PCC महामंत्री अर्जुन तिवारी का दावा- असम में कांग्रेस नीत गठबंधन का सरकार बनना तय

बिलासपुर– असम राज्य में अप्रैल -मई में होने वाले चुनाव की तैयारी में पिछले पखवाड़े भर से गोहाटी में डटे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री  अर्जुन तिवारी ने असम में कांग्रेस नीत गठबंधन सरकार बनने का दावा किया है।
    श्री तिवारी ने बताया कि सत्ता में आने के पहले वर्ष 2016 में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने जिस तरह के सब्जबाग असम की जनता को दिखाया और सत्ता हासिल कर लेने के बाद  5 साल ठीक उलट लोकविरोधी गतिविधियों में लगे रहे।ब्रम्हपुत्र नदी के दोनों किनारे एक्सप्रेस वे बनाने,चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों के पारिश्रमिक में वृद्धि,बोडो टेरिटरी कौंसिल क्षेत्र में रहने वाले लोगो को जमीन के मालिकाना हक देने जैसे अनेक लोकलुभावन वायदा कर सत्ता हासिल किये,लेकिन पांच साल तक भाजपाई अपने आदत और प्रवृत्ति के अनुरूप कमीशन खोरी में लगे रहे।
  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने असम के लिये सेंट्रल चीफ ऑब्ज़र्वर बनाया है और जिस तरह से श्री बघेल असम राज्य का ताबड़ तोड़ दौरा कर रहे हैं,इससे यहां के कांग्रेस जनों में जबरदस्त उत्साह है।श्री भूपेश बघेल के द्वारा छत्तीसगढ़ में  जिस तरह से कांग्रेस पार्टी के द्वारा किये गये घोषणाओं का क्रियान्वयन किये है,उसकी अनुगूंज टीम भूपेश के माध्यम से समूचे असम में गूंज रहा है।किसानों की कर्जमाफी,समर्थन मूल्य में  धान खरीदी और प्रति एकड़ दस हजार प्रोत्साहन राशि,गोधन न्याय योजना जैसी योजनाओं के कारण श्री बघेल के प्रति असामियों में ख़ासा आकर्षण है।असम में धान की खरीदी हजार से लेकर बारह सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से हो रहा है।टी-ट्राइब्स जिनकी संख्या तकरीबन एक करोड़ है उनकी हालत बदतर हो गया है,चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों को 165/रूपये मात्र मजदूरी मिल रहा है,बोडो टेरिटरी रीजन में वर्षों से काबिज लोगो को अपने ही जमीन का मालिकाना हक नही मिला है,नागरिकता संशोधन कानून को लेकर असम के लोगों में भजपा सरकार के प्रति जबरदस्त नाराजगी है।अरबो रुपये खर्च करने के बाद एन. आर.सी.की स्थिति स्पष्ट नही है।
  असम दौरे में आये  राहुल गांधी की घोषणा की कांग्रेस की सरकार आने के बाद चाय बागान के श्रमिकों को 365/रुपये की रोजी एवम नागरिकता संशोधन कानून लागू नही करने जैसे वायदों को असम की जनता ने सर आंखों पर लिया है।2001 से लेकर 2016 तक स्व.तरुण गोगोई के नेतृव में 15 वर्षों में कांग्रेस की सरकार ने असम में जो विकास कार्य किये है वो अब समझ मे आ रहा है कि असम का विकास केवल कांग्रेस की सरकार ही कर सकती है।
  कांग्रेस पार्टी के प्रशिक्षण शिविरों में जिस तरह का अपार उत्साह व भीड़ उमड़ रहा है वो साफ संकेत है कि 2021 में असम में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी।