Tuesday, September 27, 2022

प्रमोशन निरस्त: एक दर्जन से अधिक बाबुओं का प्रमोशन निरस्त….संयुक्त संचालक का आदेश….फिर DPC,GPM शिक्षा अधिकारी से मांगा गया स्पष्टीकरण।

बिलासपुर। संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग आरएन हीराधर आदेश जारी कर 14 बाबुओं का प्रमोशन निरस्त कर दिया है। आदेश की कापी डायरेक्टर को भी भेजा गया है। आदेश में कहा गया है कि 14 बाबुओं का प्रमोशन नियम विरूद्ध किया गया है। पदोन्नति आदेश निरस्त करते हुए फिर से डीपीसी का आदेश दिया जाता है।  संयुक्त संचालक आरएन हीराधर ने गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिला में पदोन्नत हुए बाबुओं के आदेश को निरस्त कर दिया है। एक आदेश जारी कर संयुक्त संचालक ने बताया कि जिले में सहायक ग्रेड 3 से सहायक ग्रेड 2 के लिए किया गया प्रमोशन सामान्य प्रशासन के अनुसार नहीं है। जांच पड़ताल में पाया गया है कि बाबुओं को दिया गया प्रमोशन नियम विरुद्ध है। इसलिए पदोन्नति आदेश को निरस्त किया जाता है। 

संयुक्त संचालक कार्यालय से जारी आदेश में बताया गया है कि नियमानुसार डीपीसी कर अर्हता वाले कर्मचारियों को ही पदोन्नति दिया जाए। मामले के जानकारी 15 दिनों के भीतर अवगत कराया जाए। साथ ही अनियमितता के कारणों की जानकारी सात दिनों के अन्दर जिम्मेदारी अधिकारी कार्यालय के सामने पेश करें।           

                   आपको बता दें कि पदोन्नति मामले को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष कमाल खान ने लोकायुक्त में शिकायत किया था। अपनी शिकायत में कमाल खान बताया कि जीपीएम जिला शिक्षा अधिकारी ने सामान्य प्रशासन से निर्धारित नियमों से खिलवाड़ कर प्रमोशन दिया है।

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बिलासपुर। संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग आरएन हीराधर आदेश जारी कर 14 बाबुओं का प्रमोशन निरस्त कर दिया है। आदेश की कापी डायरेक्टर को भी भेजा गया है। आदेश में कहा गया है कि 14 बाबुओं का प्रमोशन नियम विरूद्ध किया गया है। पदोन्नति आदेश निरस्त करते हुए फिर से डीपीसी का आदेश दिया जाता है।  संयुक्त संचालक आरएन हीराधर ने गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिला में पदोन्नत हुए बाबुओं के आदेश को निरस्त कर दिया है। एक आदेश जारी कर संयुक्त संचालक ने बताया कि जिले में सहायक ग्रेड 3 से सहायक ग्रेड 2 के लिए किया गया प्रमोशन सामान्य प्रशासन के अनुसार नहीं है। जांच पड़ताल में पाया गया है कि बाबुओं को दिया गया प्रमोशन नियम विरुद्ध है। इसलिए पदोन्नति आदेश को निरस्त किया जाता है। 

संयुक्त संचालक कार्यालय से जारी आदेश में बताया गया है कि नियमानुसार डीपीसी कर अर्हता वाले कर्मचारियों को ही पदोन्नति दिया जाए। मामले के जानकारी 15 दिनों के भीतर अवगत कराया जाए। साथ ही अनियमितता के कारणों की जानकारी सात दिनों के अन्दर जिम्मेदारी अधिकारी कार्यालय के सामने पेश करें।           

                   आपको बता दें कि पदोन्नति मामले को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष कमाल खान ने लोकायुक्त में शिकायत किया था। अपनी शिकायत में कमाल खान बताया कि जीपीएम जिला शिक्षा अधिकारी ने सामान्य प्रशासन से निर्धारित नियमों से खिलवाड़ कर प्रमोशन दिया है।