Thursday, October 6, 2022

पुलिस विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र देकर मोटी रकम ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़.. भाजपा पार्षद, निगमकर्मी, आरक्षक समेत चार गिरफ्तार.. देखिए वीडियो..

बिलासपुर– पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिसने पुलिस विभाग में ही नौकरी की नियुक्ति पत्र दिया। इस पूरे मामले में पुलिस ने भाजपा पार्षद रेणुका नागपुरे निगम कर्मी भोजराज नायडू, पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक पंकज शुक्ला समेत चार लोगो को गिरफ्तार किया है, और नकद रकम, नियुक्ति पत्र में उपयोग किए जाने वाले सामान को जप्त कर कार्रवाई कर रही है।

एडिश्नल एसपी उमेश कश्यप ने खुलासा किया कि आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने पुलिस कप्तान कार्यालय पहुंचा। इसी दौरान शाखा प्रभारी को शक हुआ। उसने मामले की शिकायत सिविल लाइन में की। पुलिस ने पियुष प्रजापति को तत्काल अपने कब्जे में लिया। पियूष प्रजापति ने पूछताछ के दौरान बताया, कि निगम के दो लोग पुलिस विभाग में नौकरी लगाने का झांसा दिया। जबकि सिविल लाइन  में पदस्थ सिपाही पंकज ग्राहक तलाश कर नियुक्त पत्र बनाने का काम करता था। पीयूष से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह में शामिल भाजपा नेता और पार्षद रेणुका प्रसाद नगपुरे, निगमकर्मी भोजराज नायडू और सिविल लाइन में पदस्थ आरक्षक पंकज शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी देते चलें कि रेणुका नगपुरे भाजपा के रेलवे क्षेत्र से बड़ा चेहरा है। चार बार पार्षद भी रह चुके हैं। जबकि भोजराज नायडू भी भाजपा के नेता हैं। उमेश कश्यप ने बताया कि बहरहाल फर्जी नियुक्त मामले में अभी भी छानबीन की जा रही है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि अभी कई मामले सामने आएंगे। 

पुलिस ने आरोपियो का मोबाइल जब्त किया है। मोबाइल छानबीन के दौरान कई फर्जी नियुक्ति से लेकर लेने देन का प्रमाण भी मिला है। इसके अलावा आरोपियों से नियुक्ति संबधित फर्जी दस्तावेद भी बरामद किया गया है। पुलिस विभाग के बाबू पंकज शुक्ला से लैपटाप बरामद हुआ है। लैपाटाप से कई जानकारियां भी मिली हैं।

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बिलासपुर– पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जिसने पुलिस विभाग में ही नौकरी की नियुक्ति पत्र दिया। इस पूरे मामले में पुलिस ने भाजपा पार्षद रेणुका नागपुरे निगम कर्मी भोजराज नायडू, पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक पंकज शुक्ला समेत चार लोगो को गिरफ्तार किया है, और नकद रकम, नियुक्ति पत्र में उपयोग किए जाने वाले सामान को जप्त कर कार्रवाई कर रही है।

एडिश्नल एसपी उमेश कश्यप ने खुलासा किया कि आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइन करने पुलिस कप्तान कार्यालय पहुंचा। इसी दौरान शाखा प्रभारी को शक हुआ। उसने मामले की शिकायत सिविल लाइन में की। पुलिस ने पियुष प्रजापति को तत्काल अपने कब्जे में लिया। पियूष प्रजापति ने पूछताछ के दौरान बताया, कि निगम के दो लोग पुलिस विभाग में नौकरी लगाने का झांसा दिया। जबकि सिविल लाइन  में पदस्थ सिपाही पंकज ग्राहक तलाश कर नियुक्त पत्र बनाने का काम करता था। पीयूष से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह में शामिल भाजपा नेता और पार्षद रेणुका प्रसाद नगपुरे, निगमकर्मी भोजराज नायडू और सिविल लाइन में पदस्थ आरक्षक पंकज शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी देते चलें कि रेणुका नगपुरे भाजपा के रेलवे क्षेत्र से बड़ा चेहरा है। चार बार पार्षद भी रह चुके हैं। जबकि भोजराज नायडू भी भाजपा के नेता हैं। उमेश कश्यप ने बताया कि बहरहाल फर्जी नियुक्त मामले में अभी भी छानबीन की जा रही है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि अभी कई मामले सामने आएंगे। 

पुलिस ने आरोपियो का मोबाइल जब्त किया है। मोबाइल छानबीन के दौरान कई फर्जी नियुक्ति से लेकर लेने देन का प्रमाण भी मिला है। इसके अलावा आरोपियों से नियुक्ति संबधित फर्जी दस्तावेद भी बरामद किया गया है। पुलिस विभाग के बाबू पंकज शुक्ला से लैपटाप बरामद हुआ है। लैपाटाप से कई जानकारियां भी मिली हैं।