बिलासपुर – तखतपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कमरों की छतें 5 महीने भी नहीं टिक सकीं। पहली बारिश में ही कमरों में लगाए गए शेड में सीलन आ गई और फॉल सीलिंग गिरने लगी। इसके चलते वहां रखे हजारों रुपए के उपकरण भी खराब हो गए हैं। 16 लाख रुपए खर्च कर इन कमरों का निर्माण कराया गया था। अब अफसर इसके लिए इंजीनियर को दोष दे रहे हैं। उनका कहना है कि लिंटर डालना था, पर मनमाना काम हुआ।

दरअसल, तखतपुर स्थित में वैक्सीनेशन के लिए फरवरी में 3 कमरे बनवाए गए थे। तीनों कमरों में टाइल्स सहित टिन शेड और फॉल सीलिंग का काम किया गया था। पहले मानसून ने ही इसकी रंगत बिगाड़ दी। बारिश होने के साथ ही शेड से पानी अंदर गिरने लगा, सीलन आ गई और फाल सीलिंग नीचे गिर गई। इन कमरों का निर्माण कार्य छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से किया गया था।

लगातार फॉल सीलिंग गिरने से वहां काम कर रहे कर्मचारी भी डर के साए में है। उनको चिंता रहती है कि कभी भी उनके ऊपर सीलिंग गिर सकती है। वहीं कमरों में फीजियोथेरैपी के लिए मंगवाए गए हजारों रुपए के उपकरण खराब हो चुके हैं। राहत की बात बस इतनी है कि कमरे बनने के बाद 45+ का वैक्सीनेशन किया गया था। उस दौरान हादसा नहीं हुआ। इसके बाद 18+ के लिए के पास स्थित सांस्कृतिक भवन में टीकाकरण किया जा रहा है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इन कमरों का निर्माण कार्य कराने वाले इंजीनियर की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो चुकी है। अब विकास खंड चिकित्साधिकारी डॉ. निखिलेश गुप्ता को घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका कहना है कि जिस समय कमरों का निर्माण कार्य चल रहा था, तभी लिंटर डालने के लिए कहा था। इसके बाद भी इंजीनियर ने अच्छा काम करने की बात कही, और अब ये टूट-टूटकर गिर रहा है।

By GiONews Team

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