गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही : – स्वच्छता की एक ऐसी मिशाल जिसने 8 वर्ष पहले तालाब की सफाई का बीड़ा अपने कांधो पर लिया और देखते ही देखते आज तालाब शहर में खूबसूरती का केंद्र बन चुका है
आपको बता दे 8 वर्ष पहले जिस तालाब को लोग भुतहा तालाब से जानते थे जहाँ गंदगी का अंबार लगा हुआ था आमजन तालाब के आसपास भी जाने से कतराते थे आज वही तालाब अपनी खूबसूरती की अलग मिशाल पेश कर रहा है यह अनोखा काम करके दिखाया है पेण्ड्रा के समाजसेवी हर्ष छाबरिया ने हर्ष और उनकी टीम बीते 8 वर्षों से निस्वार्थ सेवा भाव से इस मुहिम में लगी हुई है

महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकारें तालाबो के संरक्षण और संवर्धन को लेकर तमाम तरह की योजनाएं और मुहिम चलाती है मगर यह मुहिम धरातल पर नजर नही आती जिसका खामियाजा यह देखने को मिलता है कि आज दुर्गा विसर्जन और गणेश विसर्जन को ही तालाब नजर नही आते ऐसे में जरूरी हो जाता है कि तालाबो का संरक्षण और संवर्धन किया जाए जिसका जिम्मा उठाते हुए हर्ष और उनकी टीम 8 वर्षों से नवरात्र के पहले यह सफाई अभियान शुरू कर देती है ताकि नवरात्र में माँ दुर्गा विसर्जन किया जा सके . वही इस सफाई के बाद अब शहर की महिलाओं को छट पूजा के लिए भी तालाब खोजने की जरूरत नही पड़ती दुर्गा सरोवर में छट पूजा के लिए भी महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ता है और महिलाएं इस सफाई के लिए हर्ष छाबरिया को धन्यवाद भी ज्ञापित करती है .

बताते चले कि समाजसेवी हर्ष की इसी निःस्वार्थ सेवा भाव और दृण इक्षा शक्ति को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद ने इन्हें जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है जिला जीपीएम हर्ष छाबरिया को स्वच्छता के नजीर के रूप में जानता है

उल्लेखनीय है कि ऐसे समाजसेवी की राजनीति में ज्यादा जरूरत है जो निःस्वार्थ सेवा भाव से जनता की सेवा करे वही आमजनमानस में यह चर्चा भी है कि भाजपा अगर हर्ष छाबरिया पर दांव लगाती है तो भाजपा के लिए अभेद रहा कोटा विधानसभा इस बार ताजपोशी भी करा सकता है चूंकि कोरोना के समय हर्ष छाबरिया ने जो पेण्ड्रा से रतनपुर माँ महामाया के चरणों मे सभी की कुशलता की कामना के लिए पैदल यात्रा की थी इस पैदल यात्रा में भी हर्ष छाबरिया को पेण्ड्रा , बेलगहना , कोटा रतनपुर की जनता ने अपार प्रेम और स्नेह देते हुए इस पैदल यात्रा को सफल बनाया था हर्ष एक ऐसी छवि है जो अरपा के इस पार और उस पार दोनो ओर अलग ही काफी चर्चित और प्रचलित नाम है .

By GiONews Team

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