बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल में बनाए जा रहे उत्पादों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लघु उद्यमियों को मार्केट उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने शहर में ‘सी-मार्ट’ शुरू करने का फैसला लिया है। बिलासपुर में फिलहाल दो जगहों पर ‘सी-मार्ट’ शुरू किया गया है, जिसका वर्चुअल उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार को करेंगे। यहां 536 से अधिक ग्रामीण उत्पादों की बिक्री की जाएगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उद्योग विभाग को सभी जिला मुख्यालयों में सी-मार्ट स्थापित करने का निर्देश जारी किया था। राजधानी रायपुर में सी मार्ट शुरू होने के बाद बिलासपुर सहित अन्य जिलों में इसकी शुरूआत करने की तैयारी चल रही थी। नगर निगम ने सरकंडा स्थित CMHO ऑफिस के साथ ही राजेंद्र नगर में सी मार्ट बनाया गया है। सी-मार्ट तैयार होने के साथ महिला स्वसहायता समूह के माध्यम से यहां उत्पादों की बिक्री शुरू कर दी है। लेकिन, अब तक इनका औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ था।

संभाग के पहले सी-मार्ट का सीएम करेंगे वर्चुअल शुभारंभ
बिलासपुर संभाग में पहले सी-मार्ट स्थापित किया गया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसका वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। यहां सी-मार्ट की स्थापना होने से सुदूर वन क्षेत्र के वनोत्पाद के साथ ही हस्तनिर्मित उत्पादों को बाजार मिलेगा।

सी-मार्ट में इनकी बिक्री होगी
सी- मार्ट में छत्तीसगढ़ के हर्बल्स के उत्पाद जैसे शहद, बेल जूस, आंवला जूस, बस्तर का त्रिफला, आंवला मुरब्बा, महुंआ आचार, मधुकम सेनेटाईजर, चिरौंजी जैसे गुणवत्तायुक्त विशुद्ध वन उत्पाद से प्रसंस्कृत होकर बने वनौषधि उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इसके साथ ही यहां ढेकी से कूटा हुआ चावल, घानी से निकाला हुआ तेल, कोदो, कुटकी, मक्का से लेकर सभी दलहनी फसलें बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। यही नहीं, गांवों में बने फूलझाड़ू, टेराकोटा, बेलमेटल, बांस उत्पाद, चमड़े के सामान, लौहशिल्प, कोसा सिल्क और लकड़ी के उत्पाद के साथ ही 536 से अधिक उत्पाद भी यहां बिकेंगे।

हर जिले में शुरू किया जाएगा सी-मार्ट
राज्य सरकार ने पहले चरण में नगर निगम वाले जिलों में सी-मार्ट सभी जिला मुख्यालयों में शुरू करने का फैसला लिया है। इसके लिए शोरूम बनाने के लिए 8 से 10 हजार वर्गफुट जमीन या फिर सरकारी भवन की तलाश की गई। इसके बाद दूसरे चरण में जिला मुख्यालय के नगर पालिका होने की स्थिति में सी- मार्ट शुरू करने की योजना बनाई है। इसके लिए 6 से 8 हजार वर्गफुट जमीन की तलाश की जाएगी। इसके लिए किसी शासकीय भवन का उपयोग करने का भी निर्देश हैं।

मार्केटिंग के लिए विशेष रणनीति पर जोर
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों की तरह ग्रामीण उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था लघु वनोपज संघ द्वारा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने जिला कलेक्टरों को महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित एवं अन्य सभी पारंपरिक उत्पादकों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था हेतु प्रबंध संचालक लघु वनोपज संघ से समन्वय करने को कहा है।

By GiONews Team

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