बिलासपुर- हम जीते जी कई दान कर सकते और मृत्यु के उपरांत परिवार वाले नेत्रदान कर किसी जीवन को रोशन कर सकते हैं। लगातार सरकार व सामाजिक संस्थाओं के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसके परिणाम स्वरूप स्वर्गीय जय रामदास मोटवानी की पत्नी शांति देवी का निधन होने पर उनके परिवार के सदस्यों ने नेत्रदान की इच्छा जाहीर की हंसा विहार निवासी कदम के सक्रिय सदस्य भरत चावला के माध्यम से कदम संस्था द्वारा सक्रियता दिखाते हुए सिम्स ऑप्थोमानल डिपरमेंट से डॉ अमित अमित मिर्रे , डॉ संजय चौधरी ने कोर्निया को सफलता पूर्वक निकाला व प्रिसर्वेटिव लिक्विड में रख सिम्स के नेत्रविभाग में जमा किया। जो की लैब चेकअप के बाद दो विभिन्न लोगो को ट्रांस्प्लांट की जाएगी। कोर्निया को प्रिसर्वेटिव लिक्विड में रखने के पश्चात उसे उपस्थित लोगो को भी दिखाया गया जहां लोगो को आश्चर्य हुआ की इतनी सी कोर्निया के माध्यम से किसी के जीवन में उजाला हो सकता है। तो हम भी नेत्रदान का संकल्प लेंगे। उपस्थित लोगो में बहुत लोगो ने भविष्य में नेत्रदान संकल्प लेने की बात कही। कदम संस्था के संस्थापक सुनील आडवाणी सहित सदस्य सुनील तोलानी, प्रवक्ता पवन आडवाणी उपस्थित रहे।
ज्ञात हो कि कदम फाउंडेशन मुख्य रूप से ग्रामीण जागरूकता हेतु सक्रिय रूप से टॉक प्रति सप्ताह विभिन्न स्कूल व कॉलेज में आयोजित करता है।
वर्तमान में कोटा के निरंजन केशरवानी महाविद्यालय में किए गए टॉक से प्रभावित हो कर भी एक कोर्निया दान कोटा कारगी रोड से प्राप्त हुआ था।

ज्ञात हो कि कभी नेत्रदान होता था और नेत्र ( आँख ) निकली जाती थी। आधुनिक विज्ञान के प्रभाव में आने से अब केवल शर्ट के बटन जितनी झिल्ली ( कोर्निया ) ही निकाली जाती है न की पूरी आँख।अब कोर्निया दान होता है

By GiONews Team

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