“वह बचाओ बचाओ, कोई तो बचा लो मुझे चिल्ला रहा था, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थी कि कोई भी उसे बचा नही सका” ये शब्द हैं उस पुलिसकर्मी के जो कि बिलासपुर में हुए भीषण दुर्घटना के बाद सबसे पहले मौके पर पहुंचा था। इसी पुलिस वाल ने ड्राइवर की मौत के बाद उसके शरीर का जला हुआ टुकड़े को अपने हाथों से उठाया।

बिलासपुर – शनिवार रात 10:45 बजे भीषण सड़क दुर्घटना हुई। रायपुर से बिलासपुर की ओर आ रहे एक ट्रक ने रायपुर बिलासपुर हाईवे पर खड़े दूसरे ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी थी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि टक्कर लगते ही ट्रक में तुरंत आग लग गई, जिसमें ठोकर मारने वाले ट्रक ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। पास खड़े 2 और ट्रक भी इन्ही गाड़ियों की चपेट में आ गए। कल मिलाकर पूरे हादसे में चार ट्रक जलकर राख हो गए हैं। बताया गया है कि आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल की 5 गाड़ियों को मौके पर भेजना पड़ा।

इस दुर्घटना में बाल-बाल बचे दूसरे ट्रक ड्राइवर अवशेरी लाल ने बताया कि वो और उसका खलासी रायपुर से गाड़ी खाली करके बिलासपुर की तरफ आ रहे थे। इस दौरान खाना खाने के लिए उन्होंने भोजपुरी टोल प्लाजा के पास मौजूद ढाबे में खाना खाने का फैसला किया। इसके लिए उन्होंने अपनी गाड़ी को ढाबे के पास ही रोड के किनारे लगा दिया। दोनों खाना खा ही रहे थे कि उन्होंने एक धमाके की आवाज सुनी। उन्होंने देखा कि एक ट्रक ने उनके गाड़ी के बगल में खड़ी दूसरे ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही उस ट्रक में आग लग गई। ड्राइवर ने बताया कि उनकी गाड़ी उसी ट्रक के ठीक बगल में ही खड़ी थी। जिस ट्रक को टक्कर मारी गई थी। आगे ट्रकों की लंबी लाइन होने की वजह से उसे अपनी गाड़ी निकालने का मौका नहीं मिला और उसकी गाड़ी भी आग की चपेट में आ गई।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही हिर्री थाने में पदस्थ धर्मेंद्र कश्यम सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हम जब आए तब तक ट्रक में मौजूद ड्राइवर जिंदा था। जोरदार टक्कर की वजह से स्टेयरिंग का निचला हिस्सा पूरी तरह से दब गया। इसी हिस्से में ड्राइवर का पैर फंसा था। वह लगातार बचाओ – बचाओ चिल्ला रहा था लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थी कि कोई भी उसे बचा नहीं सका। हम केवल बेबस होकर दमकल की गाड़ी का इंतजार करते रहे। आगे उन्होंने बताया की जब तक दमकल की गाड़ी आग बुझाती तब तक ड्राइवर का शरीर पूरी तरह से जल चुका था। हमने उसके शरीर के टुकड़ों को अपने हाथों से समेटा। ट्रक आपस में पूरी तरह से घुस गए थे, जिन्हें JCB मशीन की मदद से अलग किया गया।

आग लगने की असल वजह – दरअसल जब गाड़ियों की टक्कर हुई तब जिस गाड़ी ने पीछे से टक्कर मारी थी उसका रेडिएटर फट गया और उसमे से तेल का रिसाव होने लगा। इसी तेल में आग अलग गई। वहीं जिस ट्रक को टक्कर मारी गई थी उसमे बैलून और मेडिकल समेत कई तरह का सामान भरा हुआ था। इसके कारण गाड़ी में तुरंत आग लग गई।

इस दुर्घटना में 4 ट्रक जलकर खाक हो गए हैं। इसमें से एक ट्रक ड्राइवर की जल कर मौत हो गई, वहीं दो ड्राइवर मौके पर मौजूद रहे। लेकिन जिस ट्रक में बलून और अन्य सामान लोड था वह तुरंत मौके से फरार हो गया। ये वही ट्रक है जिसे रायपुर से आ रही एक ट्रक ने टक्कर मारी थी। पुलिस के अनुसार उसकी तलाश की जा रही है। घटना में जान गंवाने वाले ड्राइवर की अभी पहचान नहीं हो सकी है।

आरक्षक धर्मेंद्र ने बताया कि आग दूसरी गाड़ियों में न लगे या फिर उससे किसी ग्रामीण को नुकसान न पहुंचे इसके लिए वह रात भर मौके पर मौजूद थे। सुबह होते ही आग पर जब काबू पाया गया तब तक इलाके के ग्रामीण घटना स्थल पर आ चुके थे। थकान की वजह से जब अपने साथियों के साथ वह पास ही मौजूद ढाबे में चाय पीने गया तो ग्रामीण दुर्घटना ग्रस्त ट्रक से सामान उठाकर भागने लगे। जिन्हें बाद में पुलिसकर्मियों ने भगाया।

By GiONews Team

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