकालीन ऋतु के समय से एक हिंसक जंगली जानवर का लगातार विचरण हो रहा है. उसके दहाड़ से पहाड़ी क्षेत्र थर्राया हुआ है तथा जो वनांचल में बसे ग्रामीणों के पालतू जानवरों को अपना निवाला बना रहा है. बताया जा रहा है कि अचानकमार टाईगर रिजर्व चैतुरगढ जंगल से जुड़े होने से भीषण गर्मी का दौर प्रारंभ होते ही अनेक हिंसक जानवर चारे- पानी की तलाश में इस ओर अपना रुख करते हैं और गर्मी समाप्त होते ही वे पुनः वापस लौट जाते हैं, किंतु उक्त शिकारी जानवर का धमक अभी तक चैतुरगढ की पहाड़ियों में बना हुआ है. अब तक एक दर्जन से भी अधिक पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है.

इस जानवर का दहाड़ वनांचल में बसे ग्रामीणों के रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जिससे वे दहशत में है. जंगल के रास्ते आवागमन के दौरान कुछ लोगों ने उस जंगली जानवर को दूर से देखा भी है, जिसे बाघ होना बता रहे है, किंतु विभागीय रूप से इसकी कोई पुष्टि अब तक नहीं की जा चुकी है. पदचिन्ह को देखकर बाघ या फिर तेंदुआ होने का अंदाजा लगाया जा रहा है. फिलहाल इसकी पुख्ता पुष्टि वन विभाग ही कर सकेगा.

संदेह है मगर अभी तक हिंसक जानवर की पुष्टि नहीं
इस मामले में पाली वन परिक्षेत्र अधिकारी केके जोगी ने बताया कि लंबे समय से जड़गा, पाली और चैतुरगढ क्षेत्र में हिंसक जानवर के क्षेत्र में होने की जानकारी मिल रही है, लेकिन अभी तक न ही किसी ग्रामीण और न ही किसी वनकर्मी द्वारा किसी हिंसक जानवर जैसे बाघ व तेंदुए को दिखे जाने की पुष्टि की गई है. कुछ वर्ष पहले जड़गा रेंज के रावा के जंगल में एक तेंदुआ मृत पाया गया था. पदचिन्हों को जरूर देखा गया है, इससे संदेह जताया जा सकता है कि क्षेत्र में हिंसक जानवर विचरण कर रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. फिलहाल वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है.

GiONews Team
Editor In Chief

Stay Connected

4,364FansLike
5,464FollowersFollow
3,245SubscribersSubscribe

Latest Articles

कोरबा। कटघोरा वनमंडल अंतर्गत पाली वन परिक्षेत्र के चैतुरगढ़ जंगल एवं इससे लगे चैतमा वन परिक्षेत्र के जंगल में लंबे समय से हिंसक जानवरों के घूमने और दहाड़ से वनांचल के ग्रामीण दहशत में हैं. ये जानवर पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रहा है. उक्त हिंसक जानवर की पुष्टि आधिकारिक तौर पर अब तक नहीं हो सकी है, किंतु उसके पदचिन्ह के अनुसार बाघ अथवा तेंदुआ होने की संभावना जताई जा रही है. वहीं जिन्होंने उस शिकारी जानवर को दूर से देखा है वे बाघ होने की बात कह रहे हैं.

जिले के ऐतिहासिक महत्त्व का धार्मिक एवं मनमोहक पर्यटन स्थल चैतुरगढ़ की पहाड़ियों में गत ग्रीष्मकालीन ऋतु के समय से एक हिंसक जंगली जानवर का लगातार विचरण हो रहा है. उसके दहाड़ से पहाड़ी क्षेत्र थर्राया हुआ है तथा जो वनांचल में बसे ग्रामीणों के पालतू जानवरों को अपना निवाला बना रहा है. बताया जा रहा है कि अचानकमार टाईगर रिजर्व चैतुरगढ जंगल से जुड़े होने से भीषण गर्मी का दौर प्रारंभ होते ही अनेक हिंसक जानवर चारे- पानी की तलाश में इस ओर अपना रुख करते हैं और गर्मी समाप्त होते ही वे पुनः वापस लौट जाते हैं, किंतु उक्त शिकारी जानवर का धमक अभी तक चैतुरगढ की पहाड़ियों में बना हुआ है. अब तक एक दर्जन से भी अधिक पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है.

इस जानवर का दहाड़ वनांचल में बसे ग्रामीणों के रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जिससे वे दहशत में है. जंगल के रास्ते आवागमन के दौरान कुछ लोगों ने उस जंगली जानवर को दूर से देखा भी है, जिसे बाघ होना बता रहे है, किंतु विभागीय रूप से इसकी कोई पुष्टि अब तक नहीं की जा चुकी है. पदचिन्ह को देखकर बाघ या फिर तेंदुआ होने का अंदाजा लगाया जा रहा है. फिलहाल इसकी पुख्ता पुष्टि वन विभाग ही कर सकेगा.

संदेह है मगर अभी तक हिंसक जानवर की पुष्टि नहीं
इस मामले में पाली वन परिक्षेत्र अधिकारी केके जोगी ने बताया कि लंबे समय से जड़गा, पाली और चैतुरगढ क्षेत्र में हिंसक जानवर के क्षेत्र में होने की जानकारी मिल रही है, लेकिन अभी तक न ही किसी ग्रामीण और न ही किसी वनकर्मी द्वारा किसी हिंसक जानवर जैसे बाघ व तेंदुए को दिखे जाने की पुष्टि की गई है. कुछ वर्ष पहले जड़गा रेंज के रावा के जंगल में एक तेंदुआ मृत पाया गया था. पदचिन्हों को जरूर देखा गया है, इससे संदेह जताया जा सकता है कि क्षेत्र में हिंसक जानवर विचरण कर रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है. फिलहाल वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है.