Monday, September 26, 2022

132 केवी लाइन का बिजली टावर गिरा.. 70 से ज्यादा गांव में ब्लैकआउट..

बिलासपुर– बीते देर शाम चले तेज आंधी में कानन पेंडारी क्षेत्र में 132 केवी का बिजली टावर धराशाई हो गया है। जिससे कोटा रतनपुर क्षेत्र के 70 से ज्यादा गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति है।

दरअसल, चकरभाटा से कोटा 132 केवी के टावर लाइन जाती है। देर शाम बिलासपुर में मौसम बदलने के साथ तेज आंधी और तूफान के बीच 132 केवी का 90 फीट ऊंचा बिजली टावर धराशाई हो गया। जिसके कारण कोटा, बेलगहना और रतनपुर क्षेत्र के लगभग 70 से 100 गांव में ब्लैक आउट हो गया है। बताया जा रहा है बिजली टावर 35 से 40 साल पुराना है। हालांकि टावर गिरने के बाद टॉवर को फिर से दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है। अलग-अलग टीमों को टावर को दुरुस्त करने लगाया गया है। लेकिन जो स्थिति है लगभग 15 से 18 घंटे फिर से टावर को खड़ा करने में लग सकते हैं। देर रात तक टावर को दुरुस्त करने की बात विद्युत विभाग के अधिकारी कह रहे हैं। ऐसे में तब तक इन गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति रह सकती है। हालांकि लगभग 20 से 25 गांवों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति का प्रयास भी बिजली विभाग कर रहा है।

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बिलासपुर– बीते देर शाम चले तेज आंधी में कानन पेंडारी क्षेत्र में 132 केवी का बिजली टावर धराशाई हो गया है। जिससे कोटा रतनपुर क्षेत्र के 70 से ज्यादा गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति है।

दरअसल, चकरभाटा से कोटा 132 केवी के टावर लाइन जाती है। देर शाम बिलासपुर में मौसम बदलने के साथ तेज आंधी और तूफान के बीच 132 केवी का 90 फीट ऊंचा बिजली टावर धराशाई हो गया। जिसके कारण कोटा, बेलगहना और रतनपुर क्षेत्र के लगभग 70 से 100 गांव में ब्लैक आउट हो गया है। बताया जा रहा है बिजली टावर 35 से 40 साल पुराना है। हालांकि टावर गिरने के बाद टॉवर को फिर से दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है। अलग-अलग टीमों को टावर को दुरुस्त करने लगाया गया है। लेकिन जो स्थिति है लगभग 15 से 18 घंटे फिर से टावर को खड़ा करने में लग सकते हैं। देर रात तक टावर को दुरुस्त करने की बात विद्युत विभाग के अधिकारी कह रहे हैं। ऐसे में तब तक इन गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति रह सकती है। हालांकि लगभग 20 से 25 गांवों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति का प्रयास भी बिजली विभाग कर रहा है।